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डॉ. राकेश राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:52 PM IST
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डा.राकेश चतुवेऱ्र्वेदी
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श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर के शिक्षक डॉ. राकेश चंद्र चतुर्वेदी को तीन सितंबर को दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। वह प्रदेश के छह शिक्षकों में से एक हैं जिन्हें यह सम्मान दिया गया। सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल कमला नगर, आगरा के प्रमोद कुमार श्रीवास्तव को भी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से सिविक सेंटर में आयोजित समारोह में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षक का पद सबसे प्रतिष्ठा व उत्तरदायित्व वाला होता है। वह मूर्तिकार की भांति बच्चों को तराशने का कार्य करता है। शिक्षक बच्चे को जिस तरह से तराशेगा वैसा ही वह रूप लेगा। शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौतियां रहती हैं, लेकिन इन सबको मिलकर ही हल करना होगा।
मथुरा की महाविद्या कालोनी निवासी डॉ. राकेश चंद्र चतुर्वेदी 28 वर्ष से श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में वरिष्ठ शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में यह सामाजिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में इनके अतुलनीय योगदान के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में किए गए रचनात्मक कार्यों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2015 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार हेतु इनका चयन किया। डॉ. चतुर्वेदी को सम्मानस्वरूप 50000 रुपये, शॉल एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। समारोह में देश भर के 33 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान सीबीएसई और एनसीईआरटी के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से सिविक सेंटर में आयोजित समारोह में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि शिक्षक का पद सबसे प्रतिष्ठा व उत्तरदायित्व वाला होता है। वह मूर्तिकार की भांति बच्चों को तराशने का कार्य करता है। शिक्षक बच्चे को जिस तरह से तराशेगा वैसा ही वह रूप लेगा। शिक्षकों के सामने बड़ी चुनौतियां रहती हैं, लेकिन इन सबको मिलकर ही हल करना होगा।
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मथुरा की महाविद्या कालोनी निवासी डॉ. राकेश चंद्र चतुर्वेदी 28 वर्ष से श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में वरिष्ठ शिक्षक पद पर कार्यरत हैं। वर्तमान में यह सामाजिक विज्ञान के विभागाध्यक्ष हैं।
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शिक्षा के क्षेत्र में इनके अतुलनीय योगदान के साथ-साथ सामाजिक क्षेत्र में किए गए रचनात्मक कार्यों के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने वर्ष 2015 में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार हेतु इनका चयन किया। डॉ. चतुर्वेदी को सम्मानस्वरूप 50000 रुपये, शॉल एवं स्मृति चिह्न प्रदान किया गया। समारोह में देश भर के 33 शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान सीबीएसई और एनसीईआरटी के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।