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मथुरा: दोस्त की हत्या में दो को आठ-आठ वर्ष का कारावास
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मथुरा। कोतवाली क्षेत्र में १४ साल पहले दोस्त की हत्या में दो दोषियों को बुधवार को अदालत ने ८-८ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। हत्या में शामिल तीसरा अभियुक्त अभी तक फरार है। अदालत ने जमानत पर चल रहे दोनों दोषियों को सजा सुनाए जाने के बाद जेल भेज दिया।
दीपक खट्टर पुत्र राजेन्द्र पाल निवासी तिलक नगर कॉलोनी, मथुरा, योगेश उर्फ पिटारी पुत्र किशन सिंह निवासी राजा बलि का टीला, जनरल गंज, योगेश उर्फ नट्टा पुत्र सियाराम शर्मा निवासी रोटी गोदाम भीष्मगढ़ बगीची सदर बाजार तथा अरविंद शर्मा निवासी बाढ़ा बिहारी दास मोहल्ला जनरल गंज घनिष्ठ दोस्त थे। दीपक खट्टर के कुछ पैसे अरविंद शर्मा पर बकाया थे। इन्हीं पैसों को वसूल करने के लिए २१ सितंबर २००८ को दीपक ने अरविंद शर्मा को अपने घर पर बुलाया। उस वक्त योगेश उर्फ पिटारी, योगेश उर्फ नट्टा भी वहां मौजूद थे।
इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया और दीपक ने अरविंद के सिर में कांच की वस्तु से हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वारदात पर पर्दा डालने के लिए तीनों दोस्तों ने अरविंद के शव को यमुना में फैंक दिया। अरविंद के गायब होने की शिकायत उसके चाचा विनोद शर्मा ने कोतवाली पुलिस से की। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रामकिशोर-3 की अदालत में हुई। एडीजीसी चन्द्रभान सिंह ने बताया कि अदालत ने योगेश उर्फ पिटारी, योगेश उर्फ नट्टा को ८-८ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों जमानत पर थे, निर्णय के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
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दीपक खट्टर पुत्र राजेन्द्र पाल निवासी तिलक नगर कॉलोनी, मथुरा, योगेश उर्फ पिटारी पुत्र किशन सिंह निवासी राजा बलि का टीला, जनरल गंज, योगेश उर्फ नट्टा पुत्र सियाराम शर्मा निवासी रोटी गोदाम भीष्मगढ़ बगीची सदर बाजार तथा अरविंद शर्मा निवासी बाढ़ा बिहारी दास मोहल्ला जनरल गंज घनिष्ठ दोस्त थे। दीपक खट्टर के कुछ पैसे अरविंद शर्मा पर बकाया थे। इन्हीं पैसों को वसूल करने के लिए २१ सितंबर २००८ को दीपक ने अरविंद शर्मा को अपने घर पर बुलाया। उस वक्त योगेश उर्फ पिटारी, योगेश उर्फ नट्टा भी वहां मौजूद थे।
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इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हो गया और दीपक ने अरविंद के सिर में कांच की वस्तु से हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। वारदात पर पर्दा डालने के लिए तीनों दोस्तों ने अरविंद के शव को यमुना में फैंक दिया। अरविंद के गायब होने की शिकायत उसके चाचा विनोद शर्मा ने कोतवाली पुलिस से की। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रामकिशोर-3 की अदालत में हुई। एडीजीसी चन्द्रभान सिंह ने बताया कि अदालत ने योगेश उर्फ पिटारी, योगेश उर्फ नट्टा को ८-८ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। दोनों जमानत पर थे, निर्णय के बाद उन्हें जेल भेज दिया।
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