{"_id":"572241b64f1c1b3f44a916c1","slug":"notice-for-industrial-units-in-the-city","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 दिन में शहर से बाहर ले जाएं उद्योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 दिन में शहर से बाहर ले जाएं उद्योग
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:16 PM IST
विज्ञापन
पेपर फैक्ट्री
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बीते 15 साल से शहर के बीच चल रही औद्योगिक इकाइयों को अब 15 दिन का अल्टीमेटम दे दिया गया है। यमुना कार्य योजना के नोडल अफसर एडीएम वित्त रविन्द्र कुमार ने कहा कि इन अवधि में इकाईयों को स्थानांतरित नहीं किया तो तालाबंदी कर दी जाएगी। यमुना में प्रदूषण पर एनजीटी के कड़े रुख के बाद जिला प्रशासन के तेवर सख्त हो गए हैं।
गौरतलब है यमुना प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना के बाद अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में इसकी सुनवाई चल रही है। इधर पूर्व में ही वृंदावन में कूड़ा जलाए जाने और मथुरा में शहर के बीच चल रही औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर एनजीटी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया।
एनजीटी के रुख के बाद अधिकारियों ने उद्यमियों को 15 दिन के अंदर उद्योगों को शहर के बाहर स्थापित करने को कहा है। अन्यथा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इधर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित अफसरों से कहा कि 15 दिन बाद वो इन उद्योगों को शहर से बाहर स्थापित करने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
शहर के बीच चल रही 250 इकाइयां!
मथुरा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शह पर शहर में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां धड़ल्ले से चल रही हैं। इनसे निकलने वाला रसायन सीधे यमुना में समा रहा है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में ऐसी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 51 है। इनमें अधिकांश वाइब्रेटर, निकिल प्लांट, ढोल, पॉलिशिंग, मैटल फिनिशर्स के प्लांट है।
छह से अधिक के काटे विद्युत कनेक्शन
प्रशासन ने बीते दिन शहर में संचालित छह से अधिक औद्योगिक इकाईयों के विद्युत कनेक्शन काट दिए। इससे परेशान उद्यमी नोडल अधिकारी एडीएम वित्त के पास पहुंचे। एडीएम ने कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में करने को कहा है। इस पर उद्यमियों ने 15 दिन की मोहलत मांगी।
शहर के बीच चल रही औद्योगिक इकाइयों को हर हाल में शहर के बाहर स्थापित होना होगा। इसके लिए कई बार समय दिया जा चुका है। अब व्यापारियों को 15 दिन का समय दिया है, उसके बाद सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।
- राजेश कुमार
जिलाधिकारी
विज्ञापन
गौरतलब है यमुना प्रदूषण को लेकर उच्च न्यायालय के आदेशों की लगातार अवहेलना के बाद अब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में इसकी सुनवाई चल रही है। इधर पूर्व में ही वृंदावन में कूड़ा जलाए जाने और मथुरा में शहर के बीच चल रही औद्योगिक इकाइयों के संचालन पर एनजीटी ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया।
विज्ञापन
एनजीटी के रुख के बाद अधिकारियों ने उद्यमियों को 15 दिन के अंदर उद्योगों को शहर के बाहर स्थापित करने को कहा है। अन्यथा सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
विज्ञापन
इधर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण, बिजली विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित सभी संबंधित अफसरों से कहा कि 15 दिन बाद वो इन उद्योगों को शहर से बाहर स्थापित करने के लिए सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
शहर के बीच चल रही 250 इकाइयां!
मथुरा। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शह पर शहर में 250 से अधिक औद्योगिक इकाइयां धड़ल्ले से चल रही हैं। इनसे निकलने वाला रसायन सीधे यमुना में समा रहा है। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों में ऐसी औद्योगिक इकाइयों की संख्या 51 है। इनमें अधिकांश वाइब्रेटर, निकिल प्लांट, ढोल, पॉलिशिंग, मैटल फिनिशर्स के प्लांट है।
छह से अधिक के काटे विद्युत कनेक्शन
प्रशासन ने बीते दिन शहर में संचालित छह से अधिक औद्योगिक इकाईयों के विद्युत कनेक्शन काट दिए। इससे परेशान उद्यमी नोडल अधिकारी एडीएम वित्त के पास पहुंचे। एडीएम ने कोर्ट के आदेश का पालन हर हाल में करने को कहा है। इस पर उद्यमियों ने 15 दिन की मोहलत मांगी।
शहर के बीच चल रही औद्योगिक इकाइयों को हर हाल में शहर के बाहर स्थापित होना होगा। इसके लिए कई बार समय दिया जा चुका है। अब व्यापारियों को 15 दिन का समय दिया है, उसके बाद सख्ती से आदेश का पालन कराया जाएगा।
- राजेश कुमार
जिलाधिकारी