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Mathura News: आखिरी राम-राम कहकर यमुना में लगाई छलांग
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मथुरा। 23 सितंबर को यमुना में छलांग लगाकर जान देने से पहले फैक्टरी कर्मचारी दिनेश (38) का बनाया वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने मौत के लिए सदर थाना क्षेत्र स्थित फैक्टरी मालिक के भांजे और कर्मचारी को जिम्मेदार ठहराते हुए पिछले तीन महीने से प्रताड़ित किए जाने के आरोप लगाए हैं। अंत में दिनेश ने ‘आखिरी राम-राम’ कहा और यमुना में छलांग लगा दी। पुलिस वायरल वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है।
यमुना पार निवासी दिनेश ने वीडियो में आरोप लगाया है कि उसे फैक्टरी मालिक का भांजा परेशान कर रहा था। कंपनी से निकाला जा रहा था, जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। उस पर शराब पीकर फैक्टरी आने का भी आरोप लगाया गया, जबकि वहां गवाह मौजूद हैं। यमुना नदी के ओवरब्रिज पर रेलिंग को पकड़कर खड़े दिनेश ने आरोप लगाया कि वह टांग में परेशानी होने पर इलाज चल रहा था और जून से काम पर नहीं जा रहा था। वह बकाया वेतन का चेक लेने के लिए नाइट शिफ्ट के सुपरवाइजर के पास गया था।
इसी घटना का एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कोई व्यक्ति उसे समझाने की कोशिश कर रहा है। वह व्यक्ति कहता है कि भाई साहब से बात कर लेंगे, तनाव लेने की जरूरत नहीं है। दिनेश कहता है कि उसके बच्चों को भी पता है कि वह किस तनाव से गुजर रहा है। दिनेश के छलांग लगाने के बाद पुलिस ने गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की मदद से उसके शव को बरामद कर परिजन को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिजन ने लगाया परेशान करने का आरोप
पोस्टमार्टम पहुंचे धर्मेंद्र सारस्वत ने बताया कि भतीजे दिनेश टांग में परेशानी के कारण उसे इलाज और आराम की जरूरत थी। आरोप लगाया कि फैक्टरी के प्रबंधन को छुट्टी की बात पर परेशानी होती थी। इसके लिए उसे परेशान किया जा रहा था। वहीं, दिनेश के भाई जितेंद्र ने आरोप लगाया कि फैक्टरी मालिक के भांजा और एक कर्मचारी के कारण वह तीन महीने से मानसिक रूप से परेशान था। जब भी दिनेश पैसे मांगने जाता था, उसे भुगतान करने की बजाय काम करने के लिए कहा जाता था। बाद में उसे नौकरी से निकालने का आरोप लगाया गया। परिजन ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और दिनेश के दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था की मांग की है। इस संबंध में सीओ सदर का कहना है कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी, पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।
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यमुना पार निवासी दिनेश ने वीडियो में आरोप लगाया है कि उसे फैक्टरी मालिक का भांजा परेशान कर रहा था। कंपनी से निकाला जा रहा था, जबकि उसकी कोई गलती नहीं थी। उस पर शराब पीकर फैक्टरी आने का भी आरोप लगाया गया, जबकि वहां गवाह मौजूद हैं। यमुना नदी के ओवरब्रिज पर रेलिंग को पकड़कर खड़े दिनेश ने आरोप लगाया कि वह टांग में परेशानी होने पर इलाज चल रहा था और जून से काम पर नहीं जा रहा था। वह बकाया वेतन का चेक लेने के लिए नाइट शिफ्ट के सुपरवाइजर के पास गया था।
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इसी घटना का एक दूसरा वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें कोई व्यक्ति उसे समझाने की कोशिश कर रहा है। वह व्यक्ति कहता है कि भाई साहब से बात कर लेंगे, तनाव लेने की जरूरत नहीं है। दिनेश कहता है कि उसके बच्चों को भी पता है कि वह किस तनाव से गुजर रहा है। दिनेश के छलांग लगाने के बाद पुलिस ने गोताखोरों और एनडीआरएफ की टीम की मदद से उसके शव को बरामद कर परिजन को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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परिजन ने लगाया परेशान करने का आरोप
पोस्टमार्टम पहुंचे धर्मेंद्र सारस्वत ने बताया कि भतीजे दिनेश टांग में परेशानी के कारण उसे इलाज और आराम की जरूरत थी। आरोप लगाया कि फैक्टरी के प्रबंधन को छुट्टी की बात पर परेशानी होती थी। इसके लिए उसे परेशान किया जा रहा था। वहीं, दिनेश के भाई जितेंद्र ने आरोप लगाया कि फैक्टरी मालिक के भांजा और एक कर्मचारी के कारण वह तीन महीने से मानसिक रूप से परेशान था। जब भी दिनेश पैसे मांगने जाता था, उसे भुगतान करने की बजाय काम करने के लिए कहा जाता था। बाद में उसे नौकरी से निकालने का आरोप लगाया गया। परिजन ने जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और दिनेश के दो छोटे बच्चों के भरण-पोषण की व्यवस्था की मांग की है। इस संबंध में सीओ सदर का कहना है कि परिजन ने कोई तहरीर नहीं दी है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी, पुलिस वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है।