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मथुरा: गोस्वामियों और व्यापारियों को दबाव में ले रहा प्रशासन
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर को लेकर चल रहे विरोध के बाद प्रशासन ने लोगों पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। कई लोगों और सेवायतों पर प्रशासन ने दबाव बनाकर अपने पक्ष में लेने का प्रयास किया है। इसमें प्रशासन के साथ भाजपा नेता भी बखूबी साथ निभा रहे हैं।
बताया जा रहा है ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के निर्माण का विरोध लगातार बढ़ रहा है। मंदिर के सेवायत गोस्वामी, व्यापारी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं। हर दिन आंदोलन के साथ-साथ न्यायालय में भी अपील दायर की गईं हैं। मामला अभी न्यायालय में हैं। व्यापारी व सेवायतों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी कॉरिडोर निर्माण को लेकर लोगों को अपने पक्ष में लेने का प्रयास कर रहे हैं।
बीते दिनों मथुरा कलक्ट्रेट परिसर में मंदिर सेवायतों और व्यापारियों के बीच हुई बैठक में कोई खास निर्णय नहीं हो पाने के बाद अब एक-एक कर लोगों को अपने पक्ष में लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम ने पिछले दिनों वृंदावन के कई लोगों को अपने कार्यालय बुलाकर वार्ता की। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने डीएम से मुलाकात की बात को खारिज करते हुए कॉरिडोर का विरोध किया है।
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व्यापारी नेता पुरुषोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह बैठक में गए जरूर थे लेकिन उन्होंने डीएम से मुलाकात नहीं की। वह कॉरिडोर के पक्ष में नहीं हैं। बंटी गौतम, राजेंद्र द्विवेदी, आशीष, मुकेश शर्मा, सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि वह कॉरिडोर निर्माण के पक्ष में नहीं हैं। कॉरिडोर बनने से वृंदावन की कुंज गलियों की पहचान मिल जाएगी। इसका लगातार विरोध किया जाता रहेगा।
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बताया जा रहा है ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के प्रस्तावित कॉरिडोर के निर्माण का विरोध लगातार बढ़ रहा है। मंदिर के सेवायत गोस्वामी, व्यापारी और स्थानीय लोग सड़कों पर उतरे हुए हैं। हर दिन आंदोलन के साथ-साथ न्यायालय में भी अपील दायर की गईं हैं। मामला अभी न्यायालय में हैं। व्यापारी व सेवायतों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारी कॉरिडोर निर्माण को लेकर लोगों को अपने पक्ष में लेने का प्रयास कर रहे हैं।
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बीते दिनों मथुरा कलक्ट्रेट परिसर में मंदिर सेवायतों और व्यापारियों के बीच हुई बैठक में कोई खास निर्णय नहीं हो पाने के बाद अब एक-एक कर लोगों को अपने पक्ष में लेने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में डीएम ने पिछले दिनों वृंदावन के कई लोगों को अपने कार्यालय बुलाकर वार्ता की। वहीं दूसरी ओर कई लोगों ने डीएम से मुलाकात की बात को खारिज करते हुए कॉरिडोर का विरोध किया है।
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व्यापारी नेता पुरुषोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह बैठक में गए जरूर थे लेकिन उन्होंने डीएम से मुलाकात नहीं की। वह कॉरिडोर के पक्ष में नहीं हैं। बंटी गौतम, राजेंद्र द्विवेदी, आशीष, मुकेश शर्मा, सुभाष खंडेलवाल ने कहा कि वह कॉरिडोर निर्माण के पक्ष में नहीं हैं। कॉरिडोर बनने से वृंदावन की कुंज गलियों की पहचान मिल जाएगी। इसका लगातार विरोध किया जाता रहेगा।