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मथुरा: करोड़ों के घोटाले की फाइलों से छेेड़छाड़ का आरोप
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मथुरा। लगभग ५०० करोड़ के घोटाले की फाइलों से छेड़छाड़ की जा रही है। यह फाइल समाज कल्याण विभाग कार्यालय के कमरे में बंद हैं। आजकल विभाग में कोई अधिकारी नहीं है। जिसके चलते निलंबित किए गए बाबुओं द्वारा इन फाइलों से छेड़छाड़ की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार वह इन फाइलों से उन कागजातों को ले गए हैं जो कि आगे चलकर घोटाले में लिप्त अधिकारी और बाबुओं की गर्दन नापने का काम करेंगे। इस प्रकार की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
समाज कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेेंद्र नाथ प्रसाद को शासन ने निलंबित कर दिया। जिसके चलते वर्तमान में समाज कल्याण विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं है। पहले से बेलगाम कार्यालय के कर्मचारी और भी स्वतंत्र हो गए हैं। बताया जाता है कि समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में वह बाबू पहुंचे हैं, जिनको शासन ने घोटाले मेें लिप्त होने के कारण निलंबित कर दिया था।
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इन्हीं बाबुओं पर पहले घोटाले से संबंधित हार्ड डिस्क भी ले जाने का आरोप लगा था। निलंबित किए गए इन बाबुओं को बाद में शासन ने गैर जनपद नियुक्त भी कर दिया था। उनको गैर जनपद नियुक्त करने का कारण भी यही था कि वह समाज कल्याण विभाग मथुरा में रहकर जांच को प्रभावित न करें।
शुक्रवार को इस संबंध में महोली रोड निवासी राम कुमार ने निलंबित दोनों बाबुओं का नाम लेते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया है। शिकायत के मुताबिक दोनों बाबुओं ने ताला बंद कमरे को खोलकर उसमें से कागजात चोरी किए हैं। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे।
वर्ष २०२१ मेें पूर्व समाज कल्याण अधिकारी ने लगाया था ताला
वर्ष २०२१ में मुख्य कार्यालय से कुछ दूर बने एक कमरे में इन कागजातों को पूर्व समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता द्वारा लगाया गया था। कोई भी व्यक्ति उक्त कागजातों से छेड़छाड़ न करे, इसके लिए उसके सामने दो सीसीटीवी भी लगाए गए थे।
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सूत्रों के अनुसार वह इन फाइलों से उन कागजातों को ले गए हैं जो कि आगे चलकर घोटाले में लिप्त अधिकारी और बाबुओं की गर्दन नापने का काम करेंगे। इस प्रकार की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई है।
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समाज कल्याण विभाग के प्रभारी अधिकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेेंद्र नाथ प्रसाद को शासन ने निलंबित कर दिया। जिसके चलते वर्तमान में समाज कल्याण विभाग का कोई भी अधिकारी नहीं है। पहले से बेलगाम कार्यालय के कर्मचारी और भी स्वतंत्र हो गए हैं। बताया जाता है कि समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में वह बाबू पहुंचे हैं, जिनको शासन ने घोटाले मेें लिप्त होने के कारण निलंबित कर दिया था।
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इन्हीं बाबुओं पर पहले घोटाले से संबंधित हार्ड डिस्क भी ले जाने का आरोप लगा था। निलंबित किए गए इन बाबुओं को बाद में शासन ने गैर जनपद नियुक्त भी कर दिया था। उनको गैर जनपद नियुक्त करने का कारण भी यही था कि वह समाज कल्याण विभाग मथुरा में रहकर जांच को प्रभावित न करें।
शुक्रवार को इस संबंध में महोली रोड निवासी राम कुमार ने निलंबित दोनों बाबुओं का नाम लेते हुए विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया है। शिकायत के मुताबिक दोनों बाबुओं ने ताला बंद कमरे को खोलकर उसमें से कागजात चोरी किए हैं। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल ने बताया कि मामले की जांच कराएंगे।
वर्ष २०२१ मेें पूर्व समाज कल्याण अधिकारी ने लगाया था ताला
वर्ष २०२१ में मुख्य कार्यालय से कुछ दूर बने एक कमरे में इन कागजातों को पूर्व समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता द्वारा लगाया गया था। कोई भी व्यक्ति उक्त कागजातों से छेड़छाड़ न करे, इसके लिए उसके सामने दो सीसीटीवी भी लगाए गए थे।