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Mathura News: सीएसआर फंड गोलमाल के मामले में तीन सीए के यहां आईटी की कार्रवाई
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सीमथुरा। आयकर विभाग की टीम ने मंगलवार को सीएसआर फंड के नाम पर 900 करोड़ रुपये के गोलमाल के मामले में तीन सीए (चार्टर्ड एकाउंटेंट) के यहां छापा मारा है। तीनों के आवास और कार्यालयों के दस्तावेज खंगाले और बयान दर्ज किए। इसके बाद टीम लौट गई। टीम की कार्रवाई के बाद जिले के कई व्यापारियों में खलबली मच गई।
जानकारी के मुताबिक वृंदावन के रहने वाले लालाराम शर्मा के माध्यम से हरियाणा के रेवाड़ी जिला स्थित चामड़िया ग्रुप ने वर्ष 2022 से 2024 तक तीन साल में 900 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड की रकम भीलवाड़ा स्थित जन जागृति ट्रस्ट के नाम भेजी थी। इसके बाद लालाराम ने इस रकम की ऑडिट मथुरा की सीए फर्म से कराई । इसमें राधावैली निवासी सीए आशुतोष अग्रवाल, जनरलगंज निवासी मनीष सिंघल व भरतपुर गेट निवासी सीए सर्वेश मित्तल शामिल थे। सीएसआर फंड की इतनी बड़ी रकम की फंडिंग होने के बाद आयकर विभाग की टीम मामले की खोजबीन में जुट गई। टीम ने ट्रस्ट के दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि लालाराम शर्मा ने सीएसआर फंड के नाम पर करोड़ों का गोलमाल किया है।
जांच के यह भी पता चला कि लालाराम ने सीए सर्वेश मित्तल के महोली रोड स्थित मार्किट में एक हिस्सा किराये पर लेकर उस पते पर करीब दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्म बना लीं। चामड़िया ग्रुप से इन फर्जी फर्मों व भीलवाड़ा स्थित जन जागृति ट्रस्ट के नाम सीएसआर फंड लिया गया। इसका रकम का 25 फीसदी पैसा अपने पास रख लिया और बाकी फंड वापस कर दिया। जांच पड़ताल के बाद टीम हकीकत जानने के लिए मंगलवार को सीएसआर फंड ऑडिट करने वाले तीनों सीए आशुतोष अग्रवाल, मनीष सिंघल व सर्वेश से पूछताछ की और बयान दर्ज किए हैं। हालांकि टीम इससे पहले भी तीनों से सीए से पूछताछ कर चुकी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया है कि आयकर विभाग ने तीन सीए के यहां कार्रवाई की है। बाकी जानकारी की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक वृंदावन के रहने वाले लालाराम शर्मा के माध्यम से हरियाणा के रेवाड़ी जिला स्थित चामड़िया ग्रुप ने वर्ष 2022 से 2024 तक तीन साल में 900 करोड़ रुपये के सीएसआर फंड की रकम भीलवाड़ा स्थित जन जागृति ट्रस्ट के नाम भेजी थी। इसके बाद लालाराम ने इस रकम की ऑडिट मथुरा की सीए फर्म से कराई । इसमें राधावैली निवासी सीए आशुतोष अग्रवाल, जनरलगंज निवासी मनीष सिंघल व भरतपुर गेट निवासी सीए सर्वेश मित्तल शामिल थे। सीएसआर फंड की इतनी बड़ी रकम की फंडिंग होने के बाद आयकर विभाग की टीम मामले की खोजबीन में जुट गई। टीम ने ट्रस्ट के दस्तावेज खंगाले तो पता चला कि लालाराम शर्मा ने सीएसआर फंड के नाम पर करोड़ों का गोलमाल किया है।
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जांच के यह भी पता चला कि लालाराम ने सीए सर्वेश मित्तल के महोली रोड स्थित मार्किट में एक हिस्सा किराये पर लेकर उस पते पर करीब दो दर्जन से अधिक फर्जी फर्म बना लीं। चामड़िया ग्रुप से इन फर्जी फर्मों व भीलवाड़ा स्थित जन जागृति ट्रस्ट के नाम सीएसआर फंड लिया गया। इसका रकम का 25 फीसदी पैसा अपने पास रख लिया और बाकी फंड वापस कर दिया। जांच पड़ताल के बाद टीम हकीकत जानने के लिए मंगलवार को सीएसआर फंड ऑडिट करने वाले तीनों सीए आशुतोष अग्रवाल, मनीष सिंघल व सर्वेश से पूछताछ की और बयान दर्ज किए हैं। हालांकि टीम इससे पहले भी तीनों से सीए से पूछताछ कर चुकी है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया है कि आयकर विभाग ने तीन सीए के यहां कार्रवाई की है। बाकी जानकारी की जा रही है।
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