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विधायक जी जनता बुला रही है...वादे गिना रही है
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 31 Aug 2016 12:18 AM IST
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विधायक प्रदीप माथुर
- फोटो : अमर उजाला
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वाकई सैकड़ों समस्याओं से जूझ रही है पब्लिक। कहीं सड़क ध्वस्त है तो कहीं पानी निकासी का इंतजाम नहीं। जरा सी बारिश में शहर टापू बन जाता है। लेकिन चुनाव के दौरान हाथ जोड़कर जनता के बीच में जाने वाले हमारे विधायकों को शायद इससे कोई सरोकार नहीं रह गया है। चाहे पब्लिक टूटी सड़कों से गुजरे या खारा पानी पिए। घरों में बरसात का पानी चला जाए या लोगों को राशन नहीं मिले। मंसापुरी और आनंदपुरी पहुंची ‘अमर उजाला’ की टीम के सामने लोगों ने कहा कि एक बार वोट मांगने आए थे, उसके बाद यहां नहीं दिखे विधायक प्रदीप माथुर।
मथुरा-वृंदावन विधानसभा सीट पर 4 लाख 13 हजार मतदाता हैं। इन लोगों के वोटों से ही 2012 के चुनाव में प्रदीप माथुर विधायक बने थे। जाहिर सी बात है कि इन्हें पब्लिक ने पसंद किया होगा तभी दिल खोलकर सहयोग भी किया। लेकिन पब्लिक की समस्याएं हल नहीं हो पाई हैं। मंसापुरी और आनंदपुरी के रामस्वरूप, गिरिराज, महेश, प्रताप सिंह, उमेश, महेश चंद्र शर्मा, लक्ष्मण प्रसाद, मोहन सिंह राठौर, गोपाल और मोनू बख्शी ने एक स्वर में कहा कि हम तो बस विधायक जी को होर्डिंग में ही देखते हैं। वह तो कभी यहां आए ही नहीं।
बीएसए कालेज से राधिका विहार को जाने वाले हाईवे का लिंक मार्ग पूरी तरह ध्वस्त है। कई दफा सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन सब बेकार रहा। रामवती, पुष्पलता, गीता, मंजू, महारानी, शीला और बीना ने बताया कि जरा सी बरसात हो जाती है तो घरों में पानी आ जाता है। पानी की निकासी ही नहीं है। चुनाव के दौरान विधायक ने वादा किया था कि सड़क बनवाएंगे। नाले दुरुस्त होंगे मगर कुछ ना हुआ।
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जर्जर मार्ग से ये हैं प्रभावित
बीएसए कालेज से राधिका विहार को जाने वाली ध्वस्त रोड से द्वारिकापुरी, अग्रसेन नगर, प्रकाश नगर, कृष्णा विहार, यमुना विहार, प्रोफेसर कालोनी, मंसापुरी, आनंदपुरी, नवनीत नगर, सुखदेव नगर, ज्योतिनगर, राधिका विहार, जनकपुरी और प्रभात नगर कालोनी प्रभावित है।
मुख्य समस्याएं
- टूटी सड़कें
- पानी की निकासी का इंतजाम नहीं
-खारे पानी की समस्या है
- स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह चौपट है
- बिजली के कमजोर तार झूल रहे हैं
- बड़े नाले खुले पड़े हैं
- रात को पुलिस गश्त नहीं होती
बोले सभासद मैं तो कहकर थक गया
इस क्षेत्र के सभासद ठाकुर बिहारी लाल का कहना है कि वो तो कहकर थक गया। लेकिन सड़क नहीं बनी। यह स्थिति तो तब है जब वो भी कांग्रेस से सभासद हैं और विधायक भी कांग्रेस से ही हैं। कम से कम अपनी पार्टी का ही साथ दे देते। अब जनता उनके घर पर आकर ताने मारती है। पार्टी के नेताओं के सामने भी अपनी बात रख चुका हूं।
