{"_id":"6072f5fe8ebc3e591d013ff0","slug":"mathura-keeping-an-eye-on-potential-candidates-being-secretly-kept-mathura-news-agr488146690","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: गोपनीय तरीके से रखी जा रही संभावित प्रत्याशियों पर नजर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: गोपनीय तरीके से रखी जा रही संभावित प्रत्याशियों पर नजर
विज्ञापन
मथुरा। अभी चुनाव आयोग गोपनीय तरीके से पंचायत चुनाव के संभावित प्रत्याशियों की मॉनीटरिंग कर रहा है। नामांकन दाखिल होने के बाद तो प्रत्याशियों के खर्चे का रिकॉर्ड तैयार होगा लेकिन इससे पहले यदि बड़े आयोजन या खर्च किया गया है तो उसे भी चुनाव खर्च में जोड़ लिया जाएगा। इसके लिए चुनाव आयोग से जुड़े अधिकारी गोपनीय नजर रखे हैं और साक्ष्य एकत्र कर रहे हैं। आयोग के नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रत्याशियों के खिलाफ आयोग द्वारा निर्धारित कार्रवाई की जाएगी।
जैसे-जैसे पंचायत चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही हैं संभावित प्रत्याशी पूरे दम खम से चुनाव प्रचार प्रारंभ कर रहे हैं। उनके द्वारा अपने वोटों की खातिर हर हथकंडा प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में विपक्षियों के द्वारा उनकी घेराबंदी करने के उद्देश्य से उनकी गतिविधियों की जानकारी जिले के आला अधिकारियों को दी जा रही हैं।
चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत किए गए जिले के चुनाव अधिकारियों द्वारा प्रत्येक संभावित प्रत्याशियों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है लेकिन जब तक प्रचार करने वाला व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं कर देता है, तब तक उसके संबंध में उक्त चुनाव अधिकारी अधिकृत रूप से जानकारी नहीं जुटा सकते हैं। लेकिन 17 अप्रैल के बाद से नामांकन भरने बाद चुनाव अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रत्याशी द्वारा अपने प्रचार प्रसार में खर्च किए गए सभी खर्चे जोड़ दिए जाएंगे। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि नामांकन से पहले और बाद के सभी प्रत्याशियों का खर्च का हिसाब रखा जाएगा। आयोग के निर्देश अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जैसे-जैसे पंचायत चुनाव की तारीख नजदीक आती जा रही हैं संभावित प्रत्याशी पूरे दम खम से चुनाव प्रचार प्रारंभ कर रहे हैं। उनके द्वारा अपने वोटों की खातिर हर हथकंडा प्रयोग किया जा रहा है। ऐसे में विपक्षियों के द्वारा उनकी घेराबंदी करने के उद्देश्य से उनकी गतिविधियों की जानकारी जिले के आला अधिकारियों को दी जा रही हैं।
विज्ञापन
चुनाव आयोग द्वारा अधिकृत किए गए जिले के चुनाव अधिकारियों द्वारा प्रत्येक संभावित प्रत्याशियों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है लेकिन जब तक प्रचार करने वाला व्यक्ति नामांकन दाखिल नहीं कर देता है, तब तक उसके संबंध में उक्त चुनाव अधिकारी अधिकृत रूप से जानकारी नहीं जुटा सकते हैं। लेकिन 17 अप्रैल के बाद से नामांकन भरने बाद चुनाव अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रत्याशी द्वारा अपने प्रचार प्रसार में खर्च किए गए सभी खर्चे जोड़ दिए जाएंगे। सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने बताया कि नामांकन से पहले और बाद के सभी प्रत्याशियों का खर्च का हिसाब रखा जाएगा। आयोग के निर्देश अनुरूप ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन