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Mathura News: गैर सत्यापित किराएदार ने की वारदात तो नपेगा मकान मालिक
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मथुरा। जिला पुलिस ने किराएदारों के सत्यापन का अभियान शुरू किया है। हाल के दिनों में बाहरी जिलों व प्रदेशों के अपराधियों द्वारा मथुरा में किराए के मकानों में रहकर की गई वारदात के बाद एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय के स्तर से इस अभियान की शुरुआत की गई है।
एसएसपी ने बताया कि थाना स्तर पर इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गली-गली जाकर किराएदारों की सूची बना रही हैं। इसके बाद सत्यापन होगा। इसमें मुख्य रूप से देखा जाएगा कि किराएदार के खिलाफ कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं है। यह कवायद हाल की कई घटनाओं में किराए पर रहने वाले बदमाशों के शामिल मिलने के बाद की जा रही है। कई बार देखा गया है कि मकान मालिक को किराएदार का मूल पता तो दूर असली नाम तक नहीं मालूम होता है। एसएसपी ने साफ किया कि किराएदार सत्यापन न कराने की स्थिति में मकान मालिक उसके किराएदार द्वारा की गई वारदात के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मकान मालिकों पर भी जुर्माने का प्रावधान है।
घर बैठे खुद ही करा सकते हैं यूपी कॉप से सत्यापन
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि यूपी पुलिस के यूपी कॉप एप पर किराएदार सत्यापन का फार्म उपलब्ध है। इसे मकान मालिक को भरना है। वह फार्म डाउनलोड करके भरने के बाद थाने पर दे सकता है। ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। फार्म के साथ ही ऑनलाइन ही 50 रुपये की फीस जमा होती है।
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तीन हजार से अधिक किराएदार होने का अनुमान
जिला पुलिस के एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब तीन हजार लोग, जो कि बाहरी जिलों या प्रदेश के रहने वाले हैं। वे किराए के मकान लेकर मथुरा जिले में निवास कर रहे हैं। सबसे अधिक किराएदार नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं।
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एसएसपी ने बताया कि थाना स्तर पर इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें गली-गली जाकर किराएदारों की सूची बना रही हैं। इसके बाद सत्यापन होगा। इसमें मुख्य रूप से देखा जाएगा कि किराएदार के खिलाफ कोई मुकदमा तो दर्ज नहीं है। यह कवायद हाल की कई घटनाओं में किराए पर रहने वाले बदमाशों के शामिल मिलने के बाद की जा रही है। कई बार देखा गया है कि मकान मालिक को किराएदार का मूल पता तो दूर असली नाम तक नहीं मालूम होता है। एसएसपी ने साफ किया कि किराएदार सत्यापन न कराने की स्थिति में मकान मालिक उसके किराएदार द्वारा की गई वारदात के लिए जिम्मेदार माना जाएगा। ऐसे मकान मालिकों पर भी जुर्माने का प्रावधान है।
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घर बैठे खुद ही करा सकते हैं यूपी कॉप से सत्यापन
एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि यूपी पुलिस के यूपी कॉप एप पर किराएदार सत्यापन का फार्म उपलब्ध है। इसे मकान मालिक को भरना है। वह फार्म डाउनलोड करके भरने के बाद थाने पर दे सकता है। ऑनलाइन भी भरा जा सकता है। फार्म के साथ ही ऑनलाइन ही 50 रुपये की फीस जमा होती है।
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तीन हजार से अधिक किराएदार होने का अनुमान
जिला पुलिस के एक अनुमान के मुताबिक जिले में करीब तीन हजार लोग, जो कि बाहरी जिलों या प्रदेश के रहने वाले हैं। वे किराए के मकान लेकर मथुरा जिले में निवास कर रहे हैं। सबसे अधिक किराएदार नगर निगम क्षेत्र में रहते हैं।