{"_id":"6a9c74d8c8db1d56c400113f","slug":"laxmi-narayan-statement-violates-coalition-ethics-rld-mathura-news-c-369-1-mt11002-152118-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौधरी लक्ष्मीनारायण का बयान निंदनीय, गठबंधन धर्म के खिलाफ : रालोद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चौधरी लक्ष्मीनारायण का बयान निंदनीय, गठबंधन धर्म के खिलाफ : रालोद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता चौधरी लक्ष्मीनारायण द्वारा राष्ट्रीय लोक दल और जाट समाज के लिए एक चैनल पर दिए गए बयान पर रालोद नेताओं ने नाराजगी जताई है। रालोद नेताओं ने बयान को आपत्तिजनक और गठबंधन धर्म की भावना के खिलाफ बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से न केवल गठबंधन कमजोर होता है, बल्कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच गलतफहमियां भी पैदा होती हैं।
डैंपियर नगर स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में रालोद जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रमुख ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण ने अपने बयान में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की वकालत करते हुए गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव नए मुद्दों और नए राजनीतिक समीकरणों के आधार पर लड़ा जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 62 प्रत्याशी विजयी हुए थे, जबकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 75 प्रत्याशियों में से 33 ही जीत सके। इसके विपरीत रालोद ने दो सीटों पर चुनाव लड़कर दोनों पर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है चुनावी परिस्थिति हर बार अलग होती हैं और रणनीति भी उसी के अनुसार बनाई जाती है।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोकदल से की थी। चौधरी चरण सिंह की तीन पीढ़ियों ने उन्हें अलग-अलग समय पर चुनाव लड़ाया। ऐसे में उन्हें लोकदल और चौधरी परिवार के प्रति कृतज्ञता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण पहले भी रालोद के खिलाफ बयान दे चुके हैं। इस तरह की बयानबाजी से गठबंधन के कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है और उनका मनोबल प्रभावित होता है।
विज्ञापन
उन्होंने मंत्री से राजनीतिक छींटाकशी के बजाय किसानों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। विशेष रूप से छाता चीनी मिल को चालू कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग उठाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के समक्ष चौधरी लक्ष्मीनारायण के बयान को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य गठबंधन को मजबूत करते हुए प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार को तीसरी बार सत्ता में लाना है।
एमएलसी योगेश नौहवार, राष्ट्रीय महासचिव यशपाल सिंह बघेल ने कहा कि रालोद को केवल जाट समाज की पार्टी बताना राजनीतिक समझ की कमी को दर्शाता है। पार्टी किसानों, कामगारों, गरीबों और ग्रामीणों के हितों के लिए संघर्ष करती है। उन्होंने कहा कि चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में रालोद केंद्र और प्रदेश में राजग का घटक और सरकार में साझीदार है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह भरंगर, राजपाल सिंह भरंगर, कुंवर चंद्र रावत, रामरसपाल सिंह पौनिया, जयवीर सिंह, महिला जिलाध्यक्ष बबीता देवी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
डैंपियर नगर स्थित एक होटल में प्रेसवार्ता में रालोद जिलाध्यक्ष प्रीतम सिंह प्रमुख ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण ने अपने बयान में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की वकालत करते हुए गठबंधन के अन्य घटक दलों के नेताओं पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि हर चुनाव नए मुद्दों और नए राजनीतिक समीकरणों के आधार पर लड़ा जाता है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 62 प्रत्याशी विजयी हुए थे, जबकि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के 75 प्रत्याशियों में से 33 ही जीत सके। इसके विपरीत रालोद ने दो सीटों पर चुनाव लड़कर दोनों पर जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है चुनावी परिस्थिति हर बार अलग होती हैं और रणनीति भी उसी के अनुसार बनाई जाती है।
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण को यह भी नहीं भूलना चाहिए कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत लोकदल से की थी। चौधरी चरण सिंह की तीन पीढ़ियों ने उन्हें अलग-अलग समय पर चुनाव लड़ाया। ऐसे में उन्हें लोकदल और चौधरी परिवार के प्रति कृतज्ञता रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चौधरी लक्ष्मीनारायण पहले भी रालोद के खिलाफ बयान दे चुके हैं। इस तरह की बयानबाजी से गठबंधन के कार्यकर्ताओं में गलत संदेश जाता है और उनका मनोबल प्रभावित होता है।
विज्ञापन
उन्होंने मंत्री से राजनीतिक छींटाकशी के बजाय किसानों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने की अपील की। विशेष रूप से छाता चीनी मिल को चालू कराने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए जाने की मांग उठाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के समक्ष चौधरी लक्ष्मीनारायण के बयान को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य गठबंधन को मजबूत करते हुए प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार को तीसरी बार सत्ता में लाना है।
एमएलसी योगेश नौहवार, राष्ट्रीय महासचिव यशपाल सिंह बघेल ने कहा कि रालोद को केवल जाट समाज की पार्टी बताना राजनीतिक समझ की कमी को दर्शाता है। पार्टी किसानों, कामगारों, गरीबों और ग्रामीणों के हितों के लिए संघर्ष करती है। उन्होंने कहा कि चौधरी जयंत सिंह के नेतृत्व में रालोद केंद्र और प्रदेश में राजग का घटक और सरकार में साझीदार है। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामवीर सिंह भरंगर, राजपाल सिंह भरंगर, कुंवर चंद्र रावत, रामरसपाल सिंह पौनिया, जयवीर सिंह, महिला जिलाध्यक्ष बबीता देवी आदि मौजूद रहे।