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हैदराबाद कांड पर फूटा नारी शक्ति का गुस्सा, बोलीं- उठो द्रोपदी शस्त्र उठाओ अब न गोविंद आएगा

Tue, 03 Dec 2019 11:48 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 11:48 PM IST
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kab tak nirbhaya aparajita samvad mathura news
अपराजिता के तहत आयोजित फोकस ग्रुप कार्यक्रम में उपस्थित नारी शक्ति। - फोटो : MATHURA
मथुरा। हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक के साथ हुई बर्बरता को लेकर देशभर में आक्रोश है। अमर उजाला फोकस ग्रुप द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मातृशक्ति ने अपने विचारों के माध्यम से गुस्सा जाहिर किया। नारी शक्ति ने कहा कि अभी हैदराबाद की बेटी के साथ हुए इस कृत्य के दर्द को लोग भुला भी नहीं पाए हैं कि पड़ोसी जनपद कासगंज में हुई ऐसी घटना ने सबको दहला दिया है। ऐसी वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को सार्वजनिक सजा दी जानी चाहिए। मंगलवार को अमर उजाला फोकस ग्रुप और अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स द्वारा आयोजन में मातृशक्ति ने तीखे स्वरों में ऐसी घटनाओं को लेकर आक्रोश जताया। कहा कि महिलाओं को भी इस स्थिति से निपटने के लिए आगे आना होगा।
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हालात घर से निकलने की इजाजत नहीं देते
वर्तमान हालात हमें घर से बाहर निकलने की इजाजत नहीं देते। महिलाओं को आत्मनिर्भर होना होगा, दरिंदों से निपटने के लिए महिलाओं को आत्मबल के साथ शारीरिक क्षमताओं को बढ़ाना होगा। अब द्रोपती को बचाने के लिए कोई गोविंद नहीं आएगा। अमर उजाला के फोकस ग्रुप में मातृशक्ति में आए दिन हो रहीं दुष्कर्म की घटनाओं को लेकर गुस्सा था। कार्यक्रम में सुनीता उपाध्याय, अनीता थापा, राजरानी शर्मा, लक्ष्मी, ऊषा, लक्ष्मीदेवी, मायादेवी, सीता देवी, बिमलेश, संध्या सारस्वत, पूजा सिसौदिया, सुमनलता पांडेय, निशा शर्मा और नीलिमा राठौर ने अपनी बात रखी।
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दरिंदों को फांसी दो
कभी निर्भया तो कभी पशु चिकित्सक और अब कासगंज सामूहिक दुष्कर्म जैसी कितनी और घटनाएं होना बाकी है। कानून होने के बाद भी बेटियों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। दुष्कर्म करने वाले दरिंदों को फांसी पर लटका देना चाहिए।
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-मीरा अग्रवाल-पार्षद नगर निगम
बेटों को संस्कारवान बनाएं मां
बेटियों के साथ बेटों को भी संस्कारी बनाने का काम मां का है। मां अगर अपने बेटों को बचपन से ही संस्कारित और अनुशासन में रखें तो इस प्रकार की घटनाएं न हों।
-डॉ. नीता सिंह, प्रधानाचार्य रमनलाल फूलकटोरी बालिका विद्यालय
बेटियों की ओर भी देखें पीएम
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्वभर में घूम रहे हैं लेकिन देश में क्या हो रहा है उस पर भी ध्यान दें। देश की बेटियां असुरक्षित हैं। दरिंदों से बेटियों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए।
- मीरा मित्तल-पार्षद, नगर निगम
ठोस कदम उठाएं
आज देश के हालात इतने बिगड़ गए हैं कि 8 माह की बेटी के साथ भी दुष्कर्म हो रहा है। मैं सरकार से पूछना चाहूंगी कि निर्भया रेप कांड के बाद क्या ठोस कदम उठाए गए। अगर सरकार कोई ठोस कदम उठाती तो दुष्कर्म की घटनाएं रुक जातीं।

- प्रतिमा सिंह- सामाजिक कार्यकर्ता
मानसिकता बदलने की जरूरत
समाज को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। आज सड़कों पर सरेआम महिलाओं और बेटियों के साथ छेड़छाड़ की घटनाएं होतीं हैं लेकिन वहां खड़े लोग चुपचाप देखते रहते हैं। क्या वहां खड़े लोगों का यह कर्तव्य नहीं बनता कि वह इसका विरोध करें।
- कविता चावला-अधिवक्ता
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