{"_id":"684dd0eb81c86123550df105","slug":"krishna-ki-pauri-will-spread-the-grandeur-of-the-corridor-mathura-news-c-369-1-mt11009-131075-2025-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: कॉरिडोर की भव्यता बिखेरेगी कृष्णा की पौड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: कॉरिडोर की भव्यता बिखेरेगी कृष्णा की पौड़ी
विज्ञापन
मथुरा। वृंदावन में यमुना पर बना सिग्नेचर ब्रिज व कृष्णा पौड़ी का प्रारूप।
- फोटो : mathura
मथुरा। प्रस्तावित श्रीबांकेबिहारी कॉरिडोर निर्माण के साथ-साथ वृंदावन में यमुना किनारे कृष्णा पौड़ी कॉरिडोर की भव्यता और दिव्यता बिखेरेगी। अयोध्या में राम की पैड़ी की तर्ज पर इसे विकसित किया जाएगा। शासन से इसके निर्माण के लिए सौ करोड़ रुपये की मंजूरी मिल गई है। इसके विकसित होने के बाद श्रद्धालुओं को सप्त देवालय सर्किट के दर्शन के साथ श्रीबांकेबिहारी के भव्य दर्शन हो सकेंगे।
वृंदावन में कालीदह से केसी घाट तक 1.5 किमी में कृष्णा पौड़ी को विकसित किया जाएगा। साथ ही रेत में दबे घाटों को भी बाहर निकला जाएगा। प्रथम चरण में 713 मी. निर्माण कार्य युगल किशोर घाट से केसी घाट तक होगा। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले चीर घाट सहित अन्य घाटों को जीर्णोद्धार किया जाएगा। इन सभी घाटों की सीढ़ियां और आसपास बनी पुरातन छतरियों की मरम्मत कर भव्य स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही फसाड एवं फुट लाइटें इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाएंगी।
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इन घाटों पर चैनल के माध्यम से यमुना का जल पहले रैनी वेल में लेकर फिर उसे फिल्टर कर पौड़ी जलाशय में भरा जाएगा। इसके बाद यमुना जल को घाट की सीढ़ियों तक लाया जाएगा। ताकि श्रद्धालु आसानी से आचमन कर सकें। सिग्नेचर ब्रिज को भी इससे जोड़ा जाएगा। ताकि श्रद्धालु आसानी से पुल के माध्यम से कॉरिडोर में प्रवेश कर सकें।
विज्ञापन
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया है कि बृहस्पतिवार को प्रस्तावित योजना पर शासन से मंजूरी मिल गई है। कॉरिडोर निर्माण के साथ-साथ इसको भी विकसित किया जाएगा।
विज्ञापन
वृंदावन में कालीदह से केसी घाट तक 1.5 किमी में कृष्णा पौड़ी को विकसित किया जाएगा। साथ ही रेत में दबे घाटों को भी बाहर निकला जाएगा। प्रथम चरण में 713 मी. निर्माण कार्य युगल किशोर घाट से केसी घाट तक होगा। परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले चीर घाट सहित अन्य घाटों को जीर्णोद्धार किया जाएगा। इन सभी घाटों की सीढ़ियां और आसपास बनी पुरातन छतरियों की मरम्मत कर भव्य स्वरूप दिया जाएगा। साथ ही फसाड एवं फुट लाइटें इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाएंगी।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ श्याम बहादुर सिंह ने बताया कि इन घाटों पर चैनल के माध्यम से यमुना का जल पहले रैनी वेल में लेकर फिर उसे फिल्टर कर पौड़ी जलाशय में भरा जाएगा। इसके बाद यमुना जल को घाट की सीढ़ियों तक लाया जाएगा। ताकि श्रद्धालु आसानी से आचमन कर सकें। सिग्नेचर ब्रिज को भी इससे जोड़ा जाएगा। ताकि श्रद्धालु आसानी से पुल के माध्यम से कॉरिडोर में प्रवेश कर सकें।
विज्ञापन
जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया है कि बृहस्पतिवार को प्रस्तावित योजना पर शासन से मंजूरी मिल गई है। कॉरिडोर निर्माण के साथ-साथ इसको भी विकसित किया जाएगा।