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सोशल मीडिया पर फैलाई भ्रामक खबर तो कार्रवाई
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 12 May 2016 11:17 PM IST
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स्कूल बंद होने के बाद परिषदीय शिक्षक सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। कुछ शिक्षकों के सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए मैसेज असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अब बीएसए ने ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
छह मई से ग्रीष्मावकाश घोषित होने के बाद परिषदीय स्कूलों को सिर्फ शिक्षकों के लिए खोला गया है। ताकि पदोन्नत होने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षण के अतिरिक्त कार्य कर सकें। स्कूल में विद्यार्थियों के न आने पर खाली बैठे शिक्षक इन दिनों सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय हो गए हैं। कुछ शिक्षक बीएसए कार्यालय के आदेशों को भी पोस्ट करने में काफी जल्दी कर जाते हैं। चाहे वह आदेश गलत हो अथवा उसमें कुछ संशोधन हुआ हो।
गत दिवस भी एक शिक्षक ने हाल ही में पदोन्नत हुए शिक्षकों के म्यूचुअल स्थानांतरण संबंधी एक मैसेज व्हाट्स एप और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इसमें लिखा था कि जनपद में जिन अध्यापकों को पदोन्नति के बाद जो विद्यालय आवंटित हुए हैं अगर वो पसंद नहीं हैं तो बीएसए ऑफिस में महेश बाबू को प्रार्थना पत्र देकर आवंटित कराने का अनुरोध कर सकते हैं। अथवा म्यूचुअल स्थानांतरण के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
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बाद में पता चला कि यह पूरी तरह भ्रामक मैसेज था। इस संबंध में बीएसए ने कोई आदेश जारी नहीं किया था। अब बीएसए ने ऐसी भ्रामक खबर फैलाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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छह मई से ग्रीष्मावकाश घोषित होने के बाद परिषदीय स्कूलों को सिर्फ शिक्षकों के लिए खोला गया है। ताकि पदोन्नत होने वाले शिक्षक-शिक्षिकाएं शिक्षण के अतिरिक्त कार्य कर सकें। स्कूल में विद्यार्थियों के न आने पर खाली बैठे शिक्षक इन दिनों सोशल मीडिया पर अधिक सक्रिय हो गए हैं। कुछ शिक्षक बीएसए कार्यालय के आदेशों को भी पोस्ट करने में काफी जल्दी कर जाते हैं। चाहे वह आदेश गलत हो अथवा उसमें कुछ संशोधन हुआ हो।
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गत दिवस भी एक शिक्षक ने हाल ही में पदोन्नत हुए शिक्षकों के म्यूचुअल स्थानांतरण संबंधी एक मैसेज व्हाट्स एप और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया। इसमें लिखा था कि जनपद में जिन अध्यापकों को पदोन्नति के बाद जो विद्यालय आवंटित हुए हैं अगर वो पसंद नहीं हैं तो बीएसए ऑफिस में महेश बाबू को प्रार्थना पत्र देकर आवंटित कराने का अनुरोध कर सकते हैं। अथवा म्यूचुअल स्थानांतरण के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
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बाद में पता चला कि यह पूरी तरह भ्रामक मैसेज था। इस संबंध में बीएसए ने कोई आदेश जारी नहीं किया था। अब बीएसए ने ऐसी भ्रामक खबर फैलाने वाले शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की चेतावनी दी है।