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Mathura News: चांदी के कमल पर शेषनाग की शैय्या में विराजेंगे गिरिराज प्रभु
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मथुरा। अनंत चतुर्दशी पर 25 सितंबर को गोवर्धन की गिरि तलहटी में होने वाले अलौकिक छप्पन भोग महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार गिरिराज प्रभु सोने-चांदी से निर्मित कमल पुष्प पर शेषनाग की शैय्या में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे। आयोजन को लेकर श्रीकृष्ण सभागार में छप्पन भोग की आमंत्रण पत्रिका का भव्य लोकार्पण किया गया।
गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल और महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने गिरिराज प्रभु की छवि के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मुरारी अग्रवाल ने आमंत्रण पत्रिका का लोकार्पण किया। ब्रज के प्रसिद्ध कलाकार आशू शर्मा के निर्देशन में राधा-कृष्ण नृत्य और महारास की जीवंत प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूमते रहे। महोत्सव के मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि बड़ी आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित गिरि तलहटी को देशी कुंद और विदेशी फूलों से सजाया जाएगा।
वैष्णव संप्रदाय के पंडित शरद मुखिया द्वारा गिरिराज प्रभु का सोने-चांदी, हीरे, मोती, नीलम, पुखराज, पन्ना, माणिक, मूंगा सहित नवरत्नों से श्रृंगार किया जाएगा। सात नदियों के पवित्र जल, कामधेनु के दूध और दुर्लभ जड़ी-बूटियों से पंचरत्नम महाभिषेक होगा। इस दौरान संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ रुन्ना, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, संयोजक अनमोल बंसल, दिनेश मंगल, सहसंयोजक नितिन अग्रवाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कुमार कन्नू आदि मौजूद रहे।
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24 सितंबर को संगीत समारोह
- 24 सितंबर की शाम सात बजे से स्वामी हरिदास संगीत समारोह होगा। इसमें संतूर वादन के साथ विभिन्न राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 25 सितंबर को शुद्ध गाय के घी से वैष्णव विधि से तैयार 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। भक्तों के लिए दर्शन शाम चार बजे से रात 12 बजे तक खुले रहेंगे।
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गिरिराज सेवा समिति के संस्थापक मुरारी अग्रवाल और महामंत्री अशोक कुमार आढ़ती ने गिरिराज प्रभु की छवि के समक्ष दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद मुरारी अग्रवाल ने आमंत्रण पत्रिका का लोकार्पण किया। ब्रज के प्रसिद्ध कलाकार आशू शर्मा के निर्देशन में राधा-कृष्ण नृत्य और महारास की जीवंत प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। देर रात तक चले कार्यक्रम में श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में झूमते रहे। महोत्सव के मुख्य संयोजक राघवेंद्र गर्ग ने बताया कि बड़ी आन्यौर परिक्रमा मार्ग स्थित गिरि तलहटी को देशी कुंद और विदेशी फूलों से सजाया जाएगा।
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वैष्णव संप्रदाय के पंडित शरद मुखिया द्वारा गिरिराज प्रभु का सोने-चांदी, हीरे, मोती, नीलम, पुखराज, पन्ना, माणिक, मूंगा सहित नवरत्नों से श्रृंगार किया जाएगा। सात नदियों के पवित्र जल, कामधेनु के दूध और दुर्लभ जड़ी-बूटियों से पंचरत्नम महाभिषेक होगा। इस दौरान संरक्षक राजेंद्र कुमार सर्राफ रुन्ना, कोषाध्यक्ष भगवान दास खंडेलवाल, संयोजक अनमोल बंसल, दिनेश मंगल, सहसंयोजक नितिन अग्रवाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक कृष्ण कुमार कन्नू आदि मौजूद रहे।
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24 सितंबर को संगीत समारोह
- 24 सितंबर की शाम सात बजे से स्वामी हरिदास संगीत समारोह होगा। इसमें संतूर वादन के साथ विभिन्न राज्यों के कलाकार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। 25 सितंबर को शुद्ध गाय के घी से वैष्णव विधि से तैयार 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। भक्तों के लिए दर्शन शाम चार बजे से रात 12 बजे तक खुले रहेंगे।