फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Life imprisonment to 15 culprits of 23 year old Datia caste conflict

दतिया जातीय संघर्ष के 23 साल: 15 दोषियों को आजीवन कारावास, आगजनी में जिंदा जल गई थी छह माह की मासूम

Thu, 01 Feb 2024 09:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 01 Feb 2024 09:40 AM IST
सार

मथुरा के दतिया गांव में 23 वर्ष पूर्व पंचायती भूखंड पर कब्जे को लेकर सवर्ण व अनुसूचित जाति के बीच जातीय संघर्ष हुआ था। इस संघर्ष के दौरान घरों में आग लगा दी गई थी, जिसमें छह माह की मासूम जिंदा जल गई थी।
 

विज्ञापन
Life imprisonment to 15 culprits of 23 year old Datia caste conflict
court new - फोटो : istock

विस्तार

मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के गांव दतिया में 23 वर्ष पूर्व पंचायती भूखंड पर कब्जे में सवर्ण व अनुसूचित जाति के बीच हुए जातीय संघर्ष की घटना में बुधवार को मथुरा की एडीजे एससी/एसटी मनोज कुमार मिश्रा की कोर्ट ने फैसला सुनाया। इसके अनुसार, 15 दोषियों को आजीवन कारावास व प्रत्येक पर 73 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सजा सुनते ही दोषियों के परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। इस जातीय संघर्ष में अनुसूचित पक्ष का आरोप था कि सवर्ण पक्ष ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। घरों में लगा दी। फायरिंग में एक व्यक्ति को गोली लगी। वहीं, आगजनी में छह माह की मासूम जिंदा जल गई थी।
विज्ञापन


विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि थाना हाईवे (तब नरहौली)के गांव दतिया में 23 जनवरी की सुबह 7 बजे करीब पंचायती भूखंड पर सवर्ण पक्ष की ओर से निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। इसका अनुसूचित जाति के लोगों ने विरोध किया था। विरोध ने जातीय संघर्ष का रूप ले लिया था। अनुसूचित जाति के होरीलाल ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि सवर्ण पक्ष ने गांव में मारपीट, फायरिंग, आगजनी की, जिसमें अनुसूचित जाति के राजेंद्र सिंह की जांघ में गोली लगी। वहीं, छह माह की मासूम बच्ची गुड़िया अपनी झोपड़ी में जिंदा जल गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर 16 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया।
विज्ञापन


सीओ सदर ने इसकी जांच की। बाद में जांच सीबीसीआईडी आगरा भेज दी गई। विवेचना में आठ और आरोपियों के नाम सामने आए। प्रथम चार्जशीट दिसंबर 2005 और द्वितीय जनवरी 2006 में कोर्ट में दाखिल हुई। आरोपी पक्ष सुनवाई पर इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्टे ले आया। बाद में स्टे हटा और 2021 में मामले की सुनवाई में तेजी आई। 25 जनवरी 2024 को इस मुकदमे में बहस, साक्ष्य पूरे हुए। दौरान-ए-ट्रायल इस मुकदमे के 9 आरोपियों की मौत हो गई। बाकी के 15 आरोपियों को बुधवार को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 73-73 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी दोषियों को जेल भेज दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



दोषियों के परिजन बोले, जाएंगे हाईकोर्ट
एसपीओ सुरेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि कोर्ट में 14 गवाह पेश किए गए। इनमें पुलिस के चार गवाह, गुड़िया का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर, राजेंद्र का उपचार करने वाला आगरा के एसएन मेडिकल कालेक के डॉक्टर व अन्य 8 प्राइवेट गवाह थे। इनमें से 2 गवाह अदालत में पक्षद्रोही हो गए। उन्होंने वारदात का समर्थन नहीं किया। दोनों को पक्षद्रोही करार दिया गया है।

दतिया गांव के इन दोषियों को हुई सजा
1. नंदू उर्फ नंदो पुत्र राधे
2. जगदीश पुत्र रामजीलाल
3. लक्ष्मी नारायण उर्फ लच्छो पुत्र भजनलाल
4. श्याम सिंह पुत्र कमल सिंह
5. मोहन लाल पुत्र प्रसादी
6. रामस्वरूप पुत्र ज्ञान सिंह
7. रमन सिंह पुत्र पूरन सिंह
8. करुआ पुत्र होती सिंह
9. जयपाल पुत्र रतिराम
10. तुल्ली पुत्र कुंजी
11. छगन लाल पुत्र भजनलाल
12. छिद्दी सिंह पुत्र लाल सिंह
13. हरी नारायण पुत्र रामबाबू
14. रामचन्द्र पुत्र विरजा
15. कमल सिंह पुत्र नत्थी



इन धाराओं में हुई सजा व लगा जुर्माना
आईपीसी 302 (हत्या) में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना
एससी/एसटी एक्ट में आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी 307 (जानलेवा हमला) 10 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी 436 (गृह आदि को नष्ट करने के आशय से अग्नि या विस्फोटक पदार्थ द्वारा कुचेष्टा) 10 वर्ष की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माना
आईपीसी 148 (घातक हथियार सहित आक्रामक होना) 3 साल की कैद व 3 हजार रुपये जुर्माना
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed