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मथुरा: 36 घंटे बाद भी सुचारु नहीं हो पाया है रेल यातायात
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मथुरा। बड़े रेल हादसे की आशंका ने भले ही मंगलवार को रेलवे के सभी अधिकारियों को हिलाकर रख दिया हो लेकिन अगले ही दिन डीआरएम से लेकर छोटे अधिकारी तक ने ट्रैक के नीचे से जमीन धंसने की घटना को सिर्फ बारिश यानि कि दैवी आपदा मानकर जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया।
हालांकि डीआरएम आनंद स्वरूप व सीनियर डीईएन प्रथम सीताराम प्रजापति ने बुधवार को बाद रेलवे स्टेशन के पास की इस जमीन का निरीक्षण भी किया। उधर, 36 घंटे बाद भी रेल यातायात सुचारु नहीं हो सका है। अप और डाउन रूट पर कॉशन लगाकर ट्रेनों को निकाला जाता रहा।
मंगलवार को बाद रेलवे स्टेशन के आउटर के पास किलोमीटर संख्या 1387, 33,29 के निकट अप रूट पर रेलवे ट्रैक के नीचे बनी गंदे नाले की पुलिया धंस गई। इस कारण करीब दो घंटे तक अप और डाउन रूट पर रेल यातायात थम गया। दो घंटे बाद डाउन रूट पर यातायात बहाल कर ट्रेनों को कॉशन लगाकर निकाला गया, जबकि अप रूट पर रात 9 बजे के बाद ट्रेनों का संचालन 20 की गति का कॉशन लगाकर शुरू कराया गया।
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घटना के कारण करीब दो दर्जन से अधिक ट्रेन रुक गई थीं। बुधवार को आगरा मंडल रेल प्रबंधक और सीनियर डीईएन प्रथम घटनास्थल पर पहुंचे और रेलवे लाइन के नीचे से जो जमीन धंसी थी, उसे पुलिया की जमीन नहीं बल्कि अन्य सामान जमीन माना। जबकि सच्चाई है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण पुलिया के ऊपर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था।
डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार चार घंटे की बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंस गई थी। जमीन बारिश के कारण धंसी, पुलिया के कारण नहीं। मरम्मत का काम जारी है। रेल यातायात कॉशन लगाकर चलाया जा रहा है। अप रूट पर 20 और डाउन रूट पर 50 की गति का कॉशन लगाकर ट्रेनों को चलाया जा रहा है। मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद दोनों रूटों पर निर्धारित गति के साथ ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
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हालांकि डीआरएम आनंद स्वरूप व सीनियर डीईएन प्रथम सीताराम प्रजापति ने बुधवार को बाद रेलवे स्टेशन के पास की इस जमीन का निरीक्षण भी किया। उधर, 36 घंटे बाद भी रेल यातायात सुचारु नहीं हो सका है। अप और डाउन रूट पर कॉशन लगाकर ट्रेनों को निकाला जाता रहा।
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मंगलवार को बाद रेलवे स्टेशन के आउटर के पास किलोमीटर संख्या 1387, 33,29 के निकट अप रूट पर रेलवे ट्रैक के नीचे बनी गंदे नाले की पुलिया धंस गई। इस कारण करीब दो घंटे तक अप और डाउन रूट पर रेल यातायात थम गया। दो घंटे बाद डाउन रूट पर यातायात बहाल कर ट्रेनों को कॉशन लगाकर निकाला गया, जबकि अप रूट पर रात 9 बजे के बाद ट्रेनों का संचालन 20 की गति का कॉशन लगाकर शुरू कराया गया।
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घटना के कारण करीब दो दर्जन से अधिक ट्रेन रुक गई थीं। बुधवार को आगरा मंडल रेल प्रबंधक और सीनियर डीईएन प्रथम घटनास्थल पर पहुंचे और रेलवे लाइन के नीचे से जो जमीन धंसी थी, उसे पुलिया की जमीन नहीं बल्कि अन्य सामान जमीन माना। जबकि सच्चाई है कि रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के कारण पुलिया के ऊपर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था।
डीआरएम के पीआरओ एसके श्रीवास्तव ने बताया कि लगातार चार घंटे की बारिश के कारण रेलवे ट्रैक के नीचे की जमीन धंस गई थी। जमीन बारिश के कारण धंसी, पुलिया के कारण नहीं। मरम्मत का काम जारी है। रेल यातायात कॉशन लगाकर चलाया जा रहा है। अप रूट पर 20 और डाउन रूट पर 50 की गति का कॉशन लगाकर ट्रेनों को चलाया जा रहा है। मरम्मत का कार्य पूरा होने के बाद दोनों रूटों पर निर्धारित गति के साथ ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।