गोदारंगमन्नार ने भक्तों को दिए दर्शन: 53 फुट ऊंचे दिव्य चंदन रथ पर विराजे भगवान, खींचने को लगी होड़
मथुरा के वृंदावन में 53 फुट ऊंचे दिव्य चंदन रथ पर विराजकर भगवान गोदारंगमन्नार ने भक्तों को दर्शन दिए। रथ खींचकर श्रद्धालुओं ने खुद को धन्य पाया। इस मौके पर देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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उत्तर प्रदेश की तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन स्थित रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्स पर बृहस्पतिवार को भगवान गोदारंगमन्नार ने दिव्य रथ पर विराजमान होकर भक्तों को दर्शन दिए। भगवान गोदारंगमन्नार के दिव्य रथ को खींचने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। रथ खींचकर श्रद्धालुओं ने खुद को धन्य पाया। इस मौके पर देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बृहस्पतिवार की सुबह रंगनाथ मंदिर के पुरोहितों के निर्देशन में वैदिक रीति-रिवाज और विधानपूर्वक दिव्य रथ का छत्र कलश पूजन किया गया। इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के मध्य भगवान गोदारंगमन्नार को दिव्य रथ में विराजमान कराया गया। दिव्य रथ को खींचने के लिए असंख्य श्रद्धालु मंदिर के पश्चिम गेट पर एकत्रित हो गए। श्रद्धालुओं ने रस्से को पकडक़र रथ खींचना शुरू किया। दिव्य रथ को खींचकर भक्तों ने अपने जीवन को धन्य पाया।
दिव्य चंदन रथ में विराजकर गोदारंगमन्नार ने दिये दर्शन
भगवान गोदारंमन्नार विशाल और दिव्य रथ यात्रा में शामिल होने एक दिन पहले ही देश-विदेश से श्रद्धालु यहां पहुंच गए। मंदिर प्रबंधन द्वारा मेले की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गईं। ठाकुर गोदारंगमन्नार दिव्य अलौकिक छवि के अनुरूप उत्तर भारत में अपनी तरह इकलौते चंदन लकड़ी से निर्मित 53 फुट ऊंचे रथ में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देते हैं।
ठाकुरजी की सवारी खींचने का अक्षय पुण्य मिलता है
इस विशाल रथ की सफाई, साज, सज्जा के कार्य को अंतिम रूप दिया गया। मंदिर की सीईओ अनघा श्रीनिवासन ने बताया कि इस दिव्य रथ की खासियत यह है कि विशाल रथ किसी यंत्र से नहीं बल्कि हजारों भक्तों द्वारा रस्सों से खींचा जाता है। मान्यता है कि ठाकुरजी की सवारी को खींचने का अक्षय पुण्य लाभ होता है।
40 दिवसीय होली महोत्सव का समापन
इससे पहले बुधवार को रंगनाथ मंदिर के ब्रह्मोत्सव के अंतर्गत भगवान गोदारंगमन्नार ने भक्तों के साथ होली खेली। होली के इस आयोजन से संपूर्ण वातावरण होलीमय हो गया। भक्तों में ठाकुरजी के प्रसाद रूपी रंग और गुलाल को लेने की होड़ रही। इसी के साथ वृंदावन में चल रहे 40 दिवसीय होली महोत्सव का समापन हो गया।