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Mathura News: लोगों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता व शुद्धता के प्रति किया जागरूक
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मथुरा। नवनीत कुंज कॉलोनी में खाद्य सुरक्षा वाहन के समीप महिलाओं को जागरूक करते अधिकारी।
- फोटो : mathura
मथुरा। होली का पर्व नजदीक है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले लोग भी सक्रिय हो गए हैं। लोगों को मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन से किसी तरह की परेशानी न हो, इसे देखते हुए अमर उजाला की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। लगातार प्रकाशित हो रहीं खबरों के बाद बुधवार को उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम वृंदावन रोड स्थित नवनीत कुंज काॅलोनी पहुंची। इस दौरान टीम ने खाद्य पदार्थों, दूध, हल्दी, मावा, सौंफ का परीक्षण कर मिलावट का पता लगाने की जानकारी दी।
नवनीत कुंज काॅलोनी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम फूड सेफ्टी ऑन व्हील वैन लेकर पहुंची। टीम को देख महिलाएं भी अपने-अपने घर से कोई दूध तो कोई हल्दी, मावा व अन्य मसाले लेकर पहुंच गईं। इस दौरान टीम ने उन्हें घर बैठे ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता परखने के बारे में बताया।
सीमा अग्रवाल घर से दूध लेकर आईं तो मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञान पाल सिंह ने बताया है कि दूध की जांच के लिए कांच की प्लेट पर थोड़ा सा दूध डालें। दूध अगर शुद्ध है तो दूध धीरे-धीरे पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहेगा। पानी की मिलावट है तो दूध बिना निशान छोड़े बहेगा। दूध में बीटाडीन से मिलावट होने की पहचान हो सकती है। अगर, दूध का रंग बदलता है तो मिलावट है।
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उन्होंने बताया कि दही, रबड़ी, मावा, छेना, पनीर एवं इससे बनी मिठाइयों में स्टार्च की मिलावट को पहचानने के लिए एक चम्मच नमूना पानी में खौलाएं। ठंडा होने पर कुछ बूंदें आयोडिन या टिंचर डालने पर रंग नीला पड़ जाए तो समझें कि इसमें मिलावट है। घी लेकर निशी अग्रवाल और शिखा अग्रवाल पहुंचीं तो बताया कि घी अगर वनस्पति या मारगेरीन की मिलावट है तो एक चम्मच पिघला घी और बराबर मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक परखनली में लेकर कुछ दाने चीनी के मिलाकर एक-दो मिनट हिलाएं। पांच मिनट तक रखने के बाद अगर परखनली के निचली सतह पर मैरून रंग दिखाई देता है तो तय है कि घी में मिलावट है।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण राणा, धमेंद्र सिंह, फूट सुपरवाइजर टीसी धारिया आदि मौजूद रहे।
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नवनीत कुंज काॅलोनी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम फूड सेफ्टी ऑन व्हील वैन लेकर पहुंची। टीम को देख महिलाएं भी अपने-अपने घर से कोई दूध तो कोई हल्दी, मावा व अन्य मसाले लेकर पहुंच गईं। इस दौरान टीम ने उन्हें घर बैठे ही खाद्य पदार्थों की शुद्धता परखने के बारे में बताया।
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सीमा अग्रवाल घर से दूध लेकर आईं तो मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्ञान पाल सिंह ने बताया है कि दूध की जांच के लिए कांच की प्लेट पर थोड़ा सा दूध डालें। दूध अगर शुद्ध है तो दूध धीरे-धीरे पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहेगा। पानी की मिलावट है तो दूध बिना निशान छोड़े बहेगा। दूध में बीटाडीन से मिलावट होने की पहचान हो सकती है। अगर, दूध का रंग बदलता है तो मिलावट है।
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उन्होंने बताया कि दही, रबड़ी, मावा, छेना, पनीर एवं इससे बनी मिठाइयों में स्टार्च की मिलावट को पहचानने के लिए एक चम्मच नमूना पानी में खौलाएं। ठंडा होने पर कुछ बूंदें आयोडिन या टिंचर डालने पर रंग नीला पड़ जाए तो समझें कि इसमें मिलावट है। घी लेकर निशी अग्रवाल और शिखा अग्रवाल पहुंचीं तो बताया कि घी अगर वनस्पति या मारगेरीन की मिलावट है तो एक चम्मच पिघला घी और बराबर मात्रा में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एक परखनली में लेकर कुछ दाने चीनी के मिलाकर एक-दो मिनट हिलाएं। पांच मिनट तक रखने के बाद अगर परखनली के निचली सतह पर मैरून रंग दिखाई देता है तो तय है कि घी में मिलावट है।
इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी अरुण राणा, धमेंद्र सिंह, फूट सुपरवाइजर टीसी धारिया आदि मौजूद रहे।