{"_id":"626ea55e9526b601830c4fc4","slug":"mathura-high-court-issues-non-bailable-warrant-against-dm-mathura-news-mtr516968590","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: हाईकोर्ट ने जारी किया डीएम के खिलाफ गैर जमानती वारंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: हाईकोर्ट ने जारी किया डीएम के खिलाफ गैर जमानती वारंट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। २२ वर्ष नौकरी करने के बाद जनपद के चार अमीनों को हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी तय वेतन, पेंशन ग्रेच्युटी न देना जिलाधिकारी मथुरा को भारी पड़ गया। पुन: हाईकोर्ट गए अमीनोें की अवमानना अपील पर हाईकोर्ट ने डीएम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। उन्हें अब १२ मई को हाईकोर्ट में पेश होना होगा। इस आदेश ने अफसरों के पैरों तले जमीन खिसका दी है। अब प्रशासनिक अधिकारी कोर्ट के आदेश के अनुपालन में जुट गए हैं।
दरअसल जिला प्रशासन द्वारा विभागीय प्रक्रियाओं के चलते अमीनों को नियम के मुताबिक न वेतन दिया जा रहा था और न ही पेंशन। इस मामले की सुनवाई जब प्रशासन ने नहीं की तो चार रिटायर्ड अमीन ब्रज मोहन शर्मा, मोहन चंद, नवरत्न शर्मा और परशुराम हाईकोर्ट चले गए। इनमें से ब्रज मोहन शर्मा मोहन चंद, नवरत्न शर्मा तो रिटायर्ड हो गए लेकिन परशुराम अभी भी महावन क्षेत्र मेें तैनात हैं।
पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट ने डीएम मथुरा नवनीत सिंह चहल को ६ सितंबर २०२१ को सभी का नियम के मुताबिक वर्ष १९९६ से अब तक का वेतन तथा पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद भी चारों अमीनों को भुगतान नहीं किया गया तो वह अवमानना में हाईकोर्ट चले गए। डीएम के खिलाफ अवमानना में जाने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में न केवल चारों अमीनों को लेकिन वेतन, पेंशन आदि का नियम के मुताबिक भुगतान का आदेश किया बल्कि डीएम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए और १२ मई को अदालत में पेश होने को कहा है।
विज्ञापन
इस आदेश के जारी होते ही प्रशासनिक अधिकारी अमीनों का वेतन तय करने में जुट गए हैं। उधर, रिटायर्ड अमीन मोहन चंद ने बताया कि वह बहुत परेशान होने के बाद हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने २२ माह का वेतन, ग्रेच्युटी आदि देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
दरअसल जिला प्रशासन द्वारा विभागीय प्रक्रियाओं के चलते अमीनों को नियम के मुताबिक न वेतन दिया जा रहा था और न ही पेंशन। इस मामले की सुनवाई जब प्रशासन ने नहीं की तो चार रिटायर्ड अमीन ब्रज मोहन शर्मा, मोहन चंद, नवरत्न शर्मा और परशुराम हाईकोर्ट चले गए। इनमें से ब्रज मोहन शर्मा मोहन चंद, नवरत्न शर्मा तो रिटायर्ड हो गए लेकिन परशुराम अभी भी महावन क्षेत्र मेें तैनात हैं।
विज्ञापन
पूरे मामले को लेकर हाईकोर्ट ने डीएम मथुरा नवनीत सिंह चहल को ६ सितंबर २०२१ को सभी का नियम के मुताबिक वर्ष १९९६ से अब तक का वेतन तथा पेंशन, ग्रेच्युटी आदि का भुगतान करने का आदेश दिया। इस आदेश के बाद भी चारों अमीनों को भुगतान नहीं किया गया तो वह अवमानना में हाईकोर्ट चले गए। डीएम के खिलाफ अवमानना में जाने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में न केवल चारों अमीनों को लेकिन वेतन, पेंशन आदि का नियम के मुताबिक भुगतान का आदेश किया बल्कि डीएम के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए और १२ मई को अदालत में पेश होने को कहा है।
विज्ञापन
इस आदेश के जारी होते ही प्रशासनिक अधिकारी अमीनों का वेतन तय करने में जुट गए हैं। उधर, रिटायर्ड अमीन मोहन चंद ने बताया कि वह बहुत परेशान होने के बाद हाईकोर्ट गए। हाईकोर्ट ने २२ माह का वेतन, ग्रेच्युटी आदि देने का आदेश दिया है।