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कलक्ट्रेट न्यायिक अभिलेखागार की छत गिरी, रखे हैं महत्वपूर्ण दस्तावेज
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मथुरा। अंग्रेजी शासनकाल में बना कलक्ट्रेट परिसर का अति महत्वपूर्ण हिस्सा न्यायिक अभिलेखागार धराशायी हो गया है। इसमें अति महत्वपूर्ण गुंडा एक्ट के अभिलेखों के साथ 145 सीआरपीसी की पत्रावलियां रखी हुई थीं।
कलक्ट्रेट स्थित पुराने डीएम कार्यालय को करीब एक दशक पहले ही पीडब्ल्यूडी ने निष्प्रयोगी घोषित कर दिया था। इसके बावजूद इस भवन को रिकार्ड रूम के रूप में यहां अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संग्रहीत किया जाता रहा। इसका एक हिस्सा कलक्ट्रेट न्यायिक अभिलेखागार तीन दिन पहले धराशायी हो गया। इसकी छत पूरी तरह से नीचे आ गई है।
हालांकि लॉकडाउन के चलते किसी कर्मचारी या वादकारी की मौजूदगी न होने से जनहानि नहीं हुई, लेकिन यहां मौजूद रिकार्ड के नष्ट होने का संकट पैदा हो गया है। इसकी सुध अब तक किसी ने नहीं ली है। यह भवन अंग्रेजी शासनकाल के दौरान 1861 में बनाया गया था। इसी भवन में प्रभारी अधिकारी नजारत का भी कार्यालय है, लेकिन अब तक इसे संरक्षित करने के लिए कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है।
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कलक्ट्रेट स्थित पुराने डीएम कार्यालय को करीब एक दशक पहले ही पीडब्ल्यूडी ने निष्प्रयोगी घोषित कर दिया था। इसके बावजूद इस भवन को रिकार्ड रूम के रूप में यहां अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संग्रहीत किया जाता रहा। इसका एक हिस्सा कलक्ट्रेट न्यायिक अभिलेखागार तीन दिन पहले धराशायी हो गया। इसकी छत पूरी तरह से नीचे आ गई है।
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हालांकि लॉकडाउन के चलते किसी कर्मचारी या वादकारी की मौजूदगी न होने से जनहानि नहीं हुई, लेकिन यहां मौजूद रिकार्ड के नष्ट होने का संकट पैदा हो गया है। इसकी सुध अब तक किसी ने नहीं ली है। यह भवन अंग्रेजी शासनकाल के दौरान 1861 में बनाया गया था। इसी भवन में प्रभारी अधिकारी नजारत का भी कार्यालय है, लेकिन अब तक इसे संरक्षित करने के लिए कोई आवश्यक कदम नहीं उठाया गया है।
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