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ठाकुरजी के श्रीचरणों में मनाया नव वर्ष
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वृंदावन। साल 2022 की शुरुआत के लिए कान्हा के लाखों भक्तों की भीड़ तीर्थ नगरी वृंदावन में नजर आई। नए साल के पहले दिन सूरज की किरणें निकलते ही भक्तों के कदम ठाकुर बांकेबिहारी के द्वार की ओर बढ़ने लगे। देश विदेश से आए असंख्य श्रद्धालुओं ने तीर्थ नगरी वृंदावन में ठाकुरजी के श्री चरणों में नववर्ष का शुभारंभ किया। श्रद्धालुओं ने ठाकुर बांके बिहारी के श्री चरणों में माथा टेका और नव वर्ष के मंगलमय होने की कामना की। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही। मंदिर में भीड़ के कारण कोविड नियमों की धज्जियां उड़ गईं। अधिकांश लोगों के चेहरे पर ना मास्क था और ना उचित दूरी बनाए थे।
शनिवार की सुबह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन खुलने से पहले ही मंदिर के बाहर जन समूह उमड़ पड़ा। पट खुलने के साथ ठाकुर बांकेबिहारी के गगन भेदी जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में तिल भर स्थान न रहा। जैसे-जैसे समय बीता भीड़ का दबाव बढ़ गया। दोपहर के वक्त तो भीड़ इस कदर हो गई कि लोग ब्याकुल होने लगे। दर्शन का इंतजार भी लंबा होने लगा। इस दौर में श्रीराधारानी और श्रीबांकेबिहारी की जयजयकार लोगों में उत्साह भर रही थी।
मंदिर में भी भीड़ का दबाव काफी था। सुरक्षा गार्ड लोगों को तत्काल निकाल रहे थे, फिर भी भक्तों में अपने आराध्य के दीदार करने में आपाधापी मची रही। बांकेबिहारी के दर्शन के लिए घंटों की दुश्वारियों से गुजरने वाले भक्त दर्शन के बाद आनंदित नजर आए। इस आपाधापी के दौर में जो लोग सुबह दर्शन नहीं कर सके, उन्हें शाम का इंतजार करना पड़ा। शाम के वक्त भी दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों का यही हाल रहा।
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प्रशासनिक व्यवस्थाएं हो गई फेल
वृंदावन। प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन करने आए भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम न किया जाना भी समस्या का कारण बना। पुलिस फोर्स व्यवस्थाओं को संभालने में नाकाम दिखा। भक्त दर्शन करने के लिए रैलिंग और बैरिकेडिंग को भी लांघकर मंदिर पहुंचे।
वन वे व्यवस्था फेल होने से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की गलियों और सड़क पर स्थिति और खराब दिखी। विद्यापीठ चौराहा, दाऊजी तिराहा और गौतम पाड़ा की ओर से आने वाली भीड़ को नियंत्रित न करने से बांकेबिहारी पुलिस चौकी के सामने अव्यवस्था फैल गई। भीड़ काफी देर तक रुकी रही और बच्चे, महिलाएं और वृद्ध भीड़ के दबाव में फंस गए। यही स्थिति शाम को भी हुई। ४.३० बजे मंदिर के पट खुलने के साथ अव्यवस्थाएं भी दिखीं।
प्रेम मंदिर और इस्कॉन में भी रही भीड़
वृंदावन। नए साल के पहले दिन वृंदावन पहुंचे भक्तों के कदम सुबह के समय श्रीबांकेबिहारी मंदिर की राह पकड़ते नजर आए तो शाम को प्रेम मंदिर और इस्कॉन में भी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने निधिवन, सेवाकुंज, रंगजी आदि मंदिरों के दर्शन किए तो शाम को प्रेम मंदिर का आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींचता दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां शाम के दर्शन किए।
