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मथुरा: मौसी व मौसेरे भाई की नहर में डुबाकर की थी हत्या
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मथुरा। चार लाख रुपये की उधारी मांगने पर प्रेमिका ने प्रेमी व उसके साथियों के संग मौसी व मौसेरे भाई की नहर में डुबोकर हत्या कर दी थी। सदर बाजार पुलिस ने प्रेमी और प्र्रेमिका को गिरफ्तार कर लिया है। फरार दो आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। करीब ढाई माह पहले बेटे की मांट व मां की राया थाना क्षेत्र में लाश मिली थी। उस समय पहचान नहीं हो पाई थी।
एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि कंकड़खेड़ा मेरठ की रहने वाली माला देवी पत्नी स्व. सतीश फौजी पति की मृत्यु के बाद पिछले नौ साल से माता-पिता के साथ इंदुपुरम कॉलोनी में रह रही थी। 18 मार्च को माला पुत्र के साथ जेठानी की उठावनी में देहरादून गई थी। यहां से वापस 24 मार्च को मथुरा के लिए चली लेकिन वह घर नहीं पहुंची। परिवारीजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो बंद आने पर मायके पक्ष के लोगों को शक हुआ और इसकी रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज कराई थी।
मां शीला देवी ने एसएसपी के समक्ष पेश होकर प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उनकी नातिन नेहा ने मौसी माला देवी से मकान खरीदने के लिए 4 लाख रुपये उधार लिए थे। माला देवी द्वारा वापस मांगने पर नेहा व उसका प्रेमी योगेश कुशवाहा उनकी पुत्री माला से आए दिन मारपीट व लड़ाई करते थे। माला की संपत्ति अपने नाम कराने के उद्देश्य से नेहा, योगेश और उसके भाई शैलू कुशवाहा व अन्य साथियों ने मिलकर उनकी बेटी माला व उसके पुत्र को षड्यंत्र करके अगवा कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि एसएचओ अजय किशोर ने योगेश निवासी काछीपाड़ा गोकुल महावन व नेहा निवासी गोकुलपुरम, दामोदरपुरा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में नेहा ने बताया कि वह और योगेश करीब 4 वर्ष से एक-दूसरे को जानते हैं। हमारा आपस में एक-दूसरे के घर पर आना जाना है। योगेश से मेरे नाना-नानी व मेरी मौसी माला देवी शादी का दबाव बनाते थे, जबकि योगेश पहले से शादीशुदा था। तब मैंने, योगेश व राकेश फौजी और इमरान ने एक प्लान बनाया कि माला मौसी का एक घर मेरठ में है। माला को मार देते हैं तो मुझे पैसे वापस नहीं करने पडे़ंगे और मेरठ वाले घर को बेचकर हम आपस में बांट लेंगे।
इस पर सभी राजी हो गए। माला देवी ने पति की मृत्यु के बाद मिले 12 लाख रुपये एक वकील को व्यापार के लिए दिए थे। जिन्हें वह वापस नहीं लौटा रहा था। इमरान, राकेश फौजी व योगेश ने मौसी माला को मेरठ से यह कहकर लाए कि उन्होंने वकील को पकड़ लिया है जिस पर आपके रुपये हैं। आप साथ चलो वकील पैसे देने को तैयार है। योगेश ने माला देवी को मथुरा लाकर होटल में रुकवाया। योजना के अनुसार माला मौसी को वकील से मिलाने कहकर राया ले जाकर पानी में डुबोकर मार दिया और बेटे विनय को मांट में गंगनहर में डुबोकर मार डाला। दो आरोपी अभी फरार हैं।
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एसपी सिटी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि कंकड़खेड़ा मेरठ की रहने वाली माला देवी पत्नी स्व. सतीश फौजी पति की मृत्यु के बाद पिछले नौ साल से माता-पिता के साथ इंदुपुरम कॉलोनी में रह रही थी। 18 मार्च को माला पुत्र के साथ जेठानी की उठावनी में देहरादून गई थी। यहां से वापस 24 मार्च को मथुरा के लिए चली लेकिन वह घर नहीं पहुंची। परिवारीजनों ने उसके मोबाइल पर फोन किया तो बंद आने पर मायके पक्ष के लोगों को शक हुआ और इसकी रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज कराई थी।
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मां शीला देवी ने एसएसपी के समक्ष पेश होकर प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें उनकी नातिन नेहा ने मौसी माला देवी से मकान खरीदने के लिए 4 लाख रुपये उधार लिए थे। माला देवी द्वारा वापस मांगने पर नेहा व उसका प्रेमी योगेश कुशवाहा उनकी पुत्री माला से आए दिन मारपीट व लड़ाई करते थे। माला की संपत्ति अपने नाम कराने के उद्देश्य से नेहा, योगेश और उसके भाई शैलू कुशवाहा व अन्य साथियों ने मिलकर उनकी बेटी माला व उसके पुत्र को षड्यंत्र करके अगवा कर लिया। एसपी सिटी ने बताया कि एसएचओ अजय किशोर ने योगेश निवासी काछीपाड़ा गोकुल महावन व नेहा निवासी गोकुलपुरम, दामोदरपुरा कॉलोनी को गिरफ्तार कर लिया।
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पूछताछ में नेहा ने बताया कि वह और योगेश करीब 4 वर्ष से एक-दूसरे को जानते हैं। हमारा आपस में एक-दूसरे के घर पर आना जाना है। योगेश से मेरे नाना-नानी व मेरी मौसी माला देवी शादी का दबाव बनाते थे, जबकि योगेश पहले से शादीशुदा था। तब मैंने, योगेश व राकेश फौजी और इमरान ने एक प्लान बनाया कि माला मौसी का एक घर मेरठ में है। माला को मार देते हैं तो मुझे पैसे वापस नहीं करने पडे़ंगे और मेरठ वाले घर को बेचकर हम आपस में बांट लेंगे।
इस पर सभी राजी हो गए। माला देवी ने पति की मृत्यु के बाद मिले 12 लाख रुपये एक वकील को व्यापार के लिए दिए थे। जिन्हें वह वापस नहीं लौटा रहा था। इमरान, राकेश फौजी व योगेश ने मौसी माला को मेरठ से यह कहकर लाए कि उन्होंने वकील को पकड़ लिया है जिस पर आपके रुपये हैं। आप साथ चलो वकील पैसे देने को तैयार है। योगेश ने माला देवी को मथुरा लाकर होटल में रुकवाया। योजना के अनुसार माला मौसी को वकील से मिलाने कहकर राया ले जाकर पानी में डुबोकर मार दिया और बेटे विनय को मांट में गंगनहर में डुबोकर मार डाला। दो आरोपी अभी फरार हैं।