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Mathura News: अधिवक्ताओं और लेखकों ने निकाली आक्रोश रैली

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 26 Jun 2026 12:51 AM IST
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Lawyers and writers held a protest rally.
छाता। तहसील परिसर स्थित सब रजिस्ट्री कार्यालय में व्याप्त निजीकरण की नीतियों के विरोध में चल रही दस्तावेज लेखक संघ की हड़ताल बृहस्पतिवार को 17वें दिन भी जारी रही। कामकाज पूरी तरह ठप रहने के कारण दूर-दराज से आए लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। विरोध को और तेज करते हुए बृहस्पतिवार को दस्तावेज लेखकों और अधिवक्ताओं ने संयुक्त रूप से तहसील परिसर से ओल्ड जी.टी. रोड तक एक विशाल आक्रोश रैली निकाली।
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इस दौरान अधिवक्ता और दस्तावेज लेखक सरकार विरोधी नारे लगाते हुए चल रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर जनविरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए मांग की कि अंधा कानून को वापस लिया जाए। दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष वेदेन्द्र द्विवेदी ने कहा कि रजिस्ट्री कार्यालय का निजीकरण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार अपने इस तुगलकी फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक संघ का आंदोलन और हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी। बार अध्यक्ष राजेश पालीवाल ने बताया कि हड़ताल के कारण रजिस्ट्री से संबंधित सभी कार्य पूरी तरह बाधित हैं, जिससे शासन को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इस दौरान प्रेमपाल सिंह जादौन, रामकिशोर, राजू गुप्ता, सुनील कुमार पांडेय, रेवती रमण शर्मा, कृष्ण कुमार तिवारी, दिगंबर सिंह, बार के पूर्व अध्यक्ष पहले चौधरी एडवोकेट, चंद्रभान बघेल, जयवीर, प्रमोद अग्रवाल, गौरीशंकर शर्मा, विशाल शर्मा, विनोद तिवारी, हेमकुमार शर्मा, शशिकांत, केलाश आदि मौजूद रहे।
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