फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Mathura Freight Train Derailment Halts Route Passengers Stranded for Hours Without Food or Water

मालगाड़ी हादसा: मथुरा में थम गईं ट्रेनें...घंटों फंसे रहे यात्री, भूख-प्यास से हुए बेहाल

Wed, 22 Oct 2025 09:08 AM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 22 Oct 2025 09:08 AM IST
सार

मथुरा मालगाड़ी हादसा होने के बाद ट्रेनें रुक गई। इस दौरान यात्री गाड़ियों में फंसे रहे। यात्री भूख-प्यास से बेहाल हो गए। रात 12 बजे के बाद दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों को एक-एक करके निकालना शुरू किया गया।
 

विज्ञापन
Mathura Freight Train Derailment Halts Route Passengers Stranded for Hours Without Food or Water
मथुरा में बेपटरी हुई मालगाड़ी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

मथुरा-पलवल रेल खंड में वृंदावन-आझई रेलवे ट्रैक पर जैंत के पास कोयले से लदी मालगाड़ी के डिरेल होने के बाद हजारों यात्री ट्रेनों फंसे रहे। छाता, फरह, जंक्शन व भूतेश्वर पर ट्रेनें खड़ी रहीं। यात्री भूख-प्यास से बेहाल हो गए। रात 12 बजे के बाद दिल्ली की ओर जाने वाली ट्रेनों को एक-एक करके निकाला जाने लगा था।
विज्ञापन


मालगाड़ी हादसे के बाद शताब्दी एक्सप्रेस, मेवाड़ एक्सप्रेस, पंजाब मेल सहित कई ट्रेनों को रोक दिया। पैसेंजर और मेमू गाड़ियों के यात्री भी परेशान रहे। रात आठ बजे हादसे के बाद यात्रियों ने इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ट्रेनों के बारे में जानकारी करना शुरू कर दिया। वहीं शताब्दी में सफर कर रहे विवेक रोहिला ने बताया कि दो घंटे तक ट्रेन के बारे में जानकारी नहीं दी गई। कम से कम यात्रियों को बताया तो जा सकता था। इसी तरह मेवाड़ एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों का कहना था कि पानी भी खत्म हो गया। यात्री बेहाल हो गए। ट्रेन घंटों आउटर पर खड़ी रही।
विज्ञापन



इसी ट्रैक पर एक साल पहले भी डिरेल हुई थी मालगाड़ी
 मथुरा-पलवल रेलवे ट्रैक पर जहां मंगलवार को मालगाड़ी के 12 डिब्बे डिरेल हुए हैं, इसी ट्रैक पर और लगभग इसी स्थान पर पिछले साल 18 सितंबर की रात्रि में एक मालगाड़ी डिरेल हुई थी। तब 28 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसके कारण 100 से अधिक ट्रेनें प्रभावित हुई थीं और करीब 34 ट्रेनें निरस्त करनी पड़ी थीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले वर्ष डिरेल हुई मालगाड़ी में करीब 1820 टन कोयला लदा हुआ था। दुर्घटना के समय बारिश का मौसम होने के कारण पटरी से उतरा यह पूरा कोयला मिट्टी में मिल गया था, जिससे रेलवे को करीब 50 लाख से अधिक का नुकसान हुआ था। एक ही स्थान पर मालगाड़ी के बार-बार डिरेल होने से रेलवे ट्रैक की सुरक्षा और इंजीनियरिंग पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, ताकि बार-बार हो रही इन दुर्घटनाओं के मूल कारणों का पता लगाया जा सके।


साजिश की आशंका से इनकार नहीं
ट्रैक पर मालगाड़ी के 12 डिब्बे पूरी तरह पलट गए हैं। कई डिब्बे तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इससे यह भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं हादसे के पीछे कोई साजिश तो नहीं है। कहीं ट्रैक पर कोई वस्तु तो नहीं रखी गई थी। हालांकि रेलवे अधिकारियों ने अभी कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। पहली प्राथमिकता यातायात सुचारू करना है। इसके बाद सभी पहलुओं से जांच की जाएगी।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed