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Mathura News: भगवान गोदारंगमन्नार ने पुष्पक विमान में भक्तों को दिए दर्शन
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वृंदावन (मथुरा)। श्री रंगनाथ मंदिर के दस दिवसीय ब्रह्मोत्सव का दसवें दिन भगवान गोदारंगमन्नार ने पुष्पों से सजे पुष्पक विमान पर विराजित होकर भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुरजी की इस अलौकिक छवि को निहारने के लिए हजारों भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा।
श्री रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव में शनिवार देर रात रंगनाथ मंदिर से भगवान की सवारी विविध प्रकार के देशी-विदेशी पुष्पों से सुसज्जित पुष्पक विमान में विराजमान होकर निकली। केले के पेड़ से बनाए मोर हों या फिर विमान के आगे लगा हंस विमान की सुंदरता को चार चांद लगा रहे थे। भगवान रंगनाथ के ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन निकाली गई पुष्पक विमान की सवारी से पहले भगवान का पुष्पार्चन हुआ। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के बीच भगवान को पुष्प अर्पित किए।
भगवान को 12 तरह के भोग लगाए और 12 आरती की। भक्तों ने उनके स्वागत के लिए फूलों से रंगोली बनाई। यहां भगवान का वाहन करीब 50 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी फूलों से बनी रंगोली पर चलकर आगे बढ़ा तो भक्तों ने महाआरती की। मध्यरात्रि उपरांत करीब एक बजे भगवान की सवारी नगर भ्रमण करने के बाद पुन: मंदिर परिसर पहुंची। इसके बाद मंदिर में गरुड़ स्तंभ से ध्वजा उतारकर उनको विदाई दी गई और ब्रह्मोत्सव का समापन किया गया।
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श्री रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव में शनिवार देर रात रंगनाथ मंदिर से भगवान की सवारी विविध प्रकार के देशी-विदेशी पुष्पों से सुसज्जित पुष्पक विमान में विराजमान होकर निकली। केले के पेड़ से बनाए मोर हों या फिर विमान के आगे लगा हंस विमान की सुंदरता को चार चांद लगा रहे थे। भगवान रंगनाथ के ब्रह्मोत्सव के अंतिम दिन निकाली गई पुष्पक विमान की सवारी से पहले भगवान का पुष्पार्चन हुआ। मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रों के बीच भगवान को पुष्प अर्पित किए।
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भगवान को 12 तरह के भोग लगाए और 12 आरती की। भक्तों ने उनके स्वागत के लिए फूलों से रंगोली बनाई। यहां भगवान का वाहन करीब 50 फीट लंबी और 30 फीट चौड़ी फूलों से बनी रंगोली पर चलकर आगे बढ़ा तो भक्तों ने महाआरती की। मध्यरात्रि उपरांत करीब एक बजे भगवान की सवारी नगर भ्रमण करने के बाद पुन: मंदिर परिसर पहुंची। इसके बाद मंदिर में गरुड़ स्तंभ से ध्वजा उतारकर उनको विदाई दी गई और ब्रह्मोत्सव का समापन किया गया।
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