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Mathura News: अनियमितता और लापरवाही में आईएसबीटी इंचार्ज निलंबित
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मथुरा। विभागीय कार्यों ने रूचि न लेना आईएसबीटी बस अड्डा इंचार्ज को भारी पड़ गया। लापरवाही उजागर होने पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने आईएसबीटी इंचार्ज को निलंबित कर दिया है।
आईएसबीटी बस अड्डा इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनपर कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि चार्ज लेने के बाद से आईएसबीटी इंचार्ज निगम के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे।
उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी। बस अड्डा टैक्स को निजी स्वार्थ में प्रयोग कर रहे थे। मनमर्जी से आगामी दिवस में बस अड्डा टैक्स की धनराशि जमा कर रहे थे। बस अड्डे के अंदर अनाधिकृत रूप से दो ढकेल लगवा दी थीं। 17 अप्रैल को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान कार्य पर उपस्थित नहीं मिले थे। जांच में शिकायत सही मिलने पर इंचार्ज के निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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आईएसबीटी बस अड्डे को बना लिया था कमाई का जरिया
आईएसबीटी इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह के निलंबन के बाद विभागीय कर्मचारियों में खलबली मच गई है। दबी जुबान विभागीय कर्मचारी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बस अड्डे पर अवैध तरीके से कमाई की जा रही थी। अनाधिकृत तरीके से बस अड्डे में लगी ढकेलों से वसूली की जा रही थी। पद का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा रहा था।
निलंबित इंचार्ज को देना होगा प्रमाण पत्र
लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित हुए अखंड प्रताप सिंह को निगम के नियम अनुसार अर्द्धवेतन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए भी उन्हें निगम कार्यालय में प्रमाण पत्र देना होगा कि किसी अन्य सेवा योजन, व्यापार में नहीं लगे हैं।
काम में लापरवाही और अनियमितता उजागर होने पर आईएसबीटी इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। काम में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक
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आईएसबीटी बस अड्डा इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह को निलंबित कर दिया गया है। उनपर कई तरह के गंभीर आरोप लगे हैं। क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि चार्ज लेने के बाद से आईएसबीटी इंचार्ज निगम के कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे।
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उनके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थी। बस अड्डा टैक्स को निजी स्वार्थ में प्रयोग कर रहे थे। मनमर्जी से आगामी दिवस में बस अड्डा टैक्स की धनराशि जमा कर रहे थे। बस अड्डे के अंदर अनाधिकृत रूप से दो ढकेल लगवा दी थीं। 17 अप्रैल को सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक के निरीक्षण के दौरान कार्य पर उपस्थित नहीं मिले थे। जांच में शिकायत सही मिलने पर इंचार्ज के निलंबन की कार्रवाई की गई है।
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आईएसबीटी बस अड्डे को बना लिया था कमाई का जरिया
आईएसबीटी इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह के निलंबन के बाद विभागीय कर्मचारियों में खलबली मच गई है। दबी जुबान विभागीय कर्मचारी इस बात की गवाही दे रहे हैं कि बस अड्डे पर अवैध तरीके से कमाई की जा रही थी। अनाधिकृत तरीके से बस अड्डे में लगी ढकेलों से वसूली की जा रही थी। पद का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए किया जा रहा था।
निलंबित इंचार्ज को देना होगा प्रमाण पत्र
लापरवाही और अनियमितता बरतने के आरोप में निलंबित हुए अखंड प्रताप सिंह को निगम के नियम अनुसार अर्द्धवेतन का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए भी उन्हें निगम कार्यालय में प्रमाण पत्र देना होगा कि किसी अन्य सेवा योजन, व्यापार में नहीं लगे हैं।
काम में लापरवाही और अनियमितता उजागर होने पर आईएसबीटी इंचार्ज अखंड प्रताप सिंह को निलंबित किया गया है। काम में लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
-ब्रह्म प्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक