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मथुरा: ब्रज बालाओं के नृत्य पर रीझ गए ब्रजयात्री
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नृत्य करते चलते ब्रजयात्री।
- फोटो : MATHURA
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नंदगांव/बरसाना (मथुरा)। मान मंदिर द्वारा संचालित श्रीराधारानी वार्षिक ब्रजयात्रा रविवार को आदि बद्री से चलकर अलीपुर में ब्रज गोपियों के नृत्य गान का आनंद लेते हुए त्रिकूट पर्वत की शोभा निहारते हुए पशुपति नाथ मंदिर पहुंची। महंत ने यात्रियों का भव्य स्वागत किया।
यात्रियों ने पशुपति भगवान की आराधना कर ब्रज के दोनों आराध्य पर्वत आदि बद्री व कनकांचल पर्वत को अविलंब संरक्षित करने की मन्नत मांगी। पसोपा ग्रामवासियों ने धरना स्थल पर बाबा नर सिंह दास, राधा कांत शास्त्री, सुनील सिंह, बरसाना शरण, राजकुमार आदि का स्वाफा बांध कर स्वागत किया।
धाऊ बरौली में ग्रामीणों ने भी यात्रा का भव्य स्वागत किया। हर घर के दरवाजे पर आतिथ्य के रूप में विविध भोज्य सामग्री ब्रजवासियों के प्रेम के साक्ष्य थे। बाबा नर सिंह दास ने ब्रज के प्राचीन रसिया- बरौली धाऊ गांव बड़ौ है प्यारौ। का गान किया। जिस पर गांव की गुजरियों ने पारंपरिक नृत्य कर सभी यात्रियों का मन मोह लिया। यात्रा के साथ ब्रज के विरक्त संत पद्मश्री रमेश बाबा भी चल रहे थे।
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यात्रियों ने पशुपति भगवान की आराधना कर ब्रज के दोनों आराध्य पर्वत आदि बद्री व कनकांचल पर्वत को अविलंब संरक्षित करने की मन्नत मांगी। पसोपा ग्रामवासियों ने धरना स्थल पर बाबा नर सिंह दास, राधा कांत शास्त्री, सुनील सिंह, बरसाना शरण, राजकुमार आदि का स्वाफा बांध कर स्वागत किया।
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धाऊ बरौली में ग्रामीणों ने भी यात्रा का भव्य स्वागत किया। हर घर के दरवाजे पर आतिथ्य के रूप में विविध भोज्य सामग्री ब्रजवासियों के प्रेम के साक्ष्य थे। बाबा नर सिंह दास ने ब्रज के प्राचीन रसिया- बरौली धाऊ गांव बड़ौ है प्यारौ। का गान किया। जिस पर गांव की गुजरियों ने पारंपरिक नृत्य कर सभी यात्रियों का मन मोह लिया। यात्रा के साथ ब्रज के विरक्त संत पद्मश्री रमेश बाबा भी चल रहे थे।
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