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मथुरा: केसरी घटा के बीच विराजे राजाधिराज
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मथुरा। पुष्टिमार्गीय संप्रदाय के ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में शुक्रवार से घटाओं का शुभारंभ हो गया। शुक्रवार को मंदिर में केसरी घटा का आयोजन हुआ।
इस आयोजन में मंदिर के जगमोहन को संपूर्ण केसरी वस्तुओं से सजाया गया। गाय, घोड़े, बंदर आदि सभी से भावनात्मक रूप से ठाकुरजी को बाहर के मौसम की अनुभूति कराई गई। केसरी घटा के बीच विराजे राजाधिराज की झांकी के दर्शन कर भक्त अभिभूत हुए। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि घटाओं के कार्यक्रम तिथि के हिसाब से होंगे।
उन्होंने बताया कि घटाओं से तात्पर्य है कि ठाकुरजी को बाहर के मौसम की अनुभूति कराना है, क्योंकि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में ठाकुरजी की सेवा का जो स्वरूप है, वह बालस्वरूप है। इसलिए पुष्टिमार्ग संप्रदाय में घटाओं का आयोजन होता है। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को सायंकाल भोग संध्या आरती में 5:15 से 5:45 हिडोला का कार्यक्रम होगा और फूल पत्ती का हिंडोला बनेगा। सायंकाल 4 से 4:20 तक उत्थापन के दर्शन खुलेंगे और उसके बाद भोग संध्या आरती और 6:30 बजे से 7:30 बजे तक शयन के दर्शन होंगे।
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इस आयोजन में मंदिर के जगमोहन को संपूर्ण केसरी वस्तुओं से सजाया गया। गाय, घोड़े, बंदर आदि सभी से भावनात्मक रूप से ठाकुरजी को बाहर के मौसम की अनुभूति कराई गई। केसरी घटा के बीच विराजे राजाधिराज की झांकी के दर्शन कर भक्त अभिभूत हुए। मंदिर के मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी एडवोकेट ने बताया कि घटाओं के कार्यक्रम तिथि के हिसाब से होंगे।
उन्होंने बताया कि घटाओं से तात्पर्य है कि ठाकुरजी को बाहर के मौसम की अनुभूति कराना है, क्योंकि पुष्टिमार्गीय संप्रदाय में ठाकुरजी की सेवा का जो स्वरूप है, वह बालस्वरूप है। इसलिए पुष्टिमार्ग संप्रदाय में घटाओं का आयोजन होता है। यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।
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उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को सायंकाल भोग संध्या आरती में 5:15 से 5:45 हिडोला का कार्यक्रम होगा और फूल पत्ती का हिंडोला बनेगा। सायंकाल 4 से 4:20 तक उत्थापन के दर्शन खुलेंगे और उसके बाद भोग संध्या आरती और 6:30 बजे से 7:30 बजे तक शयन के दर्शन होंगे।
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