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मथुरा: सावन मास के पहले सोमवार को बन रहा शोभन योग का दुर्लभ संयोग
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मथुरा। सावन का पवित्र महीना आरंभ हो चुका है, आज पहला सोमवार है। यह महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस माह में भगवान शिव की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने का विधान होता है। मान्यता है कि सावन माह में बेलपत्र, भांग और धतूरा से शिव की पूजा करना और जल चढ़ाना फलदायी है। सावन के महीने में सोमवार व्रत और गंगा स्नान का महत्व होता है। इस बार सावन मास के पहले सोमवार को बन रहा शोभन योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में सावन के महीने के सोमवार का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे में सावन सोमवार का व्रत रखना और इस दिन विधिवत रूप से भगवान शिव और माता पार्वती पूजा-आराधना की जाती है। इस वर्ष सावन का महीना 14 जुलाई से आरंभ होकर 12 अगस्त तक चलेगा। सावन का पहला सोमवार इस बार 18 जुलाई को है। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे।
उन्होंने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार सावन महीने के पहले सोमवार के दिन शोभन योग का दुर्लभ संयोग बनेगा। इस योग में व्रत, पूजा-पाठ, जप और साधना व अनुष्ठान करने पर सौभाग्य में वृद्धि होती है। पंडित अमित भारद्वाज ने बताया कि प्रदोष व मासिक शिवरात्रि की पूजा विशेष फलदायी है। इस बार 25 जुलाई को सोम प्रदोष व 9 अगस्त को भौम प्रदोष है। सोमवार को होने वाला सोम प्रदोष व मंगलवार को पड़ने वाला भौम प्रदोष होता है।
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27 जुलाई को मासिक शिवरात्रि है। ब्रह्मवैवर्तय पुराण में उल्लेख है कि प्रदोष काल में शिव रजत महल में अत्यंत प्रसन्नचित हो नृत्य करते हैं। इस दिन शिव की विशेष पूजा, व्रत, उपासना व रुद्राभिषेक करने पर उत्तम रहता है। इसके अलावा मासिक शिवरात्रि को किया रुद्राभिषेक व पूजा अर्चना विशेष फलदायी होती है।
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ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर चतुर्वेदी ने बताया कि सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में सावन के महीने के सोमवार का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे में सावन सोमवार का व्रत रखना और इस दिन विधिवत रूप से भगवान शिव और माता पार्वती पूजा-आराधना की जाती है। इस वर्ष सावन का महीना 14 जुलाई से आरंभ होकर 12 अगस्त तक चलेगा। सावन का पहला सोमवार इस बार 18 जुलाई को है। इस बार सावन में चार सोमवार पड़ेंगे।
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उन्होंने बताया कि ज्योतिषीय गणना के अनुसार सावन महीने के पहले सोमवार के दिन शोभन योग का दुर्लभ संयोग बनेगा। इस योग में व्रत, पूजा-पाठ, जप और साधना व अनुष्ठान करने पर सौभाग्य में वृद्धि होती है। पंडित अमित भारद्वाज ने बताया कि प्रदोष व मासिक शिवरात्रि की पूजा विशेष फलदायी है। इस बार 25 जुलाई को सोम प्रदोष व 9 अगस्त को भौम प्रदोष है। सोमवार को होने वाला सोम प्रदोष व मंगलवार को पड़ने वाला भौम प्रदोष होता है।
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27 जुलाई को मासिक शिवरात्रि है। ब्रह्मवैवर्तय पुराण में उल्लेख है कि प्रदोष काल में शिव रजत महल में अत्यंत प्रसन्नचित हो नृत्य करते हैं। इस दिन शिव की विशेष पूजा, व्रत, उपासना व रुद्राभिषेक करने पर उत्तम रहता है। इसके अलावा मासिक शिवरात्रि को किया रुद्राभिषेक व पूजा अर्चना विशेष फलदायी होती है।