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मथुरा: शव को भू समाधि देने पर दो समुदायों में विवाद
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मांट (मथुरा)। कस्बा मांट मूला में नाथ (सपेरे) समुदाय की एक महिला के शव को भू समाधि देने से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रोक दिया। मुस्लिम लोग उस स्थल को करबला की जगह बता रहे थे। पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम ने जमीन की नापजोख की। उसके बाद महिला के शव को उसी स्थल पर भू समाधि दी गई।
कांति (30) पत्नी राजवीर नाथ की शुक्रवार रात को मौत हो गई थी। शनिवार सुबह नौ बजे नाथ समुदाय के लोग मांट मूला में ईदगाह के निकट उसे भू समाधि देने ले गए। जमीन की खोदाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंच गए। जमीन को करबला की बताते हुए शव की समाधि देने से रोक दिया। इससे विवाद बढ़ गया। मांट थाना प्रभारी निरीक्षक भीम सिंह जावला व एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा पहुंच गए। दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद के निपटारे का प्रयास किया, लेकिन दोनों जमीन की नापजोख कर विवाद को जड़ से खत्म करने की बात कहने लगे।
एसडीएम रामदत्त राम के निर्देश पर लेखपाल टेकचंद व विजयपाल टीम के साथ पहुंच गए। नापजोख के बाद उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर नाथ समुदाय की महिला को भू समाधि दी जा रही है, वह जमीन करबला से अलग है। हालांकि वह स्थल नाथ समुदाय के मरघट के रूप में दर्ज नहीं है। डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद कांति के शव को उसी स्थान पर भू समाधि दी गई।
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कांति (30) पत्नी राजवीर नाथ की शुक्रवार रात को मौत हो गई थी। शनिवार सुबह नौ बजे नाथ समुदाय के लोग मांट मूला में ईदगाह के निकट उसे भू समाधि देने ले गए। जमीन की खोदाई के दौरान मुस्लिम समुदाय के लोग पहुंच गए। जमीन को करबला की बताते हुए शव की समाधि देने से रोक दिया। इससे विवाद बढ़ गया। मांट थाना प्रभारी निरीक्षक भीम सिंह जावला व एसएसआई दिनेश कुमार शर्मा पहुंच गए। दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद के निपटारे का प्रयास किया, लेकिन दोनों जमीन की नापजोख कर विवाद को जड़ से खत्म करने की बात कहने लगे।
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एसडीएम रामदत्त राम के निर्देश पर लेखपाल टेकचंद व विजयपाल टीम के साथ पहुंच गए। नापजोख के बाद उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर नाथ समुदाय की महिला को भू समाधि दी जा रही है, वह जमीन करबला से अलग है। हालांकि वह स्थल नाथ समुदाय के मरघट के रूप में दर्ज नहीं है। डेढ़ घंटे की जद्दोजहद के बाद कांति के शव को उसी स्थान पर भू समाधि दी गई।
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