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मथुरा: जब तक मांगे नहीं मानी जाएंगी आंदोलन जारी रहेगा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 15 Jan 2023 10:51 PM IST
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Mathura: The movement will continue until the demands are met
किसानों से वार्ता करते सीओ सदर प्रवीण मलिक।
वृंदावन (मथुरा)। जहांगीरपुर खादर की उपजाऊ जमीन को अधिग्रहण करने का विरोध अभी जारी है। रविवार को दसवें दिन भी कालीदह पार्क में किसानों ने सत्याग्रह जारी रखा। सत्याग्रह स्थल पर पहुंचे सीओ सदर ने सत्याग्रही किसानों को मनाने का प्रयास भी किया, लेकिन किसानों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी सत्याग्रह जारी रहेगा।
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किसानों को संबोधित करते हुए किसान, गरीब, मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ताराचंद गोस्वामी ने कहा कि किसानों की जमीनों को जबरन जिला प्रशासन द्वारा कब्जा कर लिया गया, जबकि यह किसानों की अपनी जमीन है। अब इन किसानों के सत्याग्रह को समाप्त करने के लिए तरह-तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इन किसानों की जमीन वापस नहीं होगी यह आंदोलन जारी रहेगा।
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उन्होंने बताया कि 16 जनवरी को किसान संघर्ष समिति के लोग उच्चाधिकारियों से वार्ता करने के लिए जाएंगे, जिसमें पूर्व मंत्री पंडित श्याम सुंदर शर्मा, कुंवर नरेंद्र सिंह, ताराचंद गोस्वामी, भाकियू के राज कुमार तोमर, उदय वीर, पवन चतुर्वेदी, बिरजो निषाद, श्याम निषाद, लुकेश राही, मुन्नालाल निषाद, अमर सिंह निषाद, धर्मपाल निषाद, केशव देव, राजू निषाद आदि शामिल होंगे। अगर प्रशासन ने किसानों की जायज मांगों को नहीं माना तो आंदोलन को और धार दी जाएगी। संवाद
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कुंवर सिंह निषाद का एलान, किसानों के समर्थन में करेंगे भूख हड़ताल
किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे किसान नेता कुंवर सिंह निषाद ने एलान किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों और वृंदावन के किसानों की फसल पर प्रशासन द्वारा जबरन कब्जा और बर्बर लाठीचार्ज के खिलाफ 18 जनवरी को वृंदावन के कालीदह पार्क में भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने कहा है कि भाजपा सरकार के अधिकारी किसानों के साथ भूमाफिया जैसा व्यवहार कर रहे हैं। किसान शांतिपूर्ण रूप से सत्याग्रह पर बैठे हैं, लेकिन अभी तक गरीब किसानों की जमीन वापस नहीं की गई है। यदि जमीन और किसानों पर लगे फर्जी मुकदमे वापस नहीं होते हैं तो आमरण अनशन और आत्मदाह जैसे कदम उठाने को मजबूर होना पड़ेगा।
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