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सड़क हादसे में भट्ठा संचालक की मौत
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मथुरा/टैटीगांव। टैटीगांव अंडरपास के पास सोमवार तड़के कार में ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। इससे कार सवार भट्ठा व्यवसायी की मौत हो गई। हादसे की जानकारी लगभग दो घंटे बाद परिजनों को हुई। परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया।
थाना नौहझील के गांव नावली निवासी योगेंद्र सिंह उर्फ सुभाष (42) वर्तमान में आनंदवन कॉलोनी में रहते हैं और अलीगढ़ के थाना चंडौस के गांव जामुनवा में ईंट भट्ठा चलाते थे। बताया गया कि सोमवार तड़के लगभग 3 बजे वह घर से कार में सवार होकर भट्ठे पर जा रहे थे। तभी थाना नौहझील के यमुना एक्सप्रेसवे टैटीगांव अंडरपास के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कार में टक्कर मार दी।
इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सुभाष गंभीर रूप से घायल हो कर कार में ही पड़े रहे। सुबह लगभग 6 बजे जब मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ तो लोगों को दुर्घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सुभाष को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तब तक अधिक खून बहने के कारण सुभाष की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी लगते ही परिजन जिला अस्पताल में पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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समय पर मिलता इलाज तो बच जाते सुभाष
टैटीगांव अंडरपास के पास दुर्घटना में घायल योगेंद्र सिंह उर्फ सुभाष लगभग दो घंटे तक कराहते रहे लेकिन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने वाला कोई नहीं था। जिला अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर रात 8 बजे के बाद से सुबह 6 बजे सन्नाटा रहता है। पुलिस भी गश्त नहीं करती, यही कारण है कि आए दिन नौहझील-सुरीर घटना क्षेत्रों में लूट की घटनाएं होती हैं और कोई सड़क हादसे भी हो जाएं तो घायलों को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाने वाला कोई नहीं होता जिससे सुभाष जैसे लोग दम तोड़ देते हैं। लोगों का कहना था कि समय से इलाज मिलता तो सुभाष की जान बचाई जा सकती थी।
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थाना नौहझील के गांव नावली निवासी योगेंद्र सिंह उर्फ सुभाष (42) वर्तमान में आनंदवन कॉलोनी में रहते हैं और अलीगढ़ के थाना चंडौस के गांव जामुनवा में ईंट भट्ठा चलाते थे। बताया गया कि सोमवार तड़के लगभग 3 बजे वह घर से कार में सवार होकर भट्ठे पर जा रहे थे। तभी थाना नौहझील के यमुना एक्सप्रेसवे टैटीगांव अंडरपास के पास सामने से आ रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने कार में टक्कर मार दी।
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इससे कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सुभाष गंभीर रूप से घायल हो कर कार में ही पड़े रहे। सुबह लगभग 6 बजे जब मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ तो लोगों को दुर्घटना की जानकारी हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और सुभाष को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन तब तक अधिक खून बहने के कारण सुभाष की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी लगते ही परिजन जिला अस्पताल में पहुंच गए। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
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समय पर मिलता इलाज तो बच जाते सुभाष
टैटीगांव अंडरपास के पास दुर्घटना में घायल योगेंद्र सिंह उर्फ सुभाष लगभग दो घंटे तक कराहते रहे लेकिन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाने वाला कोई नहीं था। जिला अस्पताल में मौजूद लोगों ने बताया कि इस मार्ग पर रात 8 बजे के बाद से सुबह 6 बजे सन्नाटा रहता है। पुलिस भी गश्त नहीं करती, यही कारण है कि आए दिन नौहझील-सुरीर घटना क्षेत्रों में लूट की घटनाएं होती हैं और कोई सड़क हादसे भी हो जाएं तो घायलों को इलाज के लिए अस्पताल तक पहुंचाने वाला कोई नहीं होता जिससे सुभाष जैसे लोग दम तोड़ देते हैं। लोगों का कहना था कि समय से इलाज मिलता तो सुभाष की जान बचाई जा सकती थी।