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15 लाख लोगों तक पहुंचा मुंशी का पैगाम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sun, 14 Dec 2014 01:26 PM IST
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धर्मांतरण विवादों के बीच सराय आजिमाबाद निवासी मुंशी खां का सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश एक दिन में लाखों लोगों तक पहुंच गया। धार्मिक एकता की मिसाल बनी मुंशी खां पर अमर उजाला की एक्सक्लूसिव स्टोरी इंटरनेट पर सुपर हिट रही।
प्रकाशन के नौ घंटे के भीतर ही इसे डेढ़ लाख लोगों ने पसंद किया। दिन भर में यह स्टोरी 15 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच गई थी। इधर शहर के सामाजिक संगठन भी मुंशी खां की इंसानियत भरी सोच का सम्मान करने पहुंचे।
‘मंदिर ही नहीं बनवाया, रोज दीपक भी जलाते हैं मुंशी खां’ शीर्षक से 13 दिसंबर को अमर उजाला में प्रकाशित हुई स्टोरी पढ़ते ही मुंशी खां के दरवाजे पर लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था।
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हिंदू और मुस्लिम में एकता का पैगाम देने वाले मुंशी खां का अभिनंदन करने के लिए युवा अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी और व्यापारी नेता डॉ. विशाल खुराना बॉबी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सराय आजिमाबाद पहुंचा। यहां पांचों वक्त की नमाज अदा करने के साथ ही बजरंग बली में आस्था रखने वाले मुंशी खां का सम्मान किया गया।
शनिवार के दिन मुंशी खां बजरंगबली पर चोला चढ़ा रहे थे। उनके घर के सामने के इस मंदिर में मुहल्ले के लोग भी पहुंचे। मुंशी खां सबको प्रसाद वितरित कर रहे थे। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी मुंशी खां पूरी तरह छाए रहे। व्हाट्सएप से लेकर फेसबुक तक अमर उजाला की स्टोरी का आदानप्रदान चलता रहा।
शनिवार को प्रकाशित इस स्टोरी को अमर उजाला के फेसबुक पेज पर पहले दो घंटे में ही 40 हजार लाइक मिल गए थे। सात घंटे में यह संख्या 1 लाख 11 हजार से ऊपर पहुंच गई। शाम को एक वक्त तो ऐसा आया जब सिर्फ एक घंटे में इस स्टोरी को 10 हजार लोगों ने पसंद किया।
अमर उजाला की वेबसाइट पर पहले नौ घंटे में ही मुंशी खां तक 15 लाख से अधिक लोग पहुंच गए। दस घंटे बाद इसे एक लाख 60 हजार लोगों ने लाइक कर दिया था। पांच हजार से अधिक लोगों ने इसे शेयर किया था।
मुंशी ने कायम की मिसाल
आजिमाबाद में मुंशी खां के सम्मान समारोह में युवा अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कहा कि यह नफरत बुरी है न पालो इसे, दिलो में खलिश है निकालो इसे, न तेरा न मेरा, न इसका, न उसका, ये सबका वतन है, संभालों इसे। उन्होंने कहा कि भाईचारे का माहौल कायम करना सबका धर्म है। व्यापारी नेता डॉ. विशाल खुराना बॉबी ने कहा कि अमन से ही सबका विकास होता है। मुंशी की सोच काबिलेतारीफ है। इस मौके पर श्याम सिंघल, हैप्पी ठाकुर, सौरभ पाठक, राजू चौधरी, अभिषेक चतुर्वेदी और जैकी ठाकुर आदि उपस्थित थे।
हम सब हिंदुस्तानी: मुंशी खां
शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाने के बाद मुंशी खां ने कहा कि पूजा करने और नमाज पढ़ने से धर्म या मजहब नहीं बदल जाते हैं। उन्होंने कहा की सैकड़ों हिंदू रोजाना अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने जाते हैं तो क्या उनका मजहब बदल जाता है। सब का खून का रंग लाल है और सब हिंदुस्तानी हैं।
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प्रकाशन के नौ घंटे के भीतर ही इसे डेढ़ लाख लोगों ने पसंद किया। दिन भर में यह स्टोरी 15 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच गई थी। इधर शहर के सामाजिक संगठन भी मुंशी खां की इंसानियत भरी सोच का सम्मान करने पहुंचे।
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‘मंदिर ही नहीं बनवाया, रोज दीपक भी जलाते हैं मुंशी खां’ शीर्षक से 13 दिसंबर को अमर उजाला में प्रकाशित हुई स्टोरी पढ़ते ही मुंशी खां के दरवाजे पर लोगों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था।
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हिंदू और मुस्लिम में एकता का पैगाम देने वाले मुंशी खां का अभिनंदन करने के लिए युवा अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी और व्यापारी नेता डॉ. विशाल खुराना बॉबी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल सराय आजिमाबाद पहुंचा। यहां पांचों वक्त की नमाज अदा करने के साथ ही बजरंग बली में आस्था रखने वाले मुंशी खां का सम्मान किया गया।
शनिवार के दिन मुंशी खां बजरंगबली पर चोला चढ़ा रहे थे। उनके घर के सामने के इस मंदिर में मुहल्ले के लोग भी पहुंचे। मुंशी खां सबको प्रसाद वितरित कर रहे थे। सोशल मीडिया और इंटरनेट पर भी मुंशी खां पूरी तरह छाए रहे। व्हाट्सएप से लेकर फेसबुक तक अमर उजाला की स्टोरी का आदानप्रदान चलता रहा।
शनिवार को प्रकाशित इस स्टोरी को अमर उजाला के फेसबुक पेज पर पहले दो घंटे में ही 40 हजार लाइक मिल गए थे। सात घंटे में यह संख्या 1 लाख 11 हजार से ऊपर पहुंच गई। शाम को एक वक्त तो ऐसा आया जब सिर्फ एक घंटे में इस स्टोरी को 10 हजार लोगों ने पसंद किया।
अमर उजाला की वेबसाइट पर पहले नौ घंटे में ही मुंशी खां तक 15 लाख से अधिक लोग पहुंच गए। दस घंटे बाद इसे एक लाख 60 हजार लोगों ने लाइक कर दिया था। पांच हजार से अधिक लोगों ने इसे शेयर किया था।
मुंशी ने कायम की मिसाल
आजिमाबाद में मुंशी खां के सम्मान समारोह में युवा अधिवक्ता सार्थक चतुर्वेदी ने कहा कि यह नफरत बुरी है न पालो इसे, दिलो में खलिश है निकालो इसे, न तेरा न मेरा, न इसका, न उसका, ये सबका वतन है, संभालों इसे। उन्होंने कहा कि भाईचारे का माहौल कायम करना सबका धर्म है। व्यापारी नेता डॉ. विशाल खुराना बॉबी ने कहा कि अमन से ही सबका विकास होता है। मुंशी की सोच काबिलेतारीफ है। इस मौके पर श्याम सिंघल, हैप्पी ठाकुर, सौरभ पाठक, राजू चौधरी, अभिषेक चतुर्वेदी और जैकी ठाकुर आदि उपस्थित थे।
हम सब हिंदुस्तानी: मुंशी खां
शनिवार को हनुमानजी को चोला चढ़ाने के बाद मुंशी खां ने कहा कि पूजा करने और नमाज पढ़ने से धर्म या मजहब नहीं बदल जाते हैं। उन्होंने कहा की सैकड़ों हिंदू रोजाना अजमेर शरीफ दरगाह पर चादर चढ़ाने जाते हैं तो क्या उनका मजहब बदल जाता है। सब का खून का रंग लाल है और सब हिंदुस्तानी हैं।