{"_id":"61924b0ec9d42e42646cb85e","slug":"karthik-rule-service-completed-influx-of-devotees-gathered-in-the-city-sankirtana-parikrama-mathura-news-mtr508569889","type":"story","status":"publish","title_hn":"कार्तिक नियम सेवा संपन्न, नगर संकीर्तन परिक्रमा में उमड़ा भक्तों का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्तिक नियम सेवा संपन्न, नगर संकीर्तन परिक्रमा में उमड़ा भक्तों का सैलाब
विज्ञापन
राधाकुंड। कार्तिक नियम सेवा एवं चातुर्मास व्रत के समापन पर देवोत्थान एकादशी पर नगर में संकीर्तन परिक्रमा निकाली गई। इसमें श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भोर की बेला में ही झांझ-मजीरों की धुन पर राधा-श्यामकुंड की परिक्रमा करते भक्त दिखाई दिए। एक माह तक हुए भागवत परायण के बाद भक्तों ने भाव में सिर पर श्रीमद्भागवत ग्रंथ, गीता व तुलसी को सिर पर धारण किया।
नगर कीर्तन परिक्रमा का शुभारंभ राधा-गोपीनाथ मंदिर से श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के महंत केशव दास ने वाद्य यंत्रों का पूजन कर किया। इसके बाद सामुहिक गान के बीच ठाकुर जी का स्मरण किया। ‘सुंदर वाला सचि दुलाला, नाचत हरि कीर्तन में, कोई गावत पंचम ताले, कोई गावत प्रेम तरंगें, कोई-कोई नाचत आंगन में’... की धुन पर हजारों श्रद्धालु नाचने लगे। परिक्रमा में निताई-गौर व राधारानी की जय-जयकार से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
संकीर्तन यात्रा राधागोपीनाथ घाट मंदिर से शुरू होकर राधा-गोविंद मंदिर, भगवान जगन्नाथ मंदिर, गौर निताई गिरधारी मंदिर, ललिता कुंड स्थित सीताराम मंदिर, जीव गोस्वामी घेरा राधादामोदर मंदिर, ललित बिहारी मंदिर, राधा विनोद मंदिर, गया घाट गोपी कुआ मंदिर, मणिपुर सीतानाथ मंदिर, मणिपुर राधामाधव मंदिर, श्रीराधाब्रजबिहारी मंदिर, चैतन्य महाप्रभु बैठक एवं मंदिर, राधा मदन मोहन मंदिर, राधारमण मंदिर, निताई-गौर मंदिर, बाजार स्थित राधागोपीनाथ मंदिर, राधाकांत मंदिर, राधा-श्याम सुंदर, राधाकालाचांद मंदिर के दर्शन करते निकली। कलकत्ता से आई यशोदा दासी ने बताया कि वे 35 वर्ष से राधाकुंड कार्तिक नियम सेवा करने आ रही है।
विज्ञापन
एक माह तक किया कार्तिक नियम सेवा का पालन
राधाकुंड। कार्तिक नियम सेवा में हजारों भक्तों ने श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का अनुशरण कर व्रत का पालन किया। पूरे एक माह तक पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, मणिपुर, दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों से आए भक्तों ने श्रीधाम में रह कर अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के महंत केशव दास ने बताया कि कार्तिक नियम सेवा में एक माह तक श्रीराधा-कृष्ण लीलाओं के साक्षात दर्शन होते हैं। अहोई अष्टमी पर्व पर संगम कुंड में लाखों श्रद्धालु रात्रि में मनोकामना के लिए डुबकी लगाते हैं। परीक्षित दास ने बताया कि इस माह में भजन, सत्संग व प्रवचन सुनने