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मथुरा: नाबालिग से फर्जी निकाह करने वाले युवक को 14 वर्ष की सजा
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मथुरा। पहले युवक ने नाबालिग किशोरी को अपने जाल में फंसाया, फिर फर्जी निकाह कर तीन वर्ष तक यौन शोषण किया। पुत्र पैदा होने पर युवक व माता-पिता ने पीड़िता से आठ लाख की मांग की। विरोध करने पर युवक ने पीड़िता को आत्महत्या के लिए विवश किया। पॉक्सो कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए युवक को 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा व तीन लाख के अर्थदंड से दंडित किया।
कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी नाबालिग किशोरी से वर्ष 2009 में राशिद निवासी ओम हॉस्पिटल के सामने मधुर मिलन सेवा सदन कोतवाली मिला। उसने किशोरी को निकाह का झांसा दिया और अपने एक दोस्त के घर में छात्रा बताकर किराए का मकान बता कर रख दिया। युवक ने पहले शारीरिक संबंध बनाए, फिर 10 अगस्त 2010 को साजिश के तहत उसे भाई जीशान, सलमान और दोस्त विष्णु, कान्हा के साथ मिलकर ऑफिसनुमा कमरे में ले गए। कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवा कर पीड़िता को बताया कि उनकी कोर्ट मैरिज हो गई। युवक शौहर बनकर रहने लगा, बाद में पीड़िता के एक पुत्र भी पैदा हुआ।
पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से करके रिपोर्ट दर्ज कराई। इस केस की सुनवाई करते हुए पॉक्सो द्वितीय अमर सिंह की अदालत में छह गवाहों को पेश किया। अदालत ने हशमत, मुन्नी जीशान, सलमान, कान्हा को दोष मुक्त कर दिया, जबकि राशिद को सभी आरोपों में दोष सिद्ध करते हुए 14 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि पहले से सभी अभियुक्त जमानत पर थे। राशिद को जेल भेजा गया है।
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कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी नाबालिग किशोरी से वर्ष 2009 में राशिद निवासी ओम हॉस्पिटल के सामने मधुर मिलन सेवा सदन कोतवाली मिला। उसने किशोरी को निकाह का झांसा दिया और अपने एक दोस्त के घर में छात्रा बताकर किराए का मकान बता कर रख दिया। युवक ने पहले शारीरिक संबंध बनाए, फिर 10 अगस्त 2010 को साजिश के तहत उसे भाई जीशान, सलमान और दोस्त विष्णु, कान्हा के साथ मिलकर ऑफिसनुमा कमरे में ले गए। कुछ कागजातों पर हस्ताक्षर करवा कर पीड़िता को बताया कि उनकी कोर्ट मैरिज हो गई। युवक शौहर बनकर रहने लगा, बाद में पीड़िता के एक पुत्र भी पैदा हुआ।
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पीड़िता ने इसकी शिकायत पुलिस से करके रिपोर्ट दर्ज कराई। इस केस की सुनवाई करते हुए पॉक्सो द्वितीय अमर सिंह की अदालत में छह गवाहों को पेश किया। अदालत ने हशमत, मुन्नी जीशान, सलमान, कान्हा को दोष मुक्त कर दिया, जबकि राशिद को सभी आरोपों में दोष सिद्ध करते हुए 14 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि पहले से सभी अभियुक्त जमानत पर थे। राशिद को जेल भेजा गया है।
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