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मथुरा: वृंदावन इस्कान मंदिर में हुआ गिरिराज पूजन
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मथुरा। वृंदावन के इस्कॉन मंदिर में विशाल सूजी एवं मैदा से निर्मित गिरिराज महाराज बनाए गए।
- फोटो : VRINDAVAN
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वृंदावन (मथुरा)। हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे... हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे संकीर्तन की धुन पर नृत्य करते देशी विदेशी भक्त। यह दृश्य सभी को आकर्षित कर रहा था। वृंदावन के कृष्ण बलराम इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार को गिरिराज पूजन श्रद्धा और भक्ति के साथ आयोजित किया गया।
हरे राम हरे कृष्ण के संकीर्तन के मध्य सैकड़ों की संख्या में कई देशों के विदेशी भक्त भी इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। लगभग 11 सौ किलो सूजी के हलवा के साथ-साथ मेवा, बिस्कुट, फलों को गोवर्धन महाराज का स्वरूप दिया गया। विदेशी भक्तों ने गिरिराज जी की परिक्रमा दी। पूजन के दौरान गोवर्धन महाराज का अभिषेक किया गया और आरती उतारी गई। भक्त श्रीगोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट बिराज रह्यौ...भजन गा रहे थे।
विदेशी भक्तों के जयघोषों और हरे कृष्ण हरे राम के संकीर्तन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गिरिाज पूजन में अमेरिका, रूस, आस्ट्रेलिया, जर्मन, ब्राजील आदि देशों से आए इस्कॉन अनुयायी श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल हुए। पूजन के बाद श्रद्धालुओं को हलवा का प्रसाद भी वितरित किया गया। इस मौके पर वृंदावन इस्कॉल के अध्यक्ष पंचगौड़ादास, इस्कॉन अमेरिका से आए श्रुतिकीर्तीदास, बिमल कृष्ण दास और रविलोचन दास उपस्थित रहे।
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राधारानी की कृपा सो गिरिवर लियौ उठाए...
दिवाली के बाद ब्रजलोक परंपरा का अनूठा और उत्साहपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। घर-घर के आंगन में गाय के गोबर के गोवर्धन गिरिराज बनाए गए, इसके बाद पूजन किया गया।
वृंदावन के राधा रमण मंदिर, भक्तिनगर, ब्रजेश हाइटस में भी विशेष आयोजन संपन्न हुए। सायंकाल घरों पर सजाए गए और गोवर्धन की पूजा ब्रजवासियों द्वारा सपरिवार की गई। पूजा के दौरान आतिशबाजी हुई और इसके बाद लोगों ने गोवर्धन की दूध की धार से सात परिक्रमा देकर खुद को कृतार्थ किया। गोवर्धन पूजन के अवसर पर चहुंओर से श्री गोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट बिराज रह्यै... और कछु गोपाल करी सहाय, राधारानी की कृपा सो गिरिवर लियौ उठाए... जैसे भजनों की गूंज रही।
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हरे राम हरे कृष्ण के संकीर्तन के मध्य सैकड़ों की संख्या में कई देशों के विदेशी भक्त भी इस धार्मिक आयोजन के साक्षी बने। लगभग 11 सौ किलो सूजी के हलवा के साथ-साथ मेवा, बिस्कुट, फलों को गोवर्धन महाराज का स्वरूप दिया गया। विदेशी भक्तों ने गिरिराज जी की परिक्रमा दी। पूजन के दौरान गोवर्धन महाराज का अभिषेक किया गया और आरती उतारी गई। भक्त श्रीगोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट बिराज रह्यौ...भजन गा रहे थे।
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विदेशी भक्तों के जयघोषों और हरे कृष्ण हरे राम के संकीर्तन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। गिरिाज पूजन में अमेरिका, रूस, आस्ट्रेलिया, जर्मन, ब्राजील आदि देशों से आए इस्कॉन अनुयायी श्रद्धा और भक्ति के साथ शामिल हुए। पूजन के बाद श्रद्धालुओं को हलवा का प्रसाद भी वितरित किया गया। इस मौके पर वृंदावन इस्कॉल के अध्यक्ष पंचगौड़ादास, इस्कॉन अमेरिका से आए श्रुतिकीर्तीदास, बिमल कृष्ण दास और रविलोचन दास उपस्थित रहे।
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राधारानी की कृपा सो गिरिवर लियौ उठाए...
दिवाली के बाद ब्रजलोक परंपरा का अनूठा और उत्साहपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। घर-घर के आंगन में गाय के गोबर के गोवर्धन गिरिराज बनाए गए, इसके बाद पूजन किया गया।
वृंदावन के राधा रमण मंदिर, भक्तिनगर, ब्रजेश हाइटस में भी विशेष आयोजन संपन्न हुए। सायंकाल घरों पर सजाए गए और गोवर्धन की पूजा ब्रजवासियों द्वारा सपरिवार की गई। पूजा के दौरान आतिशबाजी हुई और इसके बाद लोगों ने गोवर्धन की दूध की धार से सात परिक्रमा देकर खुद को कृतार्थ किया। गोवर्धन पूजन के अवसर पर चहुंओर से श्री गोवर्धन महाराज, तेरे माथे मुकुट बिराज रह्यै... और कछु गोपाल करी सहाय, राधारानी की कृपा सो गिरिवर लियौ उठाए... जैसे भजनों की गूंज रही।