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बोल कर नहीं इशारे से वोट मांगेंगे मौनी बाबा
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कोसीकलां। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण में नामांकन प्रक्रिया में छाता विधानसभा क्षेत्र से शिवसेना के उम्मीदवार गांव गोहारी के मौनी बाबा बापू ने नामाकंन किया हैं। बाबा ने पिछले साढ़े 11 वर्ष से मौन धारण कर रखा है। वह बोल कर नहीं बल्कि लिखकर एवं इशारों से मतदाताओं को अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं।
बाबा जनार्दन के शिष्य मौनी बापू यहां गांव के मंदिर में रहकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। शनिवार को 77 वर्षीय बाबा ने बताया कि वह ब्रज में रहकर पिछले साढ़े 11 वर्ष से मौन धारण किए हुए हैं। कोसीकलां में पशुपति फैक्टरी के सामने भी उनका आश्रम है। भगवा धारण कर रहने वाले मौनी फलहारी बापू ने 12 वर्ष तक मौन धारण करने का व्रत ले रखा है। नामांकन दाखिल करते समय बाबा ने अधिकारियों से भी इशारों में ही बात की और अपना नामांकन दाखिल किया।
बाबा ने साथ मौजूद अन्नू अग्रवाल ने बताया कि बाबा क्षेत्र का विकास कराने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरे हैं। बापू ने इशारों में बताया कि उनके पास 55 हजार रुपये था, जिसमें से 10 हजार रुपये नामांकन में खर्च कर दिए। बचे 45 हजार रुपयों से एफडीआर बनवा दी है।
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अन्नू ने बताया कि मौनी बाबा बापू 2019 में लोकसभा के लिए, 2017 में छाता विधानसभा से नामांकन किया था लेकिन उनका पर्चा खारिज हो गया था। अब एक बार फिर वह चुनाव मैदान में हैं। मन में जनता की सेवा करने के बारे में आया, जिसके बाद बाबा ने राजनीति के जरिए जनता की सेवा करने का फैसला किया।
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बाबा जनार्दन के शिष्य मौनी बापू यहां गांव के मंदिर में रहकर भगवान शिव की आराधना करते हैं। शनिवार को 77 वर्षीय बाबा ने बताया कि वह ब्रज में रहकर पिछले साढ़े 11 वर्ष से मौन धारण किए हुए हैं। कोसीकलां में पशुपति फैक्टरी के सामने भी उनका आश्रम है। भगवा धारण कर रहने वाले मौनी फलहारी बापू ने 12 वर्ष तक मौन धारण करने का व्रत ले रखा है। नामांकन दाखिल करते समय बाबा ने अधिकारियों से भी इशारों में ही बात की और अपना नामांकन दाखिल किया।
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बाबा ने साथ मौजूद अन्नू अग्रवाल ने बताया कि बाबा क्षेत्र का विकास कराने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में उतरे हैं। बापू ने इशारों में बताया कि उनके पास 55 हजार रुपये था, जिसमें से 10 हजार रुपये नामांकन में खर्च कर दिए। बचे 45 हजार रुपयों से एफडीआर बनवा दी है।
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अन्नू ने बताया कि मौनी बाबा बापू 2019 में लोकसभा के लिए, 2017 में छाता विधानसभा से नामांकन किया था लेकिन उनका पर्चा खारिज हो गया था। अब एक बार फिर वह चुनाव मैदान में हैं। मन में जनता की सेवा करने के बारे में आया, जिसके बाद बाबा ने राजनीति के जरिए जनता की सेवा करने का फैसला किया।