विधायक जी का कहना है
मथुरा-वृंदावन सीट के विधायक प्रदीप माथुर का कहना है कि बीएसए इंजीनियरिंग कालेज से राधिका विहार वाली जिस सड़क का मुद्दा लोग उठा रहे हैं वह बनवाई भी उन्होंने ही थी। अब दोबारा से प्रस्ताव बनाकर दे दिया गया है। सवा तीन करोड़ की लागत से सड़क बननी है। रही बात मोहल्लों के भ्रमण की तो शहर के सभी इलाके उनकी भ्रमण सूची में है। पहले भी वह जाते रहे हैं।
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मथुरा-वृंदावन विधानसभा सीट पर 4 लाख 13 हजार मतदाता हैं। इन लोगों के वोटों से ही 2012 के चुनाव में प्रदीप माथुर विधायक बने थे। जाहिर सी बात है कि इन्हें पब्लिक ने पसंद किया होगा तभी दिल खोलकर सहयोग भी किया। लेकिन पब्लिक की समस्याएं हल नहीं हो पाई हैं। मंसापुरी और आनंदपुरी के रामस्वरूप, गिरिराज, महेश, प्रताप सिंह, उमेश, महेश चंद्र शर्मा, लक्ष्मण प्रसाद, मोहन सिंह राठौर, गोपाल और मोनू बख्शी ने एक स्वर में कहा कि हम तो बस विधायक जी को होर्डिंग में ही देखते हैं। वह तो कभी यहां आए ही नहीं।
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बीएसए कालेज से राधिका विहार को जाने वाले हाईवे का लिंक मार्ग पूरी तरह ध्वस्त है। कई दफा सड़क बनवाने की मांग की गई लेकिन सब बेकार रहा। रामवती, पुष्पलता, गीता, मंजू, महारानी, शीला और बीना ने बताया कि जरा सी बरसात हो जाती है तो घरों में पानी आ जाता है। पानी की निकासी ही नहीं है। चुनाव के दौरान विधायक ने वादा किया था कि सड़क बनवाएंगे। नाले दुरुस्त होंगे मगर कुछ ना हुआ।
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जर्जर मार्ग से ये हैं प्रभावित
बीएसए कालेज से राधिका विहार को जाने वाली ध्वस्त रोड से द्वारिकापुरी, अग्रसेन नगर, प्रकाश नगर, कृष्णा विहार, यमुना विहार, प्रोफेसर कालोनी, मंसापुरी, आनंदपुरी, नवनीत नगर, सुखदेव नगर, ज्योतिनगर, राधिका विहार, जनकपुरी और प्रभात नगर कालोनी प्रभावित है।
मुख्य समस्याएं
- टूटी सड़कें
- पानी की निकासी का इंतजाम नहीं
-खारे पानी की समस्या है
- स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पूरी तरह चौपट है
- बिजली के कमजोर तार झूल रहे हैं
- बड़े नाले खुले पड़े हैं
- रात को पुलिस गश्त नहीं होती
बोले सभासद मैं तो कहकर थक गया
इस क्षेत्र के सभासद ठाकुर बिहारी लाल का कहना है कि वो तो कहकर थक गया। लेकिन सड़क नहीं बनी। यह स्थिति तो तब है जब वो भी कांग्रेस से सभासद हैं और विधायक भी कांग्रेस से ही हैं। कम से कम अपनी पार्टी का ही साथ दे देते। अब जनता उनके घर पर आकर ताने मारती है। पार्टी के नेताओं के सामने भी अपनी बात रख चुका हूं।
विधायक जी का कहना है
मथुरा-वृंदावन सीट के विधायक प्रदीप माथुर का कहना है कि बीएसए इंजीनियरिंग कालेज से राधिका विहार वाली जिस सड़क का मुद्दा लोग उठा रहे हैं वह बनवाई भी उन्होंने ही थी। अब दोबारा से प्रस्ताव बनाकर दे दिया गया है। सवा तीन करोड़ की लागत से सड़क बननी है। रही बात मोहल्लों के भ्रमण की तो शहर के सभी इलाके उनकी भ्रमण सूची में है। पहले भी वह जाते रहे हैं।