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मथुरा: नसबंदी अपनाने में पुरुषों से कहीं आगे हैं महिलाएं
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मथुरा। छोटा परिवार-सुखी परिवार के नारे के साथ परिवार नियोजन के अस्थायी व स्थायी साधन अपनाने में महिलाएं तुलनात्मक रूप से पुरुषों से काफी आगे चल रही हैं। जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत नसबंदी एवं परिवार नियोजन के अन्य साधन बनाए जाने के मामले में जनपद मथुरा टॉप टेन में शुमार है। राज्य स्तर से जनपद वार जारी आंकड़ों के अनुसार जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत 24 जुलाई तक महिलाओं ने सबसे ज्यादा भरोसा अंतरा इंजेक्शन लगवाने पर किया है। अंतरा इंजेक्शन लगवाने वाली महिलाओं की संख्या 1146 है।
जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दो सप्ताह के अंदर 174 महिलाओं ने नसबंदी कराई है, जबकि इसी अवधि में सिर्फ 10 पुरुषों ने ही अपना नसबंदी ऑपरेशन करवाया है। पखवाड़े के तहत कुल 636 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी साधन अपनाया है। बहुत सी महिलाओं छाया गोली पर विश्वास है जबकि अनेक दंपती कंडोम का उपयोग करते हैं।
डीसीपीएम पारुल शर्मा ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत परिवार नियोजन के साधन अपनाए जाने के मामले में मथुरा की स्थिति संतोषजनक है। सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने विगत दिवस स्वयं अपने हाथों से महिला अस्पताल मथुरा जाकर कई महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन किए। उन्हें पूर्व में शासन ने नसबंदी के लिए पुरस्कृत भी किया गया था।
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जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के दो सप्ताह के अंदर 174 महिलाओं ने नसबंदी कराई है, जबकि इसी अवधि में सिर्फ 10 पुरुषों ने ही अपना नसबंदी ऑपरेशन करवाया है। पखवाड़े के तहत कुल 636 महिलाओं ने पीपीआईयूसीडी साधन अपनाया है। बहुत सी महिलाओं छाया गोली पर विश्वास है जबकि अनेक दंपती कंडोम का उपयोग करते हैं।
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डीसीपीएम पारुल शर्मा ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े के तहत परिवार नियोजन के साधन अपनाए जाने के मामले में मथुरा की स्थिति संतोषजनक है। सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता ने विगत दिवस स्वयं अपने हाथों से महिला अस्पताल मथुरा जाकर कई महिलाओं के नसबंदी ऑपरेशन किए। उन्हें पूर्व में शासन ने नसबंदी के लिए पुरस्कृत भी किया गया था।
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