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वीसी में स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के आदेश
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मथुरा। कोरोना वायरस के बढ़ते दायरे के बीच स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने जिले के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि आइसोलेटेड वार्ड बनाने के साथ एक एंबुलेंस को भी रिजर्व रखा जाए। इसमें पर्याप्त दवाएं एवं संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए मास्क का इंतजाम करने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने कहा कि जो लोग चीन सहित दूसरे देशों की यात्रा कर आ रहे हैं उनमें अगर संदिग्ध फ्लू के लक्षण दिखते हैं तो इसे गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने सीएमओ को आइसोलेटेड वार्ड के निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेेंसिंग में एसीएमओ डॉ. शेर सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. आरएस मौर्य, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल डॉ. केके गुप्ता, जिला महिला अस्पताल के सीएएमएस डॉ. बीडी भास्कर सहित सभी सीएचसी प्रभारी भी थे।
कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अस्पतालों में आधी अधूरी तैयारी
मथुरा। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां आधी अधूरी हैं। न अस्पतालों में आइसोलेटेड वार्ड तैयार हैं और न लैब में इस वायरस की जांच की कोई व्यवस्था है। बताया जाता है कोरोना वायरस की जांच के संबंध में खून और नेजन स्वाव के नमूनों को लखनऊ स्थित लैब में भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोरोना वायरस की पुष्टि हो सकेगी। जिला अस्पताल से लेकर अन्य सरकारी अस्पतालों में जो लैब हैं, उनकी स्थिति भी मानकों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती है।
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शासन से मिले निर्देश के बाद अस्पताल में आइसोलेटेड वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसी वार्ड में एक फिजिशियन के साथ फार्मासिस्ट, नर्स को रखने की व्यवस्था की जा रही है।
- डॉ. आरएस मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल
शासन से मिली गाइड लाइन
01. कोरोना वायरस से पीड़ित रोगी को अस्पताल की लाइन में न लगने दिया जाए।
02. कोरोना वायरस के रोगी को आइसोलेटेड वार्ड में रखा जाए।
03.कोरोना वायरस से ग्रसित रोगी को देखते समय डॉक्टर स्वयं भी सावधानी रखें।
जांच का दायरा
01 नेजन स्वाव की जांच
02.इडीटीए ट्यूब से 7 एमएल खून की जांच
03.प्लेन वायल से 7 एमएल खून की जांच
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रमुख सचिव ने कहा कि जो लोग चीन सहित दूसरे देशों की यात्रा कर आ रहे हैं उनमें अगर संदिग्ध फ्लू के लक्षण दिखते हैं तो इसे गंभीरता से लें। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने सीएमओ को आइसोलेटेड वार्ड के निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वीडियो कॉन्फ्रेेंसिंग में एसीएमओ डॉ. शेर सिंह, सीएमएस जिला अस्पताल डॉ. आरएस मौर्य, सीएमएस संयुक्त जिला अस्पताल डॉ. केके गुप्ता, जिला महिला अस्पताल के सीएएमएस डॉ. बीडी भास्कर सहित सभी सीएचसी प्रभारी भी थे।
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कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अस्पतालों में आधी अधूरी तैयारी
मथुरा। कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग की तैयारियां आधी अधूरी हैं। न अस्पतालों में आइसोलेटेड वार्ड तैयार हैं और न लैब में इस वायरस की जांच की कोई व्यवस्था है। बताया जाता है कोरोना वायरस की जांच के संबंध में खून और नेजन स्वाव के नमूनों को लखनऊ स्थित लैब में भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद ही कोरोना वायरस की पुष्टि हो सकेगी। जिला अस्पताल से लेकर अन्य सरकारी अस्पतालों में जो लैब हैं, उनकी स्थिति भी मानकों के अनुरूप नहीं मानी जा सकती है।
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शासन से मिले निर्देश के बाद अस्पताल में आइसोलेटेड वार्ड तैयार किया जा रहा है। इसी वार्ड में एक फिजिशियन के साथ फार्मासिस्ट, नर्स को रखने की व्यवस्था की जा रही है।
- डॉ. आरएस मौर्य, सीएमएस जिला अस्पताल
शासन से मिली गाइड लाइन
01. कोरोना वायरस से पीड़ित रोगी को अस्पताल की लाइन में न लगने दिया जाए।
02. कोरोना वायरस के रोगी को आइसोलेटेड वार्ड में रखा जाए।
03.कोरोना वायरस से ग्रसित रोगी को देखते समय डॉक्टर स्वयं भी सावधानी रखें।
जांच का दायरा
01 नेजन स्वाव की जांच
02.इडीटीए ट्यूब से 7 एमएल खून की जांच
03.प्लेन वायल से 7 एमएल खून की जांच