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दक्षिण का मदुरै, उत्तर का मथुरा: पांच हजार से अधिक मंदिर, 7.5 करोड़ श्रद्धालु; ब्रज बन रहा नया 'टेंपल कैपिटल'

Thu, 06 Aug 2026 02:21 PM IST
Dhirendra Singh तरुण चौहान, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, मथुरा
तरुण चौहान, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, मथुरा Published by: Dhirendra Singh Updated Thu, 06 Aug 2026 02:21 PM IST
सार

काशी और अयोध्या के बाद अब ब्रज क्षेत्र देश के सबसे बड़े धार्मिक केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है। बांके बिहारी कॉरिडोर, चंद्रोदय मंदिर, राया हेरिटेज सिटी और जेवर एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं मथुरा को वैश्विक धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रही हैं।
 

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Mathura Emerges as North India's New Temple Capital, Rivalling Madurai
मथुरा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

दक्षिण भारत का मदुरै सदियों से अपनी विशिष्ट मंदिर वास्तुकला और धार्मिक अर्थतंत्र के कारण टेंपल सिटी का प्रतीक रहा है। अब उत्तर भारत में भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और क्रीड़ास्थली ब्रज (मथुरा-वृंदावन) एक नए टेंपल कैपिटल के रूप में तेजी से चमक रहा है। काशी विश्वनाथ धाम के कायाकल्प और अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद मथुरा अब देश का अगला बड़ा आध्यात्मिक और आर्थिक केंद्र बनता दिखाई दे रहा है।
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किसी भी क्षेत्र को टेंपल कैपिटल का दर्जा देने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका वहां मौजूद मंदिरों की संख्या और घनत्व की होती है। तमिलनाडु का ऐतिहासिक मदुरै शहर मीनाक्षी अम्मन मंदिर कॉम्प्लेक्स समेत लगभग 100 से 150 प्रमुख मंदिरों का केंद्र है। इसकी तुलना में उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक क्षेत्रों में मंदिरों की एक विशाल शृंखला मौजूद है। वाराणसी में 3000 से अधिक और अयोध्या में लगभग 4000 मंदिर व मठ स्थापित हैं। वहीं मथुरा जनपद में 5000 से अधिक पंजीकृत व पौराणिक मंदिर मौजूद हैं। अकेले वृंदावन में ही 4000 से अधिक देवालय हैं, जो इसे दुनिया के सबसे सघन मंदिर क्षेत्रों में शामिल करता है।

 
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पर्यटकों और श्रद्धालुओं के आंकड़े भी इस दावे को मजबूती देते हैं। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, काशी में सालाना 8.5 से 10 करोड़ और अयोध्या में 5.5 से 6.5 करोड़ श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। वहीं मथुरा-वृंदावन में यह आंकड़ा सालाना 7.5 करोड़ के पार पहुंच चुका है। दिल्ली-एनसीआर से सीधी कनेक्टिविटी और वीकेंड बूम के कारण यहां पूरे साल पर्यटकों का तांता लगा रहता है।

 
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अरबों रुपये की योजनाएं बढ़ा रहीं धार्मिक महत्व
अरबों रुपये की योजनाएं ब्रज के धार्मिक महत्व को बढ़ा रही हैं। काशी की तर्ज पर प्रस्तावित बांके बिहारी कॉरिडोर, विश्व का सबसे ऊंचा 70 मंजिला चंद्रोदय मंदिर, यमुना एक्सप्रेसवे के पास 9000 हेक्टेयर में प्रस्तावित राया हेरिटेज सिटी और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता ब्रज को विश्व पटल पर ला रही है। इस आर्थिक विकास के चलते पांच सितारा होटल भी यहां स्थापित हो रहे हैं। वहीं, जमीनों की दरों में 200 से 300 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया है।
 
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