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मथुरा: यमुना किनारे उत्सव की जगह मनी पिकनिक
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यमुना किनारे स्वच्छता कार्यक्रम में बोलते जिला पंचायत अध्यक्ष किशन सिंह चौधरी।
मथुरा। चंद सफाई कर्मचारी, कार्यालय के कर्मचारी, एक अधिकारी और एक जनप्रतिनिधि। यमुना का किनारा कुछ देर तक सफाई कर्मचारियों को कुर्सियों पर बैठाकर वीडियो और फोटोग्राफी, फिर यमुना में नौका विहार का आनंद लिया।
चाय-बिस्कुट वगैरह-वगैरह और मना लिया गया प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का नदी उत्सव। जी हां, गंदगी के आलम से त्रस्त भगवान श्रीकृष्ण काल की यमुना जी के किनारे पहुंचकर शनिवार को कुछ इस प्रकार से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत नदी उत्सव मनाया गया।
दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से यह आह्वान किया है कि नदी किनारे वाले शहर के अधिकारियों द्वारा नदियों की महिमा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से नदी उत्सव मनाएं। यह भी कहा गया कि इस आयोजन से जनता से लोगों को जोड़ा जाए और उन्हें नदियों के महत्व को बताया जाए। उनके इस आह्वान के बाद नदियों के प्रति कर्तव्य से इतिश्री कर चुके जनपद के अधिकारी नदी किनारे तो गए लेकिन उनके द्वारा मात्र वीडियो और फोटोग्राफी कर अपना रिकॉर्ड तैयार किया।
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नदियों के प्रति जागरूकता के नाम पर जनता के एक भी व्यक्ति को नहीं जोड़ा। इस कार्यक्रम मेें डीपीआरओ किरण चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी के अलावा मात्र कुछ सफाई कर्मचारी और विभाग के लोग ही रहे। इसके बाद सभी ने नौका विहार किया और फिर कार्यक्रम का समापन कर डाला।
डीपीआरओ किरण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम में बहुत ज्यादा लोगों को बुलाया नहीं गया था। गांव का कार्यक्रम नहीं था, शहर का कार्यक्रम था। इसलिए केवल शहर के सफाई कर्मचारियों को ही बुलाया गया था।
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चाय-बिस्कुट वगैरह-वगैरह और मना लिया गया प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का नदी उत्सव। जी हां, गंदगी के आलम से त्रस्त भगवान श्रीकृष्ण काल की यमुना जी के किनारे पहुंचकर शनिवार को कुछ इस प्रकार से आजादी के अमृत महोत्सव के तहत नदी उत्सव मनाया गया।
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दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से यह आह्वान किया है कि नदी किनारे वाले शहर के अधिकारियों द्वारा नदियों की महिमा का प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से नदी उत्सव मनाएं। यह भी कहा गया कि इस आयोजन से जनता से लोगों को जोड़ा जाए और उन्हें नदियों के महत्व को बताया जाए। उनके इस आह्वान के बाद नदियों के प्रति कर्तव्य से इतिश्री कर चुके जनपद के अधिकारी नदी किनारे तो गए लेकिन उनके द्वारा मात्र वीडियो और फोटोग्राफी कर अपना रिकॉर्ड तैयार किया।
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नदियों के प्रति जागरूकता के नाम पर जनता के एक भी व्यक्ति को नहीं जोड़ा। इस कार्यक्रम मेें डीपीआरओ किरण चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी के अलावा मात्र कुछ सफाई कर्मचारी और विभाग के लोग ही रहे। इसके बाद सभी ने नौका विहार किया और फिर कार्यक्रम का समापन कर डाला।
डीपीआरओ किरण चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम में बहुत ज्यादा लोगों को बुलाया नहीं गया था। गांव का कार्यक्रम नहीं था, शहर का कार्यक्रम था। इसलिए केवल शहर के सफाई कर्मचारियों को ही बुलाया गया था।