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मथुरा: भावुक मन से घर लौटने पर किसानों का हुआ स्वागत
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आंदोलन से लौटे किसानों का स्वागत करते नगरवासी।
- फोटो : KOSI
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कोसीकलां (मथुरा)। एक साल से चल रहे किसान आंदोलन का समापन क्षेत्र के लिए मिसाल बन गया। एक साल से बेतहाशा विरोध झेलने के बावजूद डटे रहे किसानों के लौटने पर रविवार को जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई तो वे भावुक हो गए।
किसानों ने कहा कि आज उन्हें एक साल के संघर्ष का सही मायने में फल मिला है। किसानों ने मंडी समिति परिसर में पूर्व पीएम चौ. चरण सिंह को माल्यार्पण किया तो पूूरा परिसर भारत माता की जय व किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद के नारों से गुंजायमान हो उठा। किसानों पर हुई पुष्पवर्षा ने किसानों के जोश को दोगुना कर दिया। वहीं हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत एवं मृत सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
किसान नेता दीपक चौधरी, महेशपाल बधेल ने कहा कि सरकार द्वारा मानी गई मांगों का एक निश्चित समयसीमा में समाधान किया जाए। एक साल के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, जिसके लिए केंद्र सरकार ठोस कदम उठाए। आंदोलन में जान गंवाने वाले 700 से ज्यादा मृतक किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। स्वागत करने वालों में रामवीर चौधरी, प्रदीप चौधरी, लेखराज सिंह, जाकिर हुसैन, रवि, नदीम, शकील अब्बासी, कान्हा प्रधान, पद्म, हरी सैनी, देव शर्मा, मौशिम, चांद, असलम, हरिशंकर आदि थे।
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किसानों ने कहा कि आज उन्हें एक साल के संघर्ष का सही मायने में फल मिला है। किसानों ने मंडी समिति परिसर में पूर्व पीएम चौ. चरण सिंह को माल्यार्पण किया तो पूूरा परिसर भारत माता की जय व किसान-मजदूर एकता जिंदाबाद के नारों से गुंजायमान हो उठा। किसानों पर हुई पुष्पवर्षा ने किसानों के जोश को दोगुना कर दिया। वहीं हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत एवं मृत सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
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किसान नेता दीपक चौधरी, महेशपाल बधेल ने कहा कि सरकार द्वारा मानी गई मांगों का एक निश्चित समयसीमा में समाधान किया जाए। एक साल के दौरान किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं, जिसके लिए केंद्र सरकार ठोस कदम उठाए। आंदोलन में जान गंवाने वाले 700 से ज्यादा मृतक किसानों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। स्वागत करने वालों में रामवीर चौधरी, प्रदीप चौधरी, लेखराज सिंह, जाकिर हुसैन, रवि, नदीम, शकील अब्बासी, कान्हा प्रधान, पद्म, हरी सैनी, देव शर्मा, मौशिम, चांद, असलम, हरिशंकर आदि थे।
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