{"_id":"6a495c7ad768cea95a0d8e7b","slug":"independent-inquiry-land-purchase-banke-bihari-corridor-mathura-news-c-161-1-mt11010-103354-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बांकेबिहारी कॉरिडोर में मंदिर निधि से हुई भूमि खरीद की स्वतंत्र जांच की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बांकेबिहारी कॉरिडोर में मंदिर निधि से हुई भूमि खरीद की स्वतंत्र जांच की मांग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वृंदावन। ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज मंदिर की प्रस्तावित कॉरिडोर परियोजना के लिए मंदिर निधि से की गई भूमि खरीद की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की मांग उठी है। शनिवार को हाईपावर्ड मैनेजमेंट कमेटी के गोस्वामी सदस्यों को ज्ञापन सौंपा गया। वहीं ज्ञापन की प्रतियां अन्य सक्षम प्राधिकारियों को स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजी गई हैं।
ज्ञापन में दावा किया गया है कि पंजीकरण विभाग (आईजीआरएस) से प्राप्त विक्रय विलेखों, उपलब्ध अभिलेखों और अन्य तथ्यों के अध्ययन के आधार पर भूमि खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है। ज्ञापन देने वालों ने पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि मंदिर निधि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। ऐसे में निधि से होने वाले प्रत्येक व्यय में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, जांच पूरी होने तक भूमि खरीद से जुड़े सभी अभिलेखों की समीक्षा कर आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। कांग्रेस नेता दीपक पाराशर का कहना है कि हाल में अयोध्या के राम मंदिर में चोरी की घटना के बाद प्रमुख मंदिरों की संपत्तियों और निधियों की सुरक्षा तथा पारदर्शिता को लेकर श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ी है।
ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया है कि कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत मंदिर निधि से किए गए सभी भूमि क्रय, मूल्यांकन रिपोर्ट, भुगतान अभिलेख, उपसमिति की कार्यवाही, स्वीकृतियां एवं संबंधित अभिलेखों का किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से परीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, नियमों के उल्लंघन अथवा मंदिर निधि के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और अब तक हुई सभी बैनामे रद्द या अवैध की जाएं। ज्ञापन देने वालों में सोहन लाल मिश्र, रुक्मणि रमण गोस्वामी, पुनीत बल्लभ गौतम, अलौकिक शर्मा, कूका गुरु, मनमोहन गोस्वामी, नीरज गौतम, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में दावा किया गया है कि पंजीकरण विभाग (आईजीआरएस) से प्राप्त विक्रय विलेखों, उपलब्ध अभिलेखों और अन्य तथ्यों के अध्ययन के आधार पर भूमि खरीद प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है। ज्ञापन देने वालों ने पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एजेंसी से समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि मंदिर निधि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है। ऐसे में निधि से होने वाले प्रत्येक व्यय में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही, जांच पूरी होने तक भूमि खरीद से जुड़े सभी अभिलेखों की समीक्षा कर आवश्यक तथ्यों को सार्वजनिक करने की भी मांग की गई है। कांग्रेस नेता दीपक पाराशर का कहना है कि हाल में अयोध्या के राम मंदिर में चोरी की घटना के बाद प्रमुख मंदिरों की संपत्तियों और निधियों की सुरक्षा तथा पारदर्शिता को लेकर श्रद्धालुओं की चिंता बढ़ी है।
विज्ञापन
ज्ञापन में यह भी अनुरोध किया गया है कि कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत मंदिर निधि से किए गए सभी भूमि क्रय, मूल्यांकन रिपोर्ट, भुगतान अभिलेख, उपसमिति की कार्यवाही, स्वीकृतियां एवं संबंधित अभिलेखों का किसी स्वतंत्र एवं सक्षम एजेंसी से परीक्षण कराया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता, नियमों के उल्लंघन अथवा मंदिर निधि के दुरुपयोग के तथ्य सामने आते हैं तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और अब तक हुई सभी बैनामे रद्द या अवैध की जाएं। ज्ञापन देने वालों में सोहन लाल मिश्र, रुक्मणि रमण गोस्वामी, पुनीत बल्लभ गौतम, अलौकिक शर्मा, कूका गुरु, मनमोहन गोस्वामी, नीरज गौतम, मनीष शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन