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पहले भगवान पर निर्भर थे, अब सरकार परः भागवत
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Fri, 12 Jun 2015 11:56 PM IST
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आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिए बगैर यह संकेत देते नजर आये कि संघ पूरी मजबूती से उनके साथ है। वे श्रीजी बाबा सरस्वती विद्या मंदिर में सभागार के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
यहां संघ प्रमुख स्वच्छता अभियान की तारीफ करने के साथ ही इसके प्रति लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास करा गए। भागवत ने दो टूक कहा कि पहले सब लोग भगवान पर निर्भर रहते थे और अब सरकार पर निर्भर हैं। यह प्रवृत्ति त्यागकर खुद आगे आना होगा।
विस्तृत संबोधन में भागवत ने एक गीत गाया, बड़ी देर भई नंदलाला, तेरे द्वार खड़ी ब्रजबाला...। उन्होंने कहा लोग पहले भगवान पर कुछ यूं निर्भर थे कि हर काम को भगवान भरोसे छोड़ देते थे। अब बदलाव आया है और लोग हर काम सरकार के भरोसे छोड़ देते हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान चाहते तो पल भर में रावण का नाश कर देते लेकिन उन्होंने मानव रूप में जन्म लिया और संघर्ष के बाद रावण का संहार किया। इसके पीछे प्रभु का यही संदेश है कि कर्म खुद करना होगा। शिवाजी पैदा हों लेकिन हमारे यहां नहीं यह सोच अब नहीं चलेगी। गांधीजी, नेताजी सुभाष के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बड़े संघर्षों से आजादी मिली है।
इसलिए बिना किए कुछ नहीं होता। गंदगी हम करें और सफाई की उम्मीद सरकार से करें यह उचित नहीं है। स्वच्छता अभियान के जरिये ही सही आरएसएस प्रमुख भागवत ने ब्रजभूमि में यही संदेश दिया कि सरकार के ऊपर नहीं बल्कि सभी लोग खुद करके दिखाएं।
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यहां संघ प्रमुख स्वच्छता अभियान की तारीफ करने के साथ ही इसके प्रति लोगों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास करा गए। भागवत ने दो टूक कहा कि पहले सब लोग भगवान पर निर्भर रहते थे और अब सरकार पर निर्भर हैं। यह प्रवृत्ति त्यागकर खुद आगे आना होगा।
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विस्तृत संबोधन में भागवत ने एक गीत गाया, बड़ी देर भई नंदलाला, तेरे द्वार खड़ी ब्रजबाला...। उन्होंने कहा लोग पहले भगवान पर कुछ यूं निर्भर थे कि हर काम को भगवान भरोसे छोड़ देते थे। अब बदलाव आया है और लोग हर काम सरकार के भरोसे छोड़ देते हैं।
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उन्होंने कहा कि भगवान चाहते तो पल भर में रावण का नाश कर देते लेकिन उन्होंने मानव रूप में जन्म लिया और संघर्ष के बाद रावण का संहार किया। इसके पीछे प्रभु का यही संदेश है कि कर्म खुद करना होगा। शिवाजी पैदा हों लेकिन हमारे यहां नहीं यह सोच अब नहीं चलेगी। गांधीजी, नेताजी सुभाष के उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि बड़े संघर्षों से आजादी मिली है।
इसलिए बिना किए कुछ नहीं होता। गंदगी हम करें और सफाई की उम्मीद सरकार से करें यह उचित नहीं है। स्वच्छता अभियान के जरिये ही सही आरएसएस प्रमुख भागवत ने ब्रजभूमि में यही संदेश दिया कि सरकार के ऊपर नहीं बल्कि सभी लोग खुद करके दिखाएं।