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मथुरा: कोर्ट ने फर्जी वसीयत मामले में दिए एफआईआर के आदेश
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मथुरा। गोवर्धन रोड स्थित दो सौ करोड़ रुपये के प्रताप बाग की फर्जी वसीयत और राजकुमारी का मृत्यु प्रमाणपत्र बनाए जाने के मामले में बृहस्पतिवार को न्यायिक तहसीलदार की कोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने फर्जी वसीयत बनाने के मामले में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। वहीं, प्रकरण में सदर तहसीलदार (न्यायिक) की अदालत में भी आज सुनवाई होनी थी जो 12 अगस्त के लिए स्थगित हो गई है।
बृहस्पतिवार को स्वामी अलवर स्टेट की राजकुमारी प्रताप की फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा मनीष कुमार सिंह की अदालत ने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर का आदेश किया है। राजकुमारी प्रताप के प्रतिनिधि और प्रबंधक रर्र्विद्र गुप्ता एडवोकेट के आवेदन पर न्यायालय ने एसएचओ हाईवे को आदेशित किया है कि आरोपी शकुंतला देवी, देवेंद्र पाल सिंह, जयपाल सिंह, सचिन सारंग, अजय शर्मा, जितेंद्र प्रताप सिंह, अशोक चहल, गुलाब सिंह, भानु कुमारी, दुर्गेश कुमारी एवं 10-12 अज्ञात के विरुद्ध दस्तावेजों की कूटरचना एवं धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया जाए।
मालूम हो कि 28 जुलाई को अमर उजाला ने प्रमुखता से इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। लगभग दो सौ करोड़ रुपये कीमत के प्रताप बाग को हड़पने के लिए भूमाफिया और राजस्व विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की गई थी।
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बृहस्पतिवार को स्वामी अलवर स्टेट की राजकुमारी प्रताप की फर्जी वसीयत और मृत्यु प्रमाणपत्र के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट मथुरा मनीष कुमार सिंह की अदालत ने दोषियों के विरुद्ध एफआईआर का आदेश किया है। राजकुमारी प्रताप के प्रतिनिधि और प्रबंधक रर्र्विद्र गुप्ता एडवोकेट के आवेदन पर न्यायालय ने एसएचओ हाईवे को आदेशित किया है कि आरोपी शकुंतला देवी, देवेंद्र पाल सिंह, जयपाल सिंह, सचिन सारंग, अजय शर्मा, जितेंद्र प्रताप सिंह, अशोक चहल, गुलाब सिंह, भानु कुमारी, दुर्गेश कुमारी एवं 10-12 अज्ञात के विरुद्ध दस्तावेजों की कूटरचना एवं धोखाधड़ी की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया जाए।
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मालूम हो कि 28 जुलाई को अमर उजाला ने प्रमुखता से इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। लगभग दो सौ करोड़ रुपये कीमत के प्रताप बाग को हड़पने के लिए भूमाफिया और राजस्व विभाग के कुछ लोगों की मिलीभगत की आशंका भी व्यक्त की गई थी।
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