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UP: यूट्यूब देखकर चीर दिया खुद का पेट, कर डाला अपना ऑपरेशन...; रसिया के डॉ. लियोनिद ने भी ऐसा ही किया था
Fri, 21 Mar 2025 01:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Mar 2025 01:37 PM IST
सार
मथुरा में युवक ने खुद का ऑपरेशन कर डाला। इसके बाद से एक लंबी बहस छिड़ गई है। सबकी जुबान पर रसिया के डॉक्टर लियोनिद का नाम आ रहा है, जिन्होंने अपने अपेंडिक्स का खुद ही ऑपरेशन कर डाला था।
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अस्पताल में भर्ती युवक
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
वृंदावन में खुद ही अपना ऑपरेशन करने के मामले पर नई बहस छिड़ गई है। मामला सामने आने के बाद रसिया के डॉ. लियोनिद इवानोविच रोगोजोव का जिक्र हो रहा है। वर्ष 1961 में सोवियत अंटार्कटिक अभियान में वह हिस्सा लेने पहुंचे थे, जहां उन्हें अपेंडिसाइटिस हो गया और उस समय वहां एकमात्र मेडिकल प्रोफेशनल होने के कारण उन्हें खुद ही अपेंडेक्टोमी करनी पड़ी। ये न भूलें कि वह चिकित्सक थे।
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ग्रेस्ट्रो सर्जन डॉ. नितिन गोयल ने बताया कि हर कोई लियोनिद रोगोजोव नहीं हो सकता। इस तरह के कृत्य से मौके पर जान जा सकती है। उनका कहना है कि वृंदावन में राजाबाबू द्वारा खुद ही अपना ऑपरेशन कर लेना जैसा प्रयास महानता नहीं बल्कि पागलपन की श्रेणी में आता है। इस प्रयास ने युवक ने न सिर्फ अपनी जान से खिलवाड़ किया, परिवार के सामने भी परेशानी खड़ी कर दी। अगर आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते उन्होंने यह कदम उठाया तो भी पूरी तरह गलत है, क्योंकि सरकार की ओर से आयुष्मान योजना चलाई जा रही है।
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वहीं, कई चिकित्सक ऐसे हैं जो मानवता के नाते निशुल्क ऑपरेशन के लिए हमेशा तत्पर हैं। जो काम जिसका है उसी से कराना है। यूट्यूब देखकर ऑपरेशन करना अपनी जान से खिलवाड़ करना है। एक ओर जहां छोटी सी बीमारी होेने पर भी डॉक्टर के परामर्श से दवाई लेने की सलाह दी जाती है दूसरी ओर इस तरह का प्रयास करना कहीं से कहीं तक उचित नहीं है।
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ये है मामला
सुनरख निवासी चाचा राजा बाबू (32) पुत्र कन्हैया ठाकुर कई दिनों से पेट दर्द से परेशान थे। वह कई बार डॉक्टरों से इलाज करा चुके थे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। 18 साल पहले उनका अपेंडिक्स का ऑपरेशन हो चुका था, जिसके बाद से उन्हें बार-बार पेट दर्द की शिकायत रहती थी। लगातार दर्द से तंग आकर उन्होंने खुद ही अपना ऑपरेशन करने की ठान ली।
सुनरख निवासी चाचा राजा बाबू (32) पुत्र कन्हैया ठाकुर कई दिनों से पेट दर्द से परेशान थे। वह कई बार डॉक्टरों से इलाज करा चुके थे, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। 18 साल पहले उनका अपेंडिक्स का ऑपरेशन हो चुका था, जिसके बाद से उन्हें बार-बार पेट दर्द की शिकायत रहती थी। लगातार दर्द से तंग आकर उन्होंने खुद ही अपना ऑपरेशन करने की ठान ली।
सुन्न कर चीर दिया पेट
राजा बाबू ने डॉक्टरों की तरह इंजेक्शन लगाकर खुद को सुन्न किया। इसके बाद सर्जिकल ब्लेड से अपना पेट चीर दिया। शुरुआत में दर्द का एहसास नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म हुआ वह तड़पने लगा। इस दौरान उसने पेट में 11 टांके भी लगा लिए। फिर भी दर्द से राहत नहीं मिली। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगा। युवक की चीखें सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में भर्ती कर लिया है और उसका इलाज जारी है।
राजा बाबू ने डॉक्टरों की तरह इंजेक्शन लगाकर खुद को सुन्न किया। इसके बाद सर्जिकल ब्लेड से अपना पेट चीर दिया। शुरुआत में दर्द का एहसास नहीं हुआ, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म हुआ वह तड़पने लगा। इस दौरान उसने पेट में 11 टांके भी लगा लिए। फिर भी दर्द से राहत नहीं मिली। वो जोर-जोर से चिल्लाने लगा। युवक की चीखें सुनकर परिजन दौड़े और उसे तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में भर्ती कर लिया है और उसका इलाज जारी है।