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मथुरा: प्रताप बाग के स्वामित्व को लेकर चली कागजी जंग
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मथुरा। गोवर्धन रोड स्थित प्रताप बाग के स्वामित्व को लेकर कागजी जंग छिड़ गई है। बृहस्पतिवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा मुकदमा दर्ज करने के आदेश के बाद शकुंतला देवी ने अपना पक्ष रखा है।
शकुंतला देवी का कहना है कि राजकुमारी प्रताप कुमारी का देहांत वर्ष 2003 में हो चुका है। इसका मृत्यु प्रमाणपत्र दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी भी किया गया। यह प्रमाणपत्र ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी दर्ज है। चाणक्यपुरी नई दिल्ली निवासी व हाल निवासी एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड लखनऊ शकुंतला देवी का कहना है कि राजकुमारी प्रताप कुमारी ने मुझको मरने से पहले 18 अगस्त 2003 को रजिस्टर्ड वसीयत की थी जोकि दिल्ली सरकार के यहां आज भी पंजीकृत है। इसकी जांच भी न्यायिक तहसीलदार करा चुकी हैं। उन्होंने एसएसपी को लिखे पत्र में भी अपना पक्ष रखा है।
उन्होंने जारी पत्र में दावा किया कि राजकुमारी की मृत्यु 31 अगस्त 2003 को हो चुकी है। जिसका मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन रिकॉर्ड में है। कुछ लोग फर्जी प्रबंधक बनकर अपने को रानी प्रताप कुमारी का प्रबंधक साबित करना चाहते हैं। इधर, रविंद्र गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि उन्होंने एसएसपी को भेजे पत्र में कहा है कि एक पैनल बनाकर राजकुमारी प्रताप कुमारी के जीवित होने या न होने की जांच दिल्ली जाकर करा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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शकुंतला देवी का कहना है कि राजकुमारी प्रताप कुमारी का देहांत वर्ष 2003 में हो चुका है। इसका मृत्यु प्रमाणपत्र दिल्ली नगर निगम द्वारा जारी भी किया गया। यह प्रमाणपत्र ऑनलाइन रिकॉर्ड में भी दर्ज है। चाणक्यपुरी नई दिल्ली निवासी व हाल निवासी एलडीए कॉलोनी कानपुर रोड लखनऊ शकुंतला देवी का कहना है कि राजकुमारी प्रताप कुमारी ने मुझको मरने से पहले 18 अगस्त 2003 को रजिस्टर्ड वसीयत की थी जोकि दिल्ली सरकार के यहां आज भी पंजीकृत है। इसकी जांच भी न्यायिक तहसीलदार करा चुकी हैं। उन्होंने एसएसपी को लिखे पत्र में भी अपना पक्ष रखा है।
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उन्होंने जारी पत्र में दावा किया कि राजकुमारी की मृत्यु 31 अगस्त 2003 को हो चुकी है। जिसका मृत्यु प्रमाणपत्र ऑनलाइन रिकॉर्ड में है। कुछ लोग फर्जी प्रबंधक बनकर अपने को रानी प्रताप कुमारी का प्रबंधक साबित करना चाहते हैं। इधर, रविंद्र गुप्ता एडवोकेट ने कहा कि उन्होंने एसएसपी को भेजे पत्र में कहा है कि एक पैनल बनाकर राजकुमारी प्रताप कुमारी के जीवित होने या न होने की जांच दिल्ली जाकर करा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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