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Mathura News: वृंदावन के मंदिरों में शंख ध्वनि के मध्य किया महाभिषेक
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वृंदावन। कान्हा के जन्मोत्सव पर मंदिरों की नगरी वृंदावन में उल्लास छा गया। मंदिरों में सेवायत गोस्वामियों ने शंख और घंटों की ध्वनि के मध्य ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक किया। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह भंडारे लगाए गए।
ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में शुक्रवार सुबह वेद मंत्रोच्चार के मध्य ठाकुरजी के चल विग्रह का पंचामृत एवं महौषधि से अभिषेक किया। सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी एवं आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी ने बताया कि जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का गोमुखी अभिषेक पात्र से महा दुग्धाभिषेक किया गया। ठाकुर राधारमण मंदिर में सेवायतों ने वेद मंत्रों के मध्य 2100 किलो दूध, दही, घी, शक्कर, पंचगव्य, औषधि, गंधाष्टक और बीजाष्टक से ठाकुरजी का महाभिषेक किया। सेवायत पदमलोचन गोस्वामी, अनुराग गोस्वामी ने ठाकुर राधारमण लाल का अभिषेक किया। श्रीवत्स गोस्वामी ने पुरुषसूक्त का पाठ किया। सेवायत आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया कि आचार्य गोपाल भट्ट गोस्वामी की प्रेरणा से अभिषेक पद्धति का शुभारंभ हुआ।
शाहजी मंदिर में सेवायत शाह केएस गुप्ता एवं प्रशांत शाह ने आराध्य का अभिषेक किया। वहीं इस्कॉन मंदिर में ठाकुरजी के जन्मोत्सव पर अध्यक्ष पंचगौड़ा एवं श्रुतकीर्ति द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। रात दस बजे से ठाकुरजी का महाभिषेक शंख ध्वनि के मध्य किया गया। इसके बाद आराध्य को नवीन पोशाक धारण कराकर नयनाभिराम शृंगार कर 56 भोग अर्पित किए गए। छटीकरा मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर लड्डू गोपाल अभिषेक, छप्पन भोग, विशेष शृंगार, झूलन उत्सव, भजन संध्या और हरिनाम संकीर्तन प्रमुख आकर्षण रहे। भगवान को श्याम रंग के रेशमी एवं चांदी की कढ़ाई युक्त वस्त्र धारण कराए गए। मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने श्रीमद्भागवत के श्लोकों का वाचन किया।
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ठाकुर राधा दामोदर मंदिर में शुक्रवार सुबह वेद मंत्रोच्चार के मध्य ठाकुरजी के चल विग्रह का पंचामृत एवं महौषधि से अभिषेक किया। सेवायत कृष्ण बलराम गोस्वामी एवं आचार्य पूर्ण चंद्र गोस्वामी ने बताया कि जन्माष्टमी पर ठाकुरजी का गोमुखी अभिषेक पात्र से महा दुग्धाभिषेक किया गया। ठाकुर राधारमण मंदिर में सेवायतों ने वेद मंत्रों के मध्य 2100 किलो दूध, दही, घी, शक्कर, पंचगव्य, औषधि, गंधाष्टक और बीजाष्टक से ठाकुरजी का महाभिषेक किया। सेवायत पदमलोचन गोस्वामी, अनुराग गोस्वामी ने ठाकुर राधारमण लाल का अभिषेक किया। श्रीवत्स गोस्वामी ने पुरुषसूक्त का पाठ किया। सेवायत आचार्य पद्मनाभ गोस्वामी ने बताया कि आचार्य गोपाल भट्ट गोस्वामी की प्रेरणा से अभिषेक पद्धति का शुभारंभ हुआ।
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शाहजी मंदिर में सेवायत शाह केएस गुप्ता एवं प्रशांत शाह ने आराध्य का अभिषेक किया। वहीं इस्कॉन मंदिर में ठाकुरजी के जन्मोत्सव पर अध्यक्ष पंचगौड़ा एवं श्रुतकीर्ति द्वारा श्रीकृष्ण की लीलाओं का गुणगान किया। रात दस बजे से ठाकुरजी का महाभिषेक शंख ध्वनि के मध्य किया गया। इसके बाद आराध्य को नवीन पोशाक धारण कराकर नयनाभिराम शृंगार कर 56 भोग अर्पित किए गए। छटीकरा मार्ग स्थित वृंदावन चंद्रोदय मंदिर लड्डू गोपाल अभिषेक, छप्पन भोग, विशेष शृंगार, झूलन उत्सव, भजन संध्या और हरिनाम संकीर्तन प्रमुख आकर्षण रहे। भगवान को श्याम रंग के रेशमी एवं चांदी की कढ़ाई युक्त वस्त्र धारण कराए गए। मंदिर के अध्यक्ष चंचलापति दास ने श्रीमद्भागवत के श्लोकों का वाचन किया।
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