से ठाकुर जी प्रसन्न होते हैं। काजल कृष्ण दास ने बताया कि नियम सेवा के व्रत पालन में रात में 3 बजे उठ कर कुंड में स्नान व मंगला दर्शन व परिक्रमा लगा कर प्रतिदिन ठाकुर जी की आराधना की। गोविंद मंदिर निवासी मंगल दास ने बताया कि ब्रज का वास बड़े पुण्य कर्मों से मिलता है। कार्तिक नियम सेवा में ब्रज में वास करना स्वर्ग के समान हैं। देवोत्थान एकादशी पर सभी संतों ने निर्जला उपवास किया है। संवाद
विज्ञापन
नगर कीर्तन परिक्रमा का शुभारंभ राधा-गोपीनाथ मंदिर से श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के महंत केशव दास ने वाद्य यंत्रों का पूजन कर किया। इसके बाद सामुहिक गान के बीच ठाकुर जी का स्मरण किया। ‘सुंदर वाला सचि दुलाला, नाचत हरि कीर्तन में, कोई गावत पंचम ताले, कोई गावत प्रेम तरंगें, कोई-कोई नाचत आंगन में’... की धुन पर हजारों श्रद्धालु नाचने लगे। परिक्रमा में निताई-गौर व राधारानी की जय-जयकार से पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
विज्ञापन
संकीर्तन यात्रा राधागोपीनाथ घाट मंदिर से शुरू होकर राधा-गोविंद मंदिर, भगवान जगन्नाथ मंदिर, गौर निताई गिरधारी मंदिर, ललिता कुंड स्थित सीताराम मंदिर, जीव गोस्वामी घेरा राधादामोदर मंदिर, ललित बिहारी मंदिर, राधा विनोद मंदिर, गया घाट गोपी कुआ मंदिर, मणिपुर सीतानाथ मंदिर, मणिपुर राधामाधव मंदिर, श्रीराधाब्रजबिहारी मंदिर, चैतन्य महाप्रभु बैठक एवं मंदिर, राधा मदन मोहन मंदिर, राधारमण मंदिर, निताई-गौर मंदिर, बाजार स्थित राधागोपीनाथ मंदिर, राधाकांत मंदिर, राधा-श्याम सुंदर, राधाकालाचांद मंदिर के दर्शन करते निकली। कलकत्ता से आई यशोदा दासी ने बताया कि वे 35 वर्ष से राधाकुंड कार्तिक नियम सेवा करने आ रही है।
विज्ञापन
एक माह तक किया कार्तिक नियम सेवा का पालन
राधाकुंड। कार्तिक नियम सेवा में हजारों भक्तों ने श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं का अनुशरण कर व्रत का पालन किया। पूरे एक माह तक पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, मणिपुर, दिल्ली, पंजाब आदि प्रांतों से आए भक्तों ने श्रीधाम में रह कर अनुष्ठान में भाग लिया। इस अवसर पर श्रीपाद रघुनाथ दास गोस्वामी गद्दी के महंत केशव दास ने बताया कि कार्तिक नियम सेवा में एक माह तक श्रीराधा-कृष्ण लीलाओं के साक्षात दर्शन होते हैं। अहोई अष्टमी पर्व पर संगम कुंड में लाखों श्रद्धालु रात्रि में मनोकामना के लिए डुबकी लगाते हैं। परीक्षित दास ने बताया कि इस माह में भजन, सत्संग व प्रवचन सुनने से ठाकुर जी प्रसन्न होते हैं। काजल कृष्ण दास ने बताया कि नियम सेवा के व्रत पालन में रात में 3 बजे उठ कर कुंड में स्नान व मंगला दर्शन व परिक्रमा लगा कर प्रतिदिन ठाकुर जी की आराधना की। गोविंद मंदिर निवासी मंगल दास ने बताया कि ब्रज का वास बड़े पुण्य कर्मों से मिलता है। कार्तिक नियम सेवा में ब्रज में वास करना स्वर्ग के समान हैं। देवोत्थान एकादशी पर सभी संतों ने निर्जला उपवास किया है। संवाद