{"_id":"687956f28e126cea3d08632f","slug":"mathura-vrindavan-shines-with-three-stars-in-cleanliness-ranking-gets-11th-position-mathura-news-c-369-1-mt11009-132756-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Swachhta Survey 2025: स्वच्छता रैंकिंग में तीन स्टार से चमका मथुरा-वृंदावन, जानें कौन सी मिली रैंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Swachhta Survey 2025: स्वच्छता रैंकिंग में तीन स्टार से चमका मथुरा-वृंदावन, जानें कौन सी मिली रैंक
Fri, 18 Jul 2025 01:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:17 PM IST
सार
Mathura Swachhta Survey Rank: स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने बड़ी छलांग लगाई है। बृहस्पतिवार को जारी रैंकिंग में राष्ट्रीय स्तर पर मथुरा-वृंदावन ने 11वां पायदान हासिल किया है, जो बीते वर्ष आई 94 रैंक से 83 पायदान ऊपर है। रैंकिंग दर्शाती है कि मथुरा-वृंदावन स्वच्छता की दिशा में तेजी से चमक रहा है।
विज्ञापन
श्री कृष्ण जन्मभूमि
- फोटो : ANI
विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 की रैंकिंग में मथुरा-वृंदावन ने शानदार प्रदर्शन किया है। वाटर प्लस का सर्टिफिकेशन मिला है, जबकि गार्बेज फ्री सिटी (जीएफसी) श्रेणी में तीन स्टार रेटिंग प्राप्त हुई है। वहीं 2022 तक मथुरा-वृंदावन को कोई जीएफसी स्टार प्राप्त नहीं था। 2023 में एक स्टार मिला और 2024-2025 में तीन स्टार से चमका है। देशभर के 125 नगर निगम व नगरीय निकायों को बेहतर प्रदर्शन पर तीन स्टार की रेटिंग मिली है। गीला और सूखा कचरा अलग करने, खुले में कचरा न फेंकने, नालियों और जल स्रोतों को साफ रखने और प्लास्टिक का सीमित उपयोग करने की नगर निगम की पहल रंग लाई है। यह सफलता नगर निगम की योजनाबद्ध सफाई व्यवस्था, जनता की सहभागिता, और प्रशासन की कड़ी निगरानी का परिणाम है।
घर-घर से कूड़ा उठान और जनता से जुड़े जागरूक कार्यक्रमों का भी असर देखा गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में साफ सफाई, निजी से लेकर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, खुले में शौच मुक्त की स्थिति, कूड़ा उठान, कूड़ा निस्तारण, शहर में विकास कार्यों, सीवरेज सिस्टम व जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर केंद्रीय टीम ने शहरवासियों से राय ली। उसके आधार पर ही अंक रैंकिंग तय की गई है।
क्यूआर कोर्ड से स्वच्छता की निगरानी का लक्ष्य
ये उपलब्धियां स्वच्छता के क्षेत्र में मथुरा-वृंदावन की मजबूत होती छवि को दर्शाती हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश और महापौर विनोद अग्रवाल ने उम्मीद जताई है कि अगले वर्ष होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में जीरो अपशिष्ट प्रबंधन, क्यूआर कोर्ड आधारित निगरानी, प्रमुख कुंड, नालों, यमुना तटों की संपूर्ण सफाई, शहरी जल निकासी का आधुनिकीकरण का लक्ष्य रखा है। ताकि 2025-26 के स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के साथ पांच स्टार और वाटर प्लस मिल सके हैं।
विज्ञापन
निगम की अपील, जीवन का हिस्सा बनाएं स्वच्छता
स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने मथुरा-वृंदावन के लोगों से अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि वह स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। गीला और सूखा कचरा इधर-उधर न फेंके, नाले-नालियों को साफ रखें, प्लास्टिक का उपयोग न करें और स्वच्छता बेहतर करने में सफाई कर्मियों का सहयोग करें।
महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने अब यह सिद्ध कर दिया है कि हम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्वच्छता में भी देश के अग्रणी नगरों में शामिल हैं। यह सफलता सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे नगर की है। यह जनता की जागरूकता, सफाई मित्रों की निष्ठा और निगम टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
नगर आयुक्त जग प्रवेश का कहना है कि 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में 11वीं रैंक प्राप्त करना हमारे लिए गर्व का विषय है। वाटर प्लस और जीएफसी तीन स्टार जैसी मान्यताएं दर्शाती हैं कि हमने न केवल कचरा प्रबंधन, बल्कि जल निकासी और पर्यावरण सुरक्षा में भी राष्ट्र हित के लिए काम किया है। नगर निगम की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि अगले वर्ष पहले पायदान पर रैंकिंग लाने का संकल्प लिया है।
विज्ञापन
घर-घर से कूड़ा उठान और जनता से जुड़े जागरूक कार्यक्रमों का भी असर देखा गया है। स्वच्छता सर्वेक्षण में साफ सफाई, निजी से लेकर सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति, खुले में शौच मुक्त की स्थिति, कूड़ा उठान, कूड़ा निस्तारण, शहर में विकास कार्यों, सीवरेज सिस्टम व जलापूर्ति व्यवस्था को लेकर केंद्रीय टीम ने शहरवासियों से राय ली। उसके आधार पर ही अंक रैंकिंग तय की गई है।
विज्ञापन
क्यूआर कोर्ड से स्वच्छता की निगरानी का लक्ष्य
ये उपलब्धियां स्वच्छता के क्षेत्र में मथुरा-वृंदावन की मजबूत होती छवि को दर्शाती हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश और महापौर विनोद अग्रवाल ने उम्मीद जताई है कि अगले वर्ष होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में और भी बेहतर प्रदर्शन करेंगे। इसके लिए प्रत्येक वार्ड में जीरो अपशिष्ट प्रबंधन, क्यूआर कोर्ड आधारित निगरानी, प्रमुख कुंड, नालों, यमुना तटों की संपूर्ण सफाई, शहरी जल निकासी का आधुनिकीकरण का लक्ष्य रखा है। ताकि 2025-26 के स्वच्छ सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के साथ पांच स्टार और वाटर प्लस मिल सके हैं।
विज्ञापन
निगम की अपील, जीवन का हिस्सा बनाएं स्वच्छता
स्वच्छता सर्वेक्षण की रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन करने के बाद नगर निगम के अधिकारियों ने मथुरा-वृंदावन के लोगों से अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि वह स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान न मानें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। गीला और सूखा कचरा इधर-उधर न फेंके, नाले-नालियों को साफ रखें, प्लास्टिक का उपयोग न करें और स्वच्छता बेहतर करने में सफाई कर्मियों का सहयोग करें।
महापौर विनोद अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने अब यह सिद्ध कर दिया है कि हम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि स्वच्छता में भी देश के अग्रणी नगरों में शामिल हैं। यह सफलता सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे नगर की है। यह जनता की जागरूकता, सफाई मित्रों की निष्ठा और निगम टीम की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
नगर आयुक्त जग प्रवेश का कहना है कि 3 से 10 लाख आबादी वाले शहरों में 11वीं रैंक प्राप्त करना हमारे लिए गर्व का विषय है। वाटर प्लस और जीएफसी तीन स्टार जैसी मान्यताएं दर्शाती हैं कि हमने न केवल कचरा प्रबंधन, बल्कि जल निकासी और पर्यावरण सुरक्षा में भी राष्ट्र हित के लिए काम किया है। नगर निगम की टीम ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि अगले वर्ष पहले पायदान पर रैंकिंग लाने का संकल्प लिया है।