लड्डू गोपाल के साथ दर्शन के लिए पहुंचे भक्त
वृंदावन। बाहर से आए अनेक भक्त घर से लड्डू गोपाल के साथ आए। यहां मंदिर में अपने लड्डू गोपाल की भेंट श्रीबांकेबिहारी से कराई। चंदन का तिलक लगाया और फूलों की माला पहनाई। यहां तक कि बाजार से ठाकुर जी के लिए पोशाक भी खरीदकर ले गए।
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शनिवार की सुबह ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में दर्शन खुलने से पहले ही मंदिर के बाहर जन समूह उमड़ पड़ा। पट खुलने के साथ ठाकुर बांकेबिहारी के गगन भेदी जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर में प्रवेश किया। मंदिर में तिल भर स्थान न रहा। जैसे-जैसे समय बीता भीड़ का दबाव बढ़ गया। दोपहर के वक्त तो भीड़ इस कदर हो गई कि लोग ब्याकुल होने लगे। दर्शन का इंतजार भी लंबा होने लगा। इस दौर में श्रीराधारानी और श्रीबांकेबिहारी की जयजयकार लोगों में उत्साह भर रही थी।
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मंदिर में भी भीड़ का दबाव काफी था। सुरक्षा गार्ड लोगों को तत्काल निकाल रहे थे, फिर भी भक्तों में अपने आराध्य के दीदार करने में आपाधापी मची रही। बांकेबिहारी के दर्शन के लिए घंटों की दुश्वारियों से गुजरने वाले भक्त दर्शन के बाद आनंदित नजर आए। इस आपाधापी के दौर में जो लोग सुबह दर्शन नहीं कर सके, उन्हें शाम का इंतजार करना पड़ा। शाम के वक्त भी दर्शन के लिए पहुंचे भक्तों का यही हाल रहा।
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प्रशासनिक व्यवस्थाएं हो गई फेल
वृंदावन। प्रशासनिक अव्यवस्थाओं के कारण ठाकुर बांकेबिहारी महाराज के दर्शन करने आए भक्तों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम न किया जाना भी समस्या का कारण बना। पुलिस फोर्स व्यवस्थाओं को संभालने में नाकाम दिखा। भक्त दर्शन करने के लिए रैलिंग और बैरिकेडिंग को भी लांघकर मंदिर पहुंचे।
वन वे व्यवस्था फेल होने से ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर की गलियों और सड़क पर स्थिति और खराब दिखी। विद्यापीठ चौराहा, दाऊजी तिराहा और गौतम पाड़ा की ओर से आने वाली भीड़ को नियंत्रित न करने से बांकेबिहारी पुलिस चौकी के सामने अव्यवस्था फैल गई। भीड़ काफी देर तक रुकी रही और बच्चे, महिलाएं और वृद्ध भीड़ के दबाव में फंस गए। यही स्थिति शाम को भी हुई। ४.३० बजे मंदिर के पट खुलने के साथ अव्यवस्थाएं भी दिखीं।
प्रेम मंदिर और इस्कॉन में भी रही भीड़
वृंदावन। नए साल के पहले दिन वृंदावन पहुंचे भक्तों के कदम सुबह के समय श्रीबांकेबिहारी मंदिर की राह पकड़ते नजर आए तो शाम को प्रेम मंदिर और इस्कॉन में भी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने निधिवन, सेवाकुंज, रंगजी आदि मंदिरों के दर्शन किए तो शाम को प्रेम मंदिर का आकर्षण लोगों को अपनी ओर खींचता दिखाई दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने यहां शाम के दर्शन किए।
लड्डू गोपाल के साथ दर्शन के लिए पहुंचे भक्त
वृंदावन। बाहर से आए अनेक भक्त घर से लड्डू गोपाल के साथ आए। यहां मंदिर में अपने लड्डू गोपाल की भेंट श्रीबांकेबिहारी से कराई। चंदन का तिलक लगाया और फूलों की माला पहनाई। यहां तक कि बाजार से ठाकुर जी के लिए पोशाक भी खरीदकर ले